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पढ़ें मोदी की भागलपुर रैली की 10 बड़ी बातें

रविवार को महागठबंधन की बहुचर्चित स्वाभिमान रैली हुई थी जिसमें एकमात्र निशाना नरेंद्र मोदी थे. ऐसे में मंगलवार को भागलपुर में होने वाली मोदी की रैली पर सबकी नजरें थीं. नीतीश ने मोदी की रैली के ठीक पहले DNA और बीमारू राज्य जैसे शब्द वापस लेने को कहा. मोदी खेल समझते हैं इसलिए उन्होंने आज वार तो ताबड़तोड़ किए लेकिन विपक्ष के आरोपों से कन्नी काट गए. पढ़ें मोदी की भागलपुर रैली की 10 बड़ी बातें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

रविवार को महागठबंधन की बहुचर्चित स्वाभिमान रैली हुई थी जिसमें एकमात्र निशाना नरेंद्र मोदी थे. ऐसे में मंगलवार को भागलपुर में होने वाली मोदी की रैली पर सबकी नजरें थीं. नीतीश ने मोदी की रैली के ठीक पहले DNA और बीमारू राज्य जैसे शब्द वापस लेने को कहा. मोदी खेल समझते हैं इसलिए उन्होंने आज वार तो ताबड़तोड़ किए लेकिन विपक्ष के आरोपों से कन्नी काट गए. पढ़ें मोदी की भागलपुर रैली की 10 बड़ी बातें.

1. मोदी ने रैली की शुरुआत हमेशा की तरह स्थानीय भाषा में की. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत अंगिका के इस संबोधन के साथ की. 'आपने सब के प्रणाम करई छी'.
2. मोदी ने महागठबंधन की रैली को तिलांजलि रैली ठहराया. उन्होंने कांग्रेस विरोध पर शुरू हुए दलों के कांग्रेस के सहयोगी बनने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा लोहिया आजीवन कांग्रेस का विरोध करते रहे लेकिन उनके चेले (इशारा समाजवादी पार्टी की तरफ) कांग्रेस की गोद में बैठ गए. जयप्रकाश नारायण के चेलों (निशाना लालू-नीतीश) ने तो हद ही कर दी. जिन जयप्रकाश की जिंदगी की दुश्मन रही कांग्रेस उसीसे गठजोड़ कर लिया.
3. मोदी एक अच्छे व्यस्थापक भी रहे हैं. उन्होंने भाषण की शुरुआत में देखा कि काफी लोग पंडाल के बांसों पर चढ़े हुए हैं. मोदी दो मिनट तक मंच से उन्हें ही उतारते रहे.
4. मोदी ने बिहार से अपने प्यार को जाहिर करने का कोई मौका नहीं जाने दिया. उन्होंने हर एक चीज गिनाई. बिहार के बारे में सुनकर उन्होंने कब किसको फोन किया, कब क्या सहायता की, सब का सब.
5. मोदी ने यहां बड़ी सावधानी से दिल्ली चुनाव वाली गलती से बचने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि लोग मोदी का हिसाब क्यों मांग रहे हैं, मोदी तो 2019 के लोकसभा चुनावों में हिसाब देंगे ही, अभी जिनको हिसाब देना है वो क्यों भाग रहे हैं.
6. मोदी ने विपक्ष पर जातिवादी राजनीती का आरोप लगाया. इसके साथ ही विकास संबंधित चर्चा का श्रेय PM ने खुद को दिया. उन्होंने कहा कि मेरी वजह से इन्हें मजबूरी में विकास, पैकेज, इत्यादी की बात करनी पड़ रही है.
7. नीतीश के शब्द वापसी कैंपेन से वाकिफ मोदी ने बिहार और बिहारियों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग पूरे देश में सबसे अधिक बुद्धिमान होते हैं इसलिए वो सब समझ रहे हैं.
8. मोदी ने नीतीश की सुशासन बाबू वाली छवि पर भी खूब हमले किए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पैसे को राज्य सरकार विकास कार्यों में खर्च तक नहीं कर पाती.
9. मोदी ने राज्य में स्वास्थय के क्षेत्र में भी नीतीश की नाकामी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब हर जगह हेल्थ कम्यूनिटी सेंटर बढ़ रहे हैं बिहार अकेला ऐसा राज्य है जहां ये घटे हैं.
10. मोदी ने कहा नीतीश ने कहा था बिजली नहीं आई तो वोट मांगने नहीं आऊंगा, बिजली तो नहीं आई नीतीश आ गए. मोदी ने जनता को उनके जैसा वादा निभाने वाला नेता चुनने को कहा.

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