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गोविंदगंज विधानसभाः LJP ने महागठबंधन को चटाई थी धूल, क्या इस बार भी मिलेगी जीत

गोविंदगंज विधानसभा सीट पर 1990 के बाद के चुनाव की बात करें तो जनता दल के योगेंद्र पांडे ने जीत हासिल की थी. 1995 में समता पार्टी को जीत मिली. 2000 में निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली थी. लेकिन इसके बाद जनता दल यूनाइटेड की मीना देवी ने जीत की हैट्रिक लगाई.

गोविंदगंज में बीजेपी के साथ मिलकर LJP ने हासिल की थी जीत (सांकेतिक-पीटीआई) गोविंदगंज में बीजेपी के साथ मिलकर LJP ने हासिल की थी जीत (सांकेतिक-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस 1985 के बाद से यहां पर नहीं जीती
  • 2015 में लोक जनशक्ति पार्टी को मिली जीत
  • विधायक राजू तिवारी पर 8 आपराधिक केस दर्ज

गोविंदगंज विधानसभा सीट की बिहार विधानसभा में सीट क्रम संख्या 14 है. यह विधानसभा क्षेत्र पूर्वी चंपारण जिले में पड़ता है और यह पूर्वी चंपारण (लोकसभा) निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा भी है. 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद गोविंदगंज विधानसभा सीट में अरेराज, पहाड़पुर सामुदायिक विकास ब्लॉक, पश्चिम संग्रामपुर, पूर्वी संग्रामपुर और संग्रामपुर सामुदायिक विकास ब्लॉक के दक्खिनी बरियारिया को शामिल किया गया.

गोविंदगंज विधानसभा पूर्वी चंपारण संसदीय सीट का हिस्सा है जबकि पहले यह मोतिहारी संसदीय सीट का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन परिसीमन के बाद इस सीट में बदलाव कर दिया गया. इस सीट का इतिहास पुराना है और आजादी के बाद से कांग्रेस 8 बार यहां से जीत चुकी है. कांग्रेस की ओर से ध्रुव नारायण मणि त्रिपाठी और रमाशंकर पांडे 3-3 बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे. लेकिन 1985 के बाद से उसे जीत नहीं मिली है.

मीना देवी की जीत की हैट्रिक

1990 के बाद के चुनाव की बात करें तो जनता दल के योगेंद्र पांडे ने जीत हासिल की थी. 1995 में समता पार्टी को जीत मिली. 2000 में निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली थी. लेकिन इसके बाद जनता दल यूनाइटेड की मीना देवी ने जीत की हैट्रिक लगाई.

हालांकि 2015 के चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी के राजू तिवारी ने महागठबंधन से यह सीट छीन ली क्योंकि जनता दल यूनाइटेड महागठबंधन का हिस्सा था और यह सीट कांग्रेस को दी गई जिसमें उसे हार मिली.

2015 में हुए विधानसभा चुनाव में गोविंदगंज विधानसभा सीट पर कुल 2,42,597 मतदाता थे जिसमें 1,31,130 पुरुष और 1,11,467 महिला मतदाता शामिल थे. 2,42,597 में से 1,36,927 मतदाताओं ने वोट डाले जिसमें 1,33,486 वोट वैध माने गए. इस सीट पर 56.4% मतदान हुआ था. जबकि नोटा के पक्ष में 3,441 लोगों ने वोट किया था.

विधायक पर 8 केस दर्ज
गोविंदगंज विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी के राजू तिवारी ने जीत हासिल की थी. उन्होंने कांग्रेस के ब्रजेश कुमार को 27,920 मतों के अंतर से हराया था. राजू तिवारी को 54.5% वोट मिले जबकि ब्रजेश कुमार को 34.2% वोट हासिल हुए. इस सीट पर 8 उम्मीदवार मैदान में थे.

विधायक राजू तिवारी की शिक्षा के बारे में बात करें तो वह पोस्ट ग्रेजुएट हैं और 2015 में दाखिल हलफनामे के अनुसार उन पर 8 आपराधिक केस दर्ज है. उनके पास 1,16,96,836 रुपये की संपत्ति है, जबकि उन पर 26,95,482 रुपये की लाइबिलटीज है.

पिछले चुनाव में जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस महागठबंधन के रूप में चुनाव लड़ रहे थे और यह सीट कांग्रेस को दी गई थी जिसमें उसे हार मिली. लेकिन इस बार यह गठबंधन साथ नहीं है, ऐसे में यहां पर भी मुकाबला कांटे का होने वाला है.

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