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UP Election: वर्चुअल रैली के नाम पर जुटाई भारी भीड़, 2500 सपा नेताओं पर FIR दर्ज

सपा की लखनऊ वाली रैली को लेकर विवाद बड़ा हो गया है. कहने को वो एक वर्चुअल रैली थी, लेकिन कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम देखने को मिला. अब खबर है कि उस भीड़ की वजह से सपा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. 2500 कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत हुई है.

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अखिलेश की रैली में भारी भीड़ अखिलेश की रैली में भारी भीड़
14:28
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना की वजह से रैलियों पर लगी है रोक
  • 15 जनवरी के बाद लिया जाएगा रैली पर फैसला
  • अभी रोड शो, नुकड़ सभा पर भी है पाबंदी

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव आयोग द्वारा रैलियों पर रोक लगाई गई है. ये पाबंदी 15 जनवरी तक जारी रहने वाली है. लेकिन आज सपा लखनऊ कार्यलय के बाहर लोगों का भारी हुजूम देखने को मिला. सपा ने इसे नाम जरूर वर्चुअल रैली का दिया लेकिन वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं और किसी भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ. अब सपा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. कुल 2500 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है.

जानकारी दी गई है कि CrPC की धारा 144 के तहत सपा के खिलाफ ये एक्शऩ लिया गया है. पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा, ढाई हजार समाजवादी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें 269 270 144 महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस के द्वारा पहले वीडियोग्राफी कराई गई, जिसके बाद उन को चिन्हित किया गया है और फिर मुकदमा दर्ज किया गया.

अभी तक समाजवादी पार्टी की तरफ से इस विवाद पर कोई सफाई पेश नहीं की गई है लेकिन बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने जोर देकर कहा है कि सपा ने कोरोना काल में चुनाव आयोग के नियमों का मखौल उड़ाया है, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को तार-तार किया गया है.

इस पूरे मामले पर लखनऊ के जिला अधिकारी अभिषेक प्रकाश ने भी साफ कर दिया है कि सपा द्वारा इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी. जब इस कार्यक्रम की जानकारी मिली, तब पुलिस को सपा दफ्तर भेजा गया और अब आगे की कार्रवाई की जाएगी. जानकारी के लिए बता दें कि आज सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम किया था. स्वामी ने बीजेपी का दामन छोड़ सपा की सदस्यता ली. ऐसे में बड़ा सियासी संदेश देने के लिए भारी भीड़ भी जुटाई गई और बीजेपी पर भी बड़ा हमला बोला गया.

उस कार्यक्रम में स्वामी से लेकर अखिलेश यादव तक, हर दिग्गज ने अपने विचार रखे. बीजेपी के सूपड़ा साफ होने की भविष्यवाणी की और आगामी चुनाव में सपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनाने का दावा पेश किया. अखिलेश यादव ने यहां तक कह दिया कि किसी ने नहीं सोचा था कि चुनाव ऐसा भी होगा. अब वर्चुअल रैली की बात है, डिजिटल प्लेटफॉर्म से हमें अपनी बात कहनी है. ये सही है कि वर्चुअल और डिजिटल में भी हम चीजों को जानते हैं लेकिन जो ताकत हमारे कार्यकर्ताओं में फिजिकली है, उसका कोई मुकाबला नहीं कर सकता.

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