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Matto Ki Saikil Trailer: प्रकाश झा की सादगी है देखने लायक, इमोशनल करेगी कहानी

'मृत्युदंड' 'गंगाजल' 'राजनीति' जैसी बेहतरीन फिल्में बना चुके डायरेक्टर प्रकाश झा की नई फिल्म 'मट्टो की साइकिल' का ट्रेलर आ गया है. प्रकाश इस बार फिल्म के डायरेक्टर नहीं, लीडिंग एक्टर हैं. कहानी में एक मजदूर के रोल में नजर आ रहे प्रकाश का बेहतरीन काम यकीनन आपके इमोशंस को एकदम सही जगह पर हिट करता है.

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'मट्टो की साइकिल' में प्रकाश झा
'मट्टो की साइकिल' में प्रकाश झा

राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर बेहतरीन फिल्में बनाने के लिए मशहूर डायरेक्टर प्रकाश झा ने 2016 में फिल्म 'जय गंगाजल' से अपना एक्टिंग डेब्यू किया था. इसके बाद तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर की फिल्म 'सांड की आंख' में भी उन्होंने एक महत्वपूर्ण किरदार निभाया था. दोनों फिल्मों में प्रकाश की परफॉरमेंस के लिए उनकी बहुत तारीफ हुई. 

अब प्रकाश झा की नई फिल्म आ रही है जिसका नाम है 'मट्टो की साइकिल'. इस बार वो फिल्म में लीड रोल निभा रहे हैं और ट्रेलर से ही एक्टिंग में उनकी मास्टरी साफ नजर आ रही है.

एक इमोशनल कहानी 
ट्रेलर के हिसाब से 'मट्टो की साइकिल' एक बहुत सिंपल मगर बेहद संजीदा कहानी लग रही है, जिसमें प्रकाश झा एक मजदूर के किरदार में हैं. इस किरदार की कहानी में उसकी सबसे पक्की साथी उसकी साइकिल है. ट्रेलर की शुरुआत से ही मट्टो अपनी इस पुरानी साइकिल के साथ संघर्ष करता दिखता है.

लगभग ढाई मिनट लम्बे ट्रेलर में दिखाई पड़ता है कि मट्टो अपनी दिहाड़ी से किसी तरह परिवार का गुजारा चला रहा है. कहानी में उसकी एक बेटी भी है जो शादी करने लायक है. इस सब के बीच उसकी साइकिल टूट जाती है. 

प्रकाश झा का ऑथेंटिक काम 

'मट्टो की साइकिल' के ट्रेलर में सबसे ज्यादा इम्प्रेस करने वाली चीज है कहानी की सादगी. डायरेक्टर एम गनी की ये फिल्म बेहद ऑथेंटिक है और प्रकाश जैसे अपने किरदार में ही घुले हुए नजर आते हैं. प्रकाश झा की पूरी बॉडी लैंग्वेज और एक एक एक्सप्रेशन उनके किरदार को बहुत रियल बना रहा है. ऊपर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इटावा-कन्नौज इलाके में बोले जाने वाली ब्रज बोली पर उनकी पकड़ बहुत इम्प्रेसिव है. यहां देखिए ट्रेलर:

'मट्टो की साइकिल' का ट्रेलर दिल को छू जाने वाला है और कहानी के इमोशन एकदम सही नोट पर हिट करते हैं. 16 सितम्बर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म का प्रीमियर 2020 में 25 वें बुसान अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में हुआ था.

फिल्म के बारे में प्रकाश झा कहते है, 'फिल्म की कहानी मेरे दिल को छू गयी. ये ऐसे लाचार मजदूरों की कहानी है जो बड़े बड़े हाईवे, रोड और ब्रिज तो बनाते हैं लेकिन उनकी खुद की जिंदगी ऐसे पथरीले रास्तों के बीच फंस कर रह जाती है जिनकी कोई मंजिल नहीं, जहां कोई रोशनी नहीं, सिर्फ दर्द की अंधेरी रात बच जाती है. ये फिल्म मुझे 1980 की यादों में लेकर चली गयी जब मैंने अपने करियर की शुरुआत डॉक्यूमेंट्री फिल्म्स और 'दामुल' से की थी जो कि मजदूरों के हालात पर बनाई गई थी'.

एक्टर के साथ साथ प्रकाश फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं. उन्होंने कहा, 'जब फिल्म के डायरेक्टर गनी मेरे पास ये स्क्रिप्ट लेकर आए और उन्होंने मुझे मट्टो का अहम किरदार निभाने के लिए कहा और जब मैंने फिल्म की कहानी सुनी, तो न सिर्फ एक्टिंग के लिए हां कहा बल्कि प्रोडक्शन की सहायता के लिए भी हाथ बढ़ाया'.

16 सितम्बर को थिएटर्स में आने के लिए तैयार इस फिल्म का ट्रेलर यकीनन आपके दिल को छू जाएगा. तो क्या आप फिल्म देखने के लिए तैयार हैं?

 

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