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कंगना रनौत ने बताया क्यों हिट है साउथ की फिल्में, बॉलीवुड के फ्लॉप होने पर कहा- इन्होंने भारतीय होने में शर्म महसूस करवाई

Panchayat Aaj Tak Himachal Pradesh: बॉलीवुड ही नहीं साउथ में भी अपना नाम बना चुकीं कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश में चल रहे 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम का हिस्सा बनीं. बॉलीवुड से लेकर देश की राजनीति तक पर बेबाकी से अपनी राय रखने वालीं कंगना ने इस कार्यक्रम में भी हर सवाल का खुलकर जवाब दिया.

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कंगना रनौत
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कंगना रनौत

बॉलीवुड में नेपोटिज्म के मुद्दे पर हमेशा खूब एक्टिव रहीं एक्ट्रेस कंगना रनौत अपनी राय रखने में बिल्कुल भी पीछे नहीं रहतीं. चाहे देश की राजनीति हो या फिर राष्ट्रवाद का मुद्दा, कंगना ऐसी सेलेब्रिटी हैं जो बेबाक होकर बात करती हैं. शनिवार को हिमाचल प्रदेश में हुए 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में राजनीति से जुड़े कई बड़े नामों के साथ कंगना भी शामिल हुईं. 

फ्लॉप फिल्में देते बॉलीवुड के सामने जोरदार कमाई करतीं साउथ फिल्मों और फिल्म इंडस्ट्री में आए बड़े बदलाव पर कंगना ने बहुत खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि बॉलीवुड ने बड़े लंबे समय तक भारतीयों को उनकी पहचान को लेकर गिल्ट महसूस करवाया है और उन्हें खराब तरीके से दिखाया है. यही वजह है कि अब लोग साउथ का सिनेमा खूब पसंद कर रहे हैं क्योंकि वहां उनकी भारतीयता गर्व से दिखाई जाती है. इंडिया टुडे ग्रुप के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल के साथ बातचीत में कंगना ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की और उनके जोरदार जवाब दिए.  

क्यों फ्लॉप हो रहा बॉलीवुड और चल रहीं साउथ की फिल्में
कंगना ने कहा कि साउथ फिल्मों के चलने का सबसे बड़ा कारण ये है कि उनकी फिल्मों में भारतीयता उभर कर नजर आती है. उन्होंने कहा, 'जो भी फिल्में चल रही हैं इस समय, वो बहुत ज्यादा भारतीयता वाली हैं. आप 'कांतारा' भी देखिए, इनमें भारत का एक ऐसा पहलू दिखाया जाता है जो माइक्रो लेवल पर भक्ति या आध्यात्म से जुड़ा है. PS-1 भी वैसी ही रही, चोल साम्राज्य के बारे में. हमारा बॉलीवुड जो है वो संस्कृति से बिल्कुल दूर जाकर बहुत वेस्टर्नाइज हो चुका है. और पश्चिम से प्रभावित होकर वेस्टर्न फिल्में बनाने का जो उनका प्रचलन है, भारतीयता से दूर जाकर, उससे लोग कनेक्ट नहीं कर पा रहे हैं.'

कंगना ने 2022 में आई अपनी फिल्म 'धाकड़' की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अपनी फिल्म फ्लॉप होने से भी उन्हें यही बात समझ आई कि बहुत ज्यादा वेस्टर्न किरदार से दर्शक खुद को आइडेंटिफाई नहीं कर पा रहे. आगे कंगना ने कहा, 'पहली बार एक भारतीय प्राउड फील कर रहा है अपनी संस्कृति पर, अपने पहनावे पर, अपने कलर पर, अपने स्किन टोन पर. हर भारतीय में अचानक एक गर्व का सेंस आ गया है. वो उस प्राइड के साथ कनेक्ट करना चाहते हैं और जो भी उन्हें ये कनेक्ट महसूस करवा रहा है, उसे लोग सपोर्ट कर रहे हैं. RRR हो गई. मैंने भी साउथ में काम किया है, मेरी फिल्म 'थलाईवी' जो बहुत चली, वो भी देखिए भारतीयता से जुड़ी हुई थी.'

कंगना ने कहा कि साउथ की फिल्में भारत की संस्कृति, सभ्यता और धर्म से बहुत जुड़ी हुई हैं इसलिए लोग उन्हें देखकर प्रेरणा ले रहे हैं, उनसे कनेक्ट कर रहे हैं. 

ट्विटर वापसी पर क्या बोलीं कंगना?
पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने कंगना का अकाउंट सस्पेंड कर दिया था. अब एलन मस्क के ट्विटर खरीदने के बाद, कई ट्विटर यूजर्स ने इस तरह के ट्वीट करने शुरू कर दिए कि कंगना का अकाउंट फिर से एक्टिवेट कर दिया जाना चाहिए. इस बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा, 'ट्विटर पर मैं एक साल के लिए थी और ट्विटर मुझे एक साल के लिए नहीं झेल सका. सोचो. लोग दस-दस साल से ट्विटर पर हैं. मुझे अभी इंस्टाग्राम पर एक साल हुआ है, इस मई में. और मुझे अभी से 3 वार्निंग आ चुकी हैं. तो मैंने सोचा मैं करती ही नहीं हूं इंस्टाग्राम. मैं खुद नहीं कर रही, मेरी टीम कर रही है और तबसे सब ठीक है.'

कंगना ने कहा कि वो ट्विटर पर न होने से बहुत खुश हैं क्योंकि उनका ट्वीट करना लोगों के लिए बहुत सेंसेशनल हो जाता है, मगर उनके लिए समस्याएं खड़ी हो जाती हैं और केस शुरू हो जाते हैं. हालांकि, कंगना ने ये जरूर कहा कि ट्विटर की बहसों में उन्हें बहुत मजा आता है और ये एक जब लोग जुट जाते हैं तो टीम्स बनाकर बहसें शुरू हो जाती हैं, जो उन्हें बड़ा मजेदार लगता है. कंगना ने कहा कि अगर उनका ट्विटर अकाउंट फिर से एक्टिव हो गया तो लोगों को फिर बहुत सारा मसाला मिलने वाला है. 

सुपरस्टार्स की जवाबदेही

कुछ समय पहले आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त बायकॉट कैम्पेन चला. 'लाल सिंह चड्ढा' फ्लॉप हुई और बहुत सारे लोगों का ये मानना है कि ऐसा फिल्म के बायकॉट की वजह से हुआ. हाल ही में तेजी से बढ़े इस बायकॉट कल्चर पर कंगना ने कहा कि बड़े-बड़े सुपरस्टार्स को तमाम प्रिविलेज हासिल हैं, जो काम 2 करोड़ का है उसके लिए वो 200 करोड़ लेते हैं. अब जनता इन सुपरस्टार्स से इनके सारे प्रिविलेज का हिसाब मांग रही है और सवाल उठा रही है कि वो सही सुपरस्टार हैं या नहीं.

आमिर खान के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा, 'जब हमारे देश में टेंशन चल रही है, और जब तुर्किस्तान ने हमारे देश के लिए कुछ गलत कहा है, तो आप अगले दिन वहां जा कर अपनी सहमति देते हैं, फोटो खिंचवा रहे हैं. देश को इनटॉलरेंट कह के पूरी दुनिया में देश की बदनामी करते हैं. तो एक आम इन्सान की जिंदगी में सवाल आ जाता है कि यार क्या तुम वो इन्सान हो जिसे मैं सुपरस्टार मानना चाहूंगा? या जिसके लिए मैं अपनी आमदनी, अपने मेहनत से कमाए पैसों का एक हिस्सा देना चाहूंगा?'

कंगना ने कहा कि बॉलीवुड फिल्मों ने भारतीय को भारतीय होने पर लज्जा महसूस करवाई है और दिखाया जाता रहा है. पुरानी फिल्मों में यही दिखाया जाता रहा कि इंडियन का मतलब चालू, या जुगाड़. लेकिन अब ऐसा नहीं है.  

क्या कम हुआ नेपोटिज्म?
कंगना ने नेपोटिज्म के मुद्दे पर कई सालों से बहुत मुखर रही हैं और उन्होंने हमेशा बॉलीवुड को इसके लिए टारगेट भी किया है. लेकिन कंगना की इस पूरी लड़ाई का फायदा क्या हुआ? क्या नेपोटिज्म कम हुआ? इसके जवाब में कंगना ने कहा, 'नेपोटिज्म खत्म कभी नहीं हो सकता क्योंकि वो एक बहुत पक्के सिस्टम के जरिए चल रहा है. लेकिन अब लोग जाग गए हैं.' कंगना ने कहा कि नेपोटिज्म के खिलाफ उनकी पूरी मुहीम का एक फायदा जरूर हुआ है. पहले किसी बॉलीवुड स्टार का बेटा या बेटी होने के नाते जनता खराब एक्टर्स को भी एक डिस्काउंट देती रहती थी, जो अब मिलना बंद हो गया है. 

कंगना बनाम बॉलीवुड 
जब कंगना से पूछा गया कि बॉलीवुड में उनका सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? उन्होंने कहा, 'ये मैं बनाम बॉलीवुड है, जो साफ दिख रहा है.' कंगना ने कहा कि ट्रेडिशनली बॉलीवुड अपने देश, अपने वैल्यूज को छोटा दिखा कर, अपने मुनाफे के लिए फिल्में बना रहा है. जबकि अब बॉलीवुड में एक नए फिल्ममेकर्स का ग्रुप है जो देश को अच्छी रौशनी में दिखा रहा है, पिछड़ी हुई कम्युनिटीज को न्याय दिलाने की बात कर रहा है.

 

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