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विधायकों की संपत्ति में 'विकास', 5 साल में 2103 फीसदी तक बढ़ी जायदाद

जनता द्वारा चुने गए माननीय, जनता के लिए खर्च होने वाले पैसों से और जनहितों का नारा बुलंद कर लोकतंत्र में कैसे तरक्की करते हैं, इसकी ताजा बानगी बिहार में देखने को मिल रही है. राज्य में विधानसभा चुनाव अपने आखि‍री दौर में है और उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफनामे में संपत्ति‍ का जो ब्योरा दिया है, उसका हिसाब किसी पांचवीं पास से तेज के लिए लगा पाना मुश्कि‍ल है.

बिहार में पांच नवंबर को आखि‍री चरण का मतदान बिहार में पांच नवंबर को आखि‍री चरण का मतदान

जनता द्वारा चुने गए माननीय, जनता के लिए खर्च होने वाले पैसों से और जनहितों का नारा बुलंद कर लोकतंत्र में कैसे तरक्की करते हैं, इसकी ताजा बानगी बिहार में देखने को मिल रही है. राज्य में विधानसभा चुनाव अपने आखि‍री दौर में है और उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफनामे में संपत्ति‍ का जो ब्योरा दिया है, उसका हिसाब किसी पांचवीं पास से तेज के लिए लगा पाना मुश्कि‍ल है.

राज्य में पिछले 5 वर्षों में 160 विधायकों की संपत्ति बेहिसाब बढ़ी है. सत्तासीन जेडीयू विधायक पूनम देवी इस सूची में सबसे आगे है. साल 2010 में अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी जायदाद 1.87 करोड़ रुपये बताई थी, जो पांच साल बाद ताजा हलफनामे में बढ़कर 41.34 करोड़ हो गई है. यानी पूरे 2103 फीसदी का इजाफा. हालांकि इस ओर एक तर्क यह है कि चुनाव आयोग ने संपत्ति‍ को मौजूदा बाजार भाव से दिखाने की इजाजत दी है. पूनम जेडीयू के टिकट पर खगड़िया से चुनाव लड़ रही हैं.

अपना पक्ष रखते हुए पूनम देवी ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा, 'बीते पांच साल में मेरे जमीन की कीमत कई गुना बढ़ी है. साथ ही इस बीच मैंने 5 बीघा जमीन भी खरीदी है.' पूनम की तरह ही नवादा से जेडीयू एमएलए पूर्णिमा देवी की संपत्ति में भी बीते पांच वर्षों में 480 फीसदी का इजाफा हुआ है. 2010 में उनकी संपत्ति 2.78 करोड़ थी, जो अब 16.14 करोड़ रुपये है. पूर्णिमा गोविंदपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.

बिहार इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिसर्च (एडीआर) द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच वर्षों में विधायकों की संपत्ति में औसतन 1.71 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. यह चौंकाने वाले आंकड़े ऐसे समय के हैं, जब तेजी से विकास करने वाले राज्यों की सूची में बिहार का ग्रोथ रेट 18.10 फीसदी है. यानी माननीयों की संपत्ति में विकास राज्य के विकास से सैंकड़ों गुना अधिक तेजी से हुआ है.

इनका भी हुआ खूब 'विकास'
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, लखीसराय से बीजेपी विधायक विजय कुमार सिन्हा की संपत्ति‍ पांच वर्षों में 4.13 करोड़ से बढ़कर 15.64 करोड़ हो गई है. इसी तरह दरभंगा (देहात) से आरजेडी विधायक ललित कुमार यादव की जायदाद भी 2.83 करोड़ से बढ़कर 12.89 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गई. चिरैया से सपा विधायक अवनीश कुमार सिंह की संपत्ति‍ भी 1.25 करोड़ से 8.18 करोड़ रुपये हो गई है.

एडीआर का विश्लेषण कहता है कि बीते पांच वर्षों में 160 विधायकों की संपत्ति‍ में औसतन 199 फीसदी का इजाफा हुआ है. दल के अनुसार हिसाब लगाएं तो बीजेपी के 66 विधायक, जेडीयू के 52 और आरजेडी के 12 विधायक इस सूची का हिस्सा हैं. इसमें जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 7 विधायक और सीपीआई के एक विधायक अवधेश कुमार राय का भी नाम है. वामपंथी दल के विधायक अवधेश की संपत्त‍ि 30 लाख से बढ़कर 48 लाख हो गई है.

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