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EC ने बदला आदेश, बिहार में 65 साल से ऊपर वालों को पोस्टल बैलेट की सुविधा नहीं

चुनाव आयोग ने बिहार के विधानसभा चुनावों में और अन्य आसन्न उपचुनावों में 65 साल से ऊपर के नागरिकों के लिए पोस्टल बैलट सुविधा का विस्तार नहीं करने का फैसला किया है. लेकिन 80 वर्ष से ऊपर के मतदाता और अन्य कुछ लोगों के लिए इस सुविधा की इजाजत दी गई है.

चुनाव आयोग ने जारी किया पोस्टल बैलेट से जुड़ा आदेश (फाइल फोटो) चुनाव आयोग ने जारी किया पोस्टल बैलेट से जुड़ा आदेश (फाइल फोटो)

  • आयोग ने चुनाव में पोस्टल बैलेट के इस्तेमाल से जुड़ा एक नया आदेश जारी किया
  • चुनाव आयोग ने बताया कि कौन-कौन कर सकता है पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल

चुनाव आयोग ने बिहार के विधानसभा चुनावों में और अन्य आसन्न उपचुनावों में 65 साल से ऊपर के नागरिकों के लिए पोस्टल बैलट सुविधा का विस्तार नहीं करने का फैसला किया है. लेकिन 80 वर्ष से ऊपर के मतदाता, विकलांग, आवश्यक सेवाओं में लगे और होम/संस्थागत क्वारनटीन में रहने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को पोस्टल बैलट से वोट करने की इजाजत दी जाएगी.

गौरतलब है कि बिहार विधान चुनाव से पहले पोस्टल बैलट के नियमों में बदलाव करने पर आरजेडी ने नाराजगी जताई थी. इसके साथ ही आरजेडी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इसे वापस लेने की मांग की थी.

यह भी पढ़ें: बैलट पेपर से मतदान के नियमों में बदलाव पर RJD को आपत्ति, चुनाव आयोग को लिखा पत्र

इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि इस फैसले को लेने से पहले आरजेडी की राय भी नहीं ली गई. जबकि आरजेडी इस वक्त बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है.

आरजेडी को इस वजह से थी आपत्ति

दरअसल चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए बैलट पेपर से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किया था. इसके तहत कोरोना रोगियों या कोरोना से प्रभावित मतदाताओं को बैलट पेपर से मतदान करने की अनुमति दी गई थी.

यह भी पढ़ें: कोरोना के चलते मिली छूट, अब 65 साल के लोग भी कर सकेंगे पोस्टल बैलट का इस्तेमाल

इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए आरजेडी ने कहा था कि ऐसा फैसला लेने से पहले चुनाव आयोग ने पार्टी की राय नहीं जानी. सांसद मनोज झा ने कहा है कि इस फैसले से सत्ताधारी पार्टी को फायदा होने की आशंका है. पार्टी का मत है कि चूंकि सत्ताधारी दल के सरकार के हवाले ही पोस्टल बैलट से जुड़ी सारी गतिविधियां होंगी, इसलिए इसका सारा फायदा सत्तारुढ़ दल को होगा.

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