scorecardresearch
 

नामांकन के बाद दिल्ली में प्रचार तेज, BJP अध्यक्ष बनने के बाद नड्डा की पहली रैली मटियाला में

बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी होने के बाद जेपी नड्डा दिल्ली विधानसभा चुनाव में  प्रचार अभियान का आगाज मटियाला सीट से कर रहे हैं. वो बीजेपी प्रत्याशी राजेश गहलोत के लिए प्रचार करेंगे. गहलोत का मुकाबला आम आदमी पार्टी के विधायक गुलाब सिंह यादव और कांग्रेस के सुमेश शौकीन से है.

Delhi assembly election 2020: बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा Delhi assembly election 2020: बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा

  • जेपी नड्डा दिल्ली चुनाव प्रचार का करेंगे आगाज
  • दिल्ली में बीजेपी पिछले 21 साल से सत्ता से दूर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कमान जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) ने संभाल ली है. बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नड्डा पहली बार दिल्ली विधानसभा प्रचार को धार देने के लिए बुधवार को उतर रहे हैं. बीजेपी के नवनिर्वाचित बीजेपी अध्यक्ष पश्चिमी दिल्ली की मटियाला विधानसभा सीट पर पार्टी उम्मीदवार राजेश गहलोत के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे.

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के नामांकन की तारीख खत्म होने के बाद राजनीतिक दल सड़क पर उतरकर अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने की कवायद शुरू कर दी है. इस कड़ी में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पार्टी के प्रचार अभियान का आगाज आज मटियाला विधानसभा सीट से शुरू कर रहे हैं.

जेपी नड्डा की दोपहर 11.30 बजे रैली

जेपी नड्डा दिल्ली के मटियाला विधानसभा सीट पर पार्टी उम्मीदवार राजेश गहलोत के पक्ष में दोपहर 11.30 बजे हरि कृष्णा बैंक्वेट हॉल में रैली को संबोधित करेंगे. राजेश गहलोत इस सीट पर 2013 में विधायक चुने गए थे, लेकिन 2015 में आम आदमी पार्टी के गुलाब सिंह यादव के हाथों हार गए थे. ऐसे में बीजेपी ने एक बार फिर भरोसा जताया है.

मटियाला विधानसभा सीट पर इस बार बीजेपी के राजेश गहलोत का मुकाबला मौजूदा AAP के विधायक गुलाब सिंह यादव और कांग्रेस के सुमेश शौकीन से है. 2015 के विधानसभा चुनाव में इन्हीं तीनों नेताओं के बीच मुकाबला हुआ था. दिलचस्प बात है कि तीनों पार्टी के नेता इस सीट से विधायक रह चुके हैं. ऐसे में मटियाला विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर मानी जा रही है.

बीजेपी दिल्ली की सत्ता से 21 साल से है दूर

जेपी नड्डा के सामने दिल्ली विधानसभा चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. बीजेपी पिछले 21 सालों से दिल्ली की सत्ता से दूर है. इस बार अरविंद केजरीवाल अपने पांच साल के कामकाज को लेकर मैदान में है तो बीजेपी केंद्र सरकार के काम और पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ उतरी है. बीजेपी ने इस बार दिल्ली में किसी को भी सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट नहीं किया है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें