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नौतन विधानसभाः पूर्व मुख्यमंत्री केदार पांडे की चर्चित सीट, 2015 में बीजेपी ने खाता खोला

स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस नेता केदार पांडे के नाम से यह सीट जानी जाती है. केदार पांडे ने 1967 में पहली बार चुनाव जीता और इसके बाद 1980 तक लगातार 4 बार चुनाव जीते. वह 1972 में करीब 15 महीने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री बने. बाद में इंदिरा गांधी के अंतिम कार्यकाल के दौरान 12 नवंबर 1980 से 14 जनवरी 1982 तक रेल मंत्री भी रहे.

नौतन विधानसभा सीट पर 2015 के चुनाव में बीजेपी को पहली जीत मिली (सांकेतिक-पीटीआई) नौतन विधानसभा सीट पर 2015 के चुनाव में बीजेपी को पहली जीत मिली (सांकेतिक-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पश्चिम चंपारण संसदीय सीट में पड़ता है नौतन क्षेत्र
  • कांग्रेस के केदार पांडे यहां से 4 बार चुनाव जीते, CM भी बने
  • 1990 के बाद से कभी कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी

नौतन विधानसभा सीट की बिहार विधानसभा में सीट क्रम संख्या छह है. यह विधानसभा क्षेत्र पश्चिम चंपारण जिले में पड़ता है और यह पश्चिम चंपारण संसदीय (लोकसभा) निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा भी है. 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद इस विधानसभा सीट में बदलाव किया गया और इसके तहत बैरिया और नौतन सामुदायिक विकास ब्लॉक को शामिल किया गया.
 
कोरोना संकट के बीच इस बार बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. पारंपरिक तरीके से इतर इस बार चुनाव होगा. बिहार का लौरिया विधानसभा सीट पहले बेतिया का हिस्सा हुआ करती थी लेकिन अब पश्चिम चंपारण संसदीय सीट में चली गई है.

पूर्व मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र

लौरिया विधानसभा सीट की बात करें तो यह राज्य के उन चंद सीटों में शामिल हैं जहां से चुनाव जीतने वाला मुख्यमंत्री बना. स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस नेता केदार पांडे के नाम से यह सीट जानी जाती है. केदार पांडे ने 1967 में पहली बार चुनाव जीता और इसके बाद 1980 तक लगातार 4 बार चुनाव जीते. वह 1972 में करीब 15 महीने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री बने. बाद में इंदिरा गांधी के अंतिम कार्यकाल के दौरान 12 नवंबर 1980 से 14 जनवरी 1982 तक रेल मंत्री भी रहे. उनके बाद 1980 और 1985 में उनकी पत्नी कमला पांडे यहां से चुनाव जीतने में कामयाब रहीं. कांग्रेस ने यहां से लगातार 6 बार चुनाव जीता. 

1990 के बाद से कांग्रेस से यह सीट दूर होती चली गई और 1990 के चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने जीत हासिल की. 1990 के बाद से सीपीआई, समता पार्टी, बसपा और बीजेपी को एक-एक बार जीत मिली तो जनता दल यूनाइटेड यहां से 3 बार जीत चुकी है. जनता दल यूनाइटेड की इस सीट पर पकड़ रही है लेकिन 2015 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने यह सीट उनसे छीन ली.

बीजेपी के नारायण प्रसाद जीते

2015 में हुए विधानसभा चुनाव में नौतन विधानसभा सीट की बात की जाए तो इस सीट पर कुल 2,42,764 मतदाता थे जिसमें 1,33,513 पुरुष और 1,09,233 महिला मतदाता शामिल थे. 2,42,764 में से 1,50,379 मतदाताओं ने वोट डाले जिसमें 1,47,941 वोट वैध माने गए. इस सीट पर 61.9% मतदान हुआ था. जबकि नोटा के पक्ष में 2,438 लोगों ने वोट किया था.

नौतन विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नारायण प्रसाद ने जीत हासिल की थी. उन्होंने जनता दल यूनाइटेड के ब्रदीनाथ प्रसाद महतो को 14,335 मतों के अंतर से हराया था. नारायण प्रसाद को 44.4% वोट मिले जबकि ब्रदीनाथ को 34.8% वोट हासिल हुए.

जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस महागठबंधन के रूप में चुनाव लड़ रहे थे और यह सीट जनता दल यूनाइटेड को दी गई थी जिसमें उसे हार मिली थी. इस सीट पर 15 उम्मीदवार मैदान में थे. इनमें से 6 उम्मीदवार निर्दलीय थे.

विधायक नारायण प्रसाद की शिक्षा के बारे में बात करें तो वह 10वीं पास हैं और 2015 में दाखिल हलफनामे के अनुसार उन पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है उनके पास 83,27,629 रुपये की संपत्ति है, उन पर 50,000 रुपये की लाइबिलटीज है.

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