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पीएम मोदी ने सूरत को 3400 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात, बोले- ये सबसे तेजी से विकसित होते शहर में इसका नाम

पीएम मोदी ने कहा कि सूरत के लोग वो दौर कभी भूल नहीं सकते, जब महामारियों को लेकर, बाढ़ की परेशानियों को लेकर यहां अपप्रचार को हवा दी जाती थी. यहां के व्यापारियों से मैंने एक बात कही थी कि अगर सूरत शहर की ब्रांडिंग को गई तो हर सेक्टर, हर कंपनी की ब्रांडिंग अपने आप हो जाएगी.

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पीएम मोदी
पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में 3400 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी. इस दौरान पीएम मोदी ने सूरत की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सूरत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शहर श्रम का सम्मान करने वाला शहर है. उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का कोई प्रदेश ऐसा नहीं होगा, जिसके लोग सूरत की धरती पर न रहते हों. पीएम मोदी ने कहा कि शहर लोगों की एकजुटता और जनभागीदारी, दोनों का बहुत ही शानदार उदाहरण है. 

पीएम मोदी ने कहा कि इस सदी के शुरुआती दशकों में जब दुनिया में 3-P यानि Public Private Partnership की चर्चा होती थी, तब मैं कहता था कि सूरत 4-P का उदाहरण है. 4-P यानि People, Public, Private Partnership. यही मॉडल सूरत को विशेष बनाता है. 

पहले सूरत को लेकर गलत प्रचार होता था- पीएम 

पीएम ने कहा कि सूरत के लोग वो दौर कभी भूल नहीं सकते, जब महामारियों को लेकर, बाढ़ की परेशानियों को लेकर यहां अपप्रचार को हवा दी जाती थी. यहां के व्यापारियों से मैंने एक बात कही थी कि अगर सूरत शहर की ब्रांडिंग को गई तो हर सेक्टर, हर कंपनी की ब्रांडिंग अपने आप हो जाएगी. आज सूरत के सभी लोगों ने ऐसा कर के दिखा दिया है. मुझे खुशी है कि आज दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होते शहर में सूरत का नाम है. 

पीएम ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद तो घर बनाने में भी तेजी आई है और सूरत के गरीबों, मिडिल क्लास को दूसरी सुविधाएं भी मिलने लगी हैं. आयुष्मान भारत योजना के तहत देश में अभी तक लगभग 4 करोड़ गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मिल चुका है. सूरत के कपड़ा और हीरा कारोबार से देशभर के अनेक परिवारों का जीवन चलता है. 'ड्रीम सिटी' प्रोजेक्ट जब पूरा हो जाएगा तो सूरत, विश्व के सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक डायमंड ट्रेडिंग हब के रूप में विकसित होने वाला है. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तब जो दिल्ली में सरकार थी, हम उनको बताते-बताते थक गए कि सूरत को एयरपोर्ट की जरूरत क्यों है, इस शहर का सामर्थ्य क्या है? आज देखिए, कितनी ही फ्लाइट्स यहां से चलती हैं, कितने लोग हर रोज यहां एयरपोर्ट पर उतरते हैं. एयरपोर्ट से शहर को जोड़ने वाली सड़क जो बनी है, वो सूरत की संस्कृति, समृद्धि और आधुनिकता को दर्शाती है. लेकिन यहां अनेक साथी ऐसे हैं जिन्होंने एयरपोर्ट के लिए भी हमारे लंबे संघर्ष को देखा है, उसका हिस्सा भी रहे हैं. 

पीएम ने कहा कि बीते दो दशकों से विकास के जिस पथ पर सूरत चल पड़ा है, वो आने वाले वर्षों में और तेज होने वाला है. यही विकास आज डबल इंजन सरकार पर विश्वास के रूप में झलकता है. जब विश्वास बढ़ता है, तो प्रयास बढ़ता है. सबका प्रयास से राष्ट्र के विकास की गति तेज होती है. 

 


 

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