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चुनाव से 6 महीने पहले ओपिनियन पोल पर लगे प्रतिबंध, BSP ने चुनाव आयोग को लिखा लेटर

बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने चुनाव आयोग को लिखे लेटर में मांग की है कि विधानसभा चुनाव से छह महीने पहले तक मीडिया में दिखाए जाने वाले ओपिनियन पोल्स पर प्रतिबंध लगाया जाए.

मायावती मायावती
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सतीश चंद्र मिश्रा ने चुनाव आयोग को लिखा लेटर
  • सर्वे के चुनाव से छह महीने पहले प्रसारित होने पर बैन की मांग

उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. यूपी का चुनाव सभी राज्यों की तुलना में सबसे अहम माना जा रहा है. बीजेपी से सपा तक, सभी दलों की चुनावी तैयारियां तेज गति से चल रही हैं. चुनाव के नजदीक आते ही टीवी चैनलों पर विभिन्न राज्यों के चुनावी ओपिनियन पोल्स का प्रसारण भी शुरू हो जाता है. इसके मद्देनजर, बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. 

बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने चुनाव आयोग को लिखे लेटर में मांग की है कि विधानसभा चुनाव से छह महीने पहले तक मीडिया में दिखाए जाने वाले ओपिनियन पोल्स पर प्रतिबंध लगाया जाए. बता दें कि विभिन्न टीवी चैनल्स चुनाव के कुछ महीने पहले से ओपिनियन पोल दिखाते हैं, जिसमें बताया जाता है कि किस दल को कितनी सीटें मिल सकती हैं. 

हालांकि, चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद से अंतिम दिन की वोटिंग तक चुनावी सर्वों पर रोक लगी है. इसके बाद चैनल्स और एजेंसियां सर्वे के आधार पर एग्जिट पोल्स का प्रसारण करती हैं. बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने चुनाव के छह महीने पहले से प्रसारित होने वाले आपेनियन पोल्स को बैन किए जाने की मांग की है. जो-जो एजेंसियां चुनावी सर्वे करती हैं, उसमें सी-वोटर, चाणक्य, नीलसन आदि के नाम शामिल हैं.   

'सर्वे से न हों गुमराह, चुनाव आयोग को लिखेंगे लेटर'
इस महीने की शुरुआत में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी ओपिनियन पोल्स को छह महीने पहले से प्रसारित किए जाने पर रोक की मांग की थी. उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि वह चुनाव आयोग से मीडिया संस्थानों और अन्य एजेंसियों द्वारा किसी भी चुनाव से छह महीने पहले प्रसारित होने वाले सर्वों को बैन करने की मांग करेंगी.

उन्होंने कहा था, "जल्द ही चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा जाएगा कि मीडिया संस्थानों और अन्य एजेंसियों द्वारा चुनाव से छह महीने पहले सर्वेक्षण पर प्रतिबंध लगा दिया जाए, ताकि विशेष राज्य में चुनाव प्रभावित न हों." 

उन्होंने कहा था कि आप जानते हैं कि जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, सर्वेक्षण दिखा रहे थे कि ममता बनर्जी पीछे चल रही हैं, लेकिन जब परिणाम आए, तो यह विपरीत . जो (सत्ता हासिल) करने का सपना देख रहे थे, उनके सपने चकनाचूर हो गए, और ममता (बनर्जी) ने भारी बहुमत के साथ वापसी की. इसलिए, आपको इन सर्वेक्षणों से गुमराह नहीं होना चाहिए.

 

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