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अहमदाबाद: PM मोदी की रैली में वीडियोग्राफर ने नो फ्लाइंग जोन में उड़ाया ड्रोन, FIR दर्ज

गुजरात में चुनावी प्रचार के लिए आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में एक ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि पीएम की अहमदाबाद में एक रैली चल रही थी, तब एक प्राइवेट ड्रोन उड़ता देखा गया. अभी के लिए पुलिस ने उस वीडियोग्राफर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. पुलिस की तरफ से ये जानकारी भी दी गई है कि ड्रोन को गिराया नहीं गया था, बल्कि उसे उतरवा दिया गया था.

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 PM मोदी की रैली में वीडियोग्राफर ने नो फ्लाइंग जोन में उड़ाया ड्रोन (पीटीआई)
PM मोदी की रैली में वीडियोग्राफर ने नो फ्लाइंग जोन में उड़ाया ड्रोन (पीटीआई)

गुजरात में चुनावी प्रचार के लिए आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में एक ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि पीएम की अहमदाबाद में एक रैली चल रही थी, तब एक प्राइवेट ड्रोन उड़ता देखा गया. अभी के लिए पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उनकी गिरफ्तारी भी हो गई है. पुलिस की तरफ से ये जानकारी भी दी गई है कि ड्रोन को गिराया नहीं गया था, बल्कि उसे उतरवा दिया गया था.

पीएम की रैली में ड्रोन कहां से आया?

बड़ी बात ये है कि वो ड्रोन नो फ्लाइंग जोन में उड़ाया जा रहा था, उसे लेकर कोई इजाजत नहीं दी गई थी. इस वजह से भी पुलिस सचेत हुई और तुरंत उस ड्रोन को नीचे उतरवाया गया. पुलिस के मुताबिक उन्हें तीन लोग एक ड्रोन ऑपरेट करते दिखे थे. उनके पास जा ड्रोन नीचे उतारने के लिए कहा गया था. उन लोगों ने बिना बहस किए तुरंत ड्रोन नीचे उतार दिया था. बाद में पता चला कि सिर्फ फोटोग्राफी के उदेश्य से वो ड्रोन उड़ाया जा रहा था, किसी भी तरह का विस्फोटक उसमें मौजूद नहीं था. पुलिस ने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन तीन आरोपियों को पकड़ा गया है, उनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, वे किसी राजनीतिक दल से भी नहीं जुड़े हुए हैं.

लेकिन क्योंकि मामला प्रधानमंत्री से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करने वाली है. कई तरह के सवाल दागे जाएंगे. उसके बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी. गिरफ्तार युवकों की बात करें तो उनके नाम निकुल रमेशभाई परमार, राकेश कालूभाई और राजेश्वर प्रजापति हैं. आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 188 के तहत शिकायत दर्ज की गई है. 

राज्य में जारी ताबड़तोड़ रैलियां

जानकारी के लिए बता दें कि इस समय गुजरात का सियासी तापमान बढ़ा हुआ है. राज्य में ताबड़तोड़ रैलियों का दौर जारी है. एक तरफ बीजेपी अपनी सत्ता बचाने की कवायद में है तो कांग्रेस 27 साल बाद फिर सत्ता में आना चाहती है. तीसरे विकल्प के रूप में इस जमीन पर आम आदमी पार्टी भी सक्रिय दिख रही है.

 

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