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गुजरात की वलसाड विधानसभा सीट: यहां जीतने वाला बनाता है सरकार! पढ़ें इससे जुड़ी कई रोचक बातें

ऐसा कहा जाता है कि इस सीट को जीतने वाली पार्टी का उम्मीदवार सरकार बनाता है. वलसाड सीट पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का होम टाउन है. यह प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री निरूपा रॉय की भूमि है. भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के परिवार और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का बचपन यहां बीता था.

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गुजरात की वलसाड विधानसभा सीट के समीकरण
गुजरात की वलसाड विधानसभा सीट के समीकरण

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है. आज हम बात करेंगे वलसाड विधानसभा क्षेत्र की. वलसाड सीट को लेकर ऐसा कहा जाता है कि इस सीट को जीतने वाली पार्टी का उम्मीदवार सरकार बनाता है. वलसाड सीट पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का होम टाउन है. यह प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री निरूपा रॉय की भूमि है. भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के परिवार और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का बचपन यहां बीता था. उन्होंने प्राथमिक शिक्षा भी यहीं प्राप्त की. बीजेपी इस सीट पर 1990 से काबिज है. बीजेपी के भरत पटेल ने 2012 और 2017 में यह सीट जीती थी. 2022 में आप की एंट्री के बाद त्रिकोणीय जंग शुरू हो गई है.

जाति आधारित समीकरण
वलसाड सीट पर जाति आधारित समीकरण की बात करें तो यहां कोली पटेल, घोडिया माछी, मुस्लिम और मराठी लोगों का दबदबा है. 

क्या है सियासी समीकरण  
वलसाड सीट पर बीजेपी की पकड़ 1990 से अपरिवर्तित है. यहां साल 1990 में बीजेपी के उम्मीदवार दोलतराई नाथूभाई देसाई ने सत्ता हासिल की थी. जिन्होंने लगातार 5 बार शासन किया. यानी 1990 से 2007 तक दोलतराई देसाई ने शासन किया और इस सीट पर अब तक सबसे ज्यादा बार निर्वाचित विधायक बने. सियासी गलियारों में ऐसा भी माना जाता है कि जो पार्टी इस सीट को जीतती है वह गांधीनगर में सत्ता संभालती है. देसाई के बाद बीजेपी के उम्मीदवार भरत पटेल ने 2012 और 2017 में लगातार दो बार जीत हासिल की. कांग्रेस की बात करें तो 1985 तक वलसाड सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था.

लोगों की समस्याएं और मांग
आदिवासी समुदाय के विभिन्न संगठन धर्मपुर के चास मांडवा और पाइखेड़ में नदी लिंक परियोजना में प्रस्तावित बांधों का विरोध कर रहे हैं. लोगों का विरोध इस बात को लेकर है कि अगर बांध बना तो 4000 लोग विस्थापित होंगे. विरोध तेज होने पर सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया. आदिवासी नेताओं ने दिल्ली में गृह मंत्री और वित्त मंत्री के साथ बैठक की. जिसके बाद घोषणा हुई कि बांध का काम अभी स्थगित कर दिया गया है. लोगों की मूलभूत सुविधाओं, पानी और सड़कों की मांग लगातार बनी हुई है. वैसे तो यह इलाका बारिश की दृष्टि से चेरापूंजी जैसा ही माना जाता है, लेकिन गर्मियों में पीने की कमी हो जाती है. 

पिछले चुनाव का परिणाम

  • बीजेपी: भरत पटेल - 101736 
  • कांग्रेस: नरेंद्र टंडेल  - 58644 
  • लीड:- 43092

 

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