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#BoycottLaalSinghChaddha ट्रेंड: कंट्रोवर्सी से हिट होती हैं फिल्में! लेकिन नियम-शर्तें हैं लागू

आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' 11 अगस्त को रिलीज होनी है. इधर ट्विटर पर #BoycottLaalSinghChaddha ट्रेंड होने लगा. इस विरोध का कारण सालों पुराना है. बॉलीवुड फिल्मों का विरोध होना कोई नई बात नहीं है. हालांकि इसके बावजूद फिल्में हिट हो जाती हैं. लेकिन इस विरोध में एक बड़ा पेंच है जो तय करता है कि फिल्म चलेगी या नहीं!

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लाल सिंह चड्ढा लाल सिंह चड्ढा

2018 में 'ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान' के बड़े फेलियर के बाद आमिर खान (Aamir Khan) फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' (Laal Singh Chaddha) के साथ एक बार फिर जनता का दिल जीतने की कोशिश करने आ रहे हैं. ये ऑस्कर जीतने वाली हॉलीवुड फिल्म 'फॉरेस्ट गम्प' का इंडियन एडाप्टेशन है.

कहानी में इमोशनल अपील है, आमिर खान हैं, उनके साथ करीना कपूर हैं और बड़े प्यारे गाने हैं. ऐसे में आमिर और मेकर्स को पूरी उम्मीद होगी कि फिल्म थिएटर्स में पहुंचेगी और बॉक्स ऑफिस पर तूफान खड़ा कर देगी. 11 अगस्त को रिलीज के लिए तैयार 'लाल सिंह चड्ढा' के रास्ते में अब एक रोड़ा आ गया है. 

फिल्म की रिलीज को 10 दिन से भी कम बचे हैं और सोशल मीडिया पर फिल्म का बॉयकॉट करने की अपील जोर पकड़ चुकी है. सोमवार को ट्विटर पर #BoycottLaalSinghChaddha खूब ट्रेंड हुआ. वजह थी आमिर का 2015 में दिया एक बयान.

क्या था आमिर का बयान

आमिर ने उस वक्त चल रही असहिष्णुता की बहस पर अपनी राय रखते हुए बताया था कि उनकी पत्नी किरण राव खबरों में दिख रहे माहौल को देखकर टेंशन में आ जाती हैं. उन्हें अपने बच्चे के लिए डर लगता है. और इसी चक्कर में कई बार पूछ बैठती हैं कि 'क्या हमें इंडिया से बाहर चले जाना चाहिए?'

आमिर ने बयान दिया, बयान से सोशल मीडिया पर बवाल हुआ और विरोध शुरू हो गया. आम लोग तो आमिर से खफा थे ही, उनके साथी बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने भी रियेक्ट करते हुए कहा कि हर देश में कुछ न कुछ ऊंच-नीच होता रहता है, लेकिन किसी को ऐसे "बोल्ड" बयान नहीं देने चाहिए. 

आमिर ने माफी मांग ली. बोले कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और जो आहत हैं उनकी फीलिंग्स भी वो समझते हैं. अपने बयान के बचाव में आमिर बोले "जब भी मैं विदेश जाता हूं, मैं दो हफ्ते से ज्यादा अपने देश से दूर नहीं रह पाता. मैं होमसिक होने लगता हूं." अपने बचाव में आमिर ने यहां तक कहा कि 'मैं यहीं पैदा हुआ हूं और यहीं मरूंगा.'!

पीके

ये बात 'पीके' (2014) की रिलीज से पहले की है. खुद 'पीके' का भी बहुत विरोध हुआ था और कारण था फिल्म के सीन्स.कई लोगों ने फिल्म पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया और सोशल मीडिया पर अपना विरोध भी दर्ज किया. लेकिन बात आमिर से नहीं, फिल्म से जुड़ी थी. फिल्मों पर कंट्रोवर्सी होती है तो और चर्चा मिलती है इसलिए अक्सर फिल्मों का फायदा ही होता है. 'पीके' के साथ भी यही हुआ.

इसके बाद आमिर के बयान के बैकग्राउंड के साथ  2016 में 'दंगल' रिलीज हुई. फिल्म ब्लॉकबस्टर हुई और आजतक दुनिया भर में सबसे कमाऊ बॉलीवुड फिल्म है. इसके समय भी सोशल मीडिया पर बायकॉट वाली अपील्स शुरू हुईं. कारण आमिर का वो बयान ही था, लेकिन पहले आमिर अपने बयान की सफाई दे चुके थे और फिल्म में कुछ भी विवादित नहीं था, उल्टा कहानी इमोशनल थी इसलिए रिलीज के बाद फिल्म देखकर जनता बहुत खुश हुई. 

रणवीर-दीपिका के साथ भी हुआ ऐसा

सोशल मीडिया पर फिल्मों का विरोध होना कोई नई बात नहीं है. दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की 'राम लीला' हो या 'पद्मावत' या फिर 'बाजीराव मस्तानी' सोशल मीडिया पर खूब विरोध हुआ. लेकिन फिल्में हिट हुईं. तो क्या आमिर खान की 'लाल सिंह चड्ढा' भी हिट हो जाएगी? सीधा जवाब तो फिल्म रिलीज के बाद ही मिलेगा. लेकिन अभी जो नजर आ रहा है, वो जवाब नहीं एक ऑब्जरवेशन है.

राम लीला

फिल्मों का विरोध होता रहता है तब भी वो हिट हो जाती हैं, लेकिन अगर विरोध एक्टर का हो तो मामला थोड़ा फंस जाता है. इसके पीछे वजह ये है कि जब जब फिल्म के कंटेंट पर सवाल उठा लोग उसे देखने सिनेमाघर तक गए. लेकिन जब फिल्मों को छोड़ एक्टर के बयान पर हंगमा हुआ तो उसका जवाब सोशल मीडिया पर देकर किनारा कर लिया. आइए आपको बताते हैं कैसे:

छपाक और 83

रणवीर-दीपिका की राम लीला (2013), बाजीराव मस्तानी (2015) और पद्मावत (2018) तीनों का अपने-अपने समय पर विरोध हुआ. राम लीला के समय भी वही धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा और मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. बाजीराव मस्तानी के वक्त पिंगा गाने का विरोध हुआ, ये कहते हुए कि मेकर्स ने 'काशीबाई' और 'मस्तानी' के किरदारों को गलत तरीके से दिखाया है. पद्मावत के समय तो सोशल मीडिया पर बॉयकॉट की जोरदार अपीलें हुईं. मगर विरोध के बावजूद ये फिल्में न सिर्फ रिलीज हुईं, बल्कि जोरदार हिट्स भी साबित हुईं.

लेकिन जनवरी 2020 में जब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) का विवाद एकदम जोरों पर था, दीपिका यूनिवर्सिटी जा पहुंचीं. दीपिका यूनिवर्सिटी पहुंचीं और 2 दिन बाद उनकी फिल्म 'छपाक' रिलीज होनी थी. हालांकि उन्होंने वहां कोई बयान वगैरह नहीं दिया, लेकिन उनका ये स्टैंड लोगों को याद रह गया. नतीजा ये हुए कि सोशल मीडिया पर बॉयकॉट करने की अपील खूब ट्रेंड हुई. दीपिका की दमदार परफॉरमेंस, उनकी स्टारपावर और एसिड अटैक जैसे बेहद सेंसिटिव मुद्दे पर होने के बावजूद 'छपाक' का कलेक्शन उम्मीद से काफी कम रहा.  

दीपिका पादुकोण JNU में

दीपिका का ये बयान एक बार फिर से बाहर आया जब उनकी प्रोड्यूस की हुई फिल्म '83' रिलीज होनी थी. फिल्म के बॉयकॉट की अपील के साथ दीपिका का JNU में खड़े हुए फोटो दोबारा सोशल मीडिया पर चलने लगा. इसके साथ रणवीर का एक ऐड भी वायरल होने लगा. लोगों ने आरोप लगाया कि रणवीर इस ऐड में स्वर्गीय एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का मजाक बना रहे हैं. 

83 की रिलीज से एक शाम पहले माहौल गर्म होना शुरू हुआ 83 ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन तो किया, मगर कुल मिलाकर ये फिल्म सुपरहिट नहीं साबित हुई, जिसकी उम्मीद की गई थी.  

ओह माय गॉड और सम्राट पृथ्वीराज

अक्षय कुमार की फिल्म 'ओह माय गॉड' जब रिलीज हुई तो फिर से धार्मिक भावनाएं आहत करने का दावा करते लोगों ने फिल्म का विरोध किया. लेकिन लोग अक्षय से नहीं, फिल्म से खफा थे. हालांकि उस समय अक्षय ने एक बयान दिया था कि 'ओह माय गॉड' ने उन्हें किस तरह बदला है. अक्षय ने कहा था कि अब उन्होंने मंदिर जाना बंद कर दिया है.

उन्होंने कहा , 'मैं लोगों से पूछना चाहता हूं कि उनकी मंदिर की परिभाषा क्या है! इस शब्द का असली मतलब है 'मन के अंदर', जिसका मतलब है कि ईश्वर हम में ही रहता है.' अक्षय ने बताया, उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि वो मंदिरों और धार्मिक जगहों पर जाने में 4-5 लाख रूपए खर्च कर देते हैं. फर्स्ट क्लास में ट्रेवल करते हैं, फाइव स्टार होटल में रहते हैं, सिक्योरिटी के साथ जाते हैं. अब वो यही रकम परेल के एक हॉस्पिटल में कैंसर पेशंट्स की मदद के लिए दे देते हैं. 

इन्टरनेट की दिक्कत ये है कि यहां कुछ भी खत्म नहीं होता. अक्षय 2022 में अपनी फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' (Samrat Prithviraj) प्रोमोट कर रहे थे. फिल्म की एक्ट्रेस के साथ सोमनाथ ज्योतिर्लिंग जा पहुंचे. फिल्म बनने के समय से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोग अक्षय से फिल्म के टाइटल को लेकर खफा थे. तो कुछ ट्रेलर देखकर कहने लगे कि फिल्म में दिखाया इतिहास गलत है.

सम्राट पृथ्वीराज

दो अलग-अलग समुदायों में फिल्म को लेकर गहमा-गहमी भी हो गई. ऊपर से सम्राट पृथ्वीराज बने अक्षय का लुक भी लोगों को पसंद नहीं आया. नतीजा ये हुआ कि अक्षय का ग्रैंड प्रोजेक्ट 'सम्राट पृथ्वीराज' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गया.

अब बारी आमिर की है. 'लाल सिंह चड्ढा' के बॉयकॉट की अपील की जा रही है लेकिन इसकी जड़ में एक तो आमिर का पुराना बयान है. ऊपर से जो लोग 'पीके' के सीन्स से नाराज थे, वो उसके लिए भी आमिर को सोशल मीडिया पर जिम्मेदार ठहराने लगे हैं. इस बार जब आमिर का बयान बाहर निकला है तो उनकी बॉक्स ऑफिस पावर पहले ही खतरे में है.

2018 में आई उनकी फिल्म 'ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान' बड़ी फ्लॉप थी और पिछले 4 साल में उनकी कोई फिल्म नहीं आई है. ऐसे में विरोध फिल्म से ज्यादा आमिर पर आ कर टिक गया है. अब सारा कमाल फिल्म की कहानी पर है. अगर 'लाल सिंह चड्ढा' की कहानी में दम होगा तो बॉक्स ऑफिस पर उनका दम वापिस लौट आएगा और हेतर्स को जवाब अपने आप मिल जाएगा. 

 

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