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Paniyara Assembly Seat: पूर्व CM वीर बहादुर सिंह की सीट पर कांग्रेस को 1996 के बाद नहीं मिली जीत

वीर बहादुर सिंह 1967, 1969, 1974, 1980 और 1985 में भी इसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे और 1985 से 1988 तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे.

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यूपी Assembly Election 2022 पनियरा विधानसभा सीट यूपी Assembly Election 2022 पनियरा विधानसभा सीट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीजेपी के ज्ञानेंद्र सिंह हैं विधायक
  • कभी कांग्रेस का गढ़ रही ये सीट

यूपी के अंतिम छोर पर बसे महराजगंज जिले की एक विधानसभा सीट है पनियरा विधानसभा सीट. ये विधानसभा क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की कर्मस्थली रहा है. पनियरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर वीर बहादुर सिंह यूपी के मुख्यमंत्री बने थे. वीर बहादुर सिंह की पनियरा विधानसभा सीट भी कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ हुआ करती थी लेकिन 1996 से पार्टी इस सीट से नहीं जीत पाई है.

पनियरा विधानसभा सीट से कांग्रेस को सात दफे जीत मिली है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार भी पनियरा सीट से दो दफे जीते हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी इस सीट से जीत चुकी है लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) का इस विधानसभा क्षेत्र में खाता नहीं खुल सका है. यहां सपा को अब भी अपनी पहली जीत का इंतजार है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

पनियरा विधानसभा सीट के लिए 1952 में पहली दफे चुनाव हुआ था. तब कांग्रेस के टिकट पर द्वारिका प्रसाद पांडेय विधायक बने और 1957 में कब्जा बरकरार रखा. 1962 के चुनाव में कांग्रेस ने वीर बहादुर सिंह को पनियरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया और वे भी जीत गए. वीर बहादुर सिंह 1967, 1969, 1974, 1980 और 1985 में भी इसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे और 1985 से 1988 तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे. 1977 में वीर बहादुर सिंह को निर्दल प्रत्याशी गुंजेश्वर से मात भी मिली थी.

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पनियरा सीट से 1989 में वीर बहादुर सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र फतेह बहादुर सिंह को कांग्रेस ने पनियरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा. फतेह बहादुर को निर्दल प्रत्याशी गणपत सिंह ने हरा दिया. 1991 में जनता दल के परशुराम मिश्रा को हराकर फतेह बहादुर सिंह पनियरा विधानसभा सीट से विधानसभा पहुंचे लेकिन 1993 में गणपत सिंह बीजेपी के टिकट पर जीते. 1996 में बसपा-कांग्रेस गठबंधन और 2007 में बसपा से फतेह बहादुर सिंह, 2012 में बसपा के देव नारायण उर्फ जीएम सिंह विधायक बने.

2017 का जनादेश

पनियरा विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के ज्ञानेंद्र सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के गणेश शंकर पांडेय को हरा दिया था. पनियरा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी तलत अजीज तीसरे स्थान पर रहे थे. निषाद पार्टी ने भी इस सीट पर अच्छा प्रदर्शन किया था और पार्टी की उम्मीदवार पूर्व मंत्री जर्नादन प्रसाद ओझा की पुत्रवधु सुमन ओझा चौथे स्थान पर रही थीं

सामाजिक तानाबाना

पनियरा विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरण की बात करें तो ये सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट मानी जाती है. अनुमानों के मुताबिक यहां सबसे अधिक मुस्लिम वोटर हैं. कुर्मी, निषाद, यादव, ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के मतदाता भी इस सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. 

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

पनियरा विधानसभा सीट से विधायक ज्ञानेंद्र सिह के कार्यकाल में मजूरी और चौमुखा में विद्दुत सब स्टेशन का निर्माण हुआ है. विधायक का दावा है कि अरबों रुपये की लागत से क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछवाया है. महिला अस्पताल, पनियरा के रामनगर में अस्पताल का निर्माण करवाने का दावा भी बीजेपी की ओर से किया जा रहा है.

 

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