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बेलहर विधानसभा सीट: क्या उपचुनाव की जीत को दोहरा पाएगी RJD?

बेलहर विधानसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई. इस साल हुए यहां पर पहले चुनाव में कांग्रेस के राघवेंद्र सिंह को जीत मिली. हालांकि अगले ही चुनाव में कांग्रेस को मात मिलती है. लेकिन 1972 में एक बार फिर वो वापसी करती है और शकुंतला देवा विधायक बनती हैं.

तेज प्रताप और तेजस्वी यादव (फोटो-PTI) तेज प्रताप और तेजस्वी यादव (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बांका जिले में आती है बेलहर विधानसभा सीट
  • 2015 में JDU को मिली थी जीत
  • उपचुनाव में RJD ने लिया हार का बदला

बिहार के बांका जिले में आने वाली बेलहर विधानसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई. यहां पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली. हाल के चुनाव पर नजर डालें तो यहां पर जेडीयू और आरजेडी के बीच मुकाबला होते आया है. 2015 के चुनाव में जेडीयू के गिरिधारी यादव ने जीत हासिल की. हालांकि गिरिधारी ने 2019 में लोकसभा चुनाव का लड़ा और उन्हें इसमें जीत मिली. इसके बाद यहां पर उपचुनाव में गिरिधारी यादव के भाई लालधारी यादव को आरजेडी के रामदेव यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

बेलहर बांका जिले के अंतर्गत आता है. बेलहर विधानसभा क्षेत्र में चंदन, फुल्लीडुमर और बेलहर सामुदायिक विकास खंड शामिल हैं. बेलहर विधानसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई. इस साल हुए यहां पर पहले चुनाव में कांग्रेस के राघवेंद्र सिंह को जीत मिली. हालांकि, अगले ही चुनाव में कांग्रेस को मात मिलती है. लेकिन 1972 में एक बार फिर वो वापसी करती है और शकुंतला देवा विधायक बनती हैं.

1977 में देशभर में कांग्रेस विरोधी लहर का असर यहां भी दिखा और पार्टी को हार मिली. इसके बाद 1985 में कांग्रेस ने यहां पर वापसी की. इसके अगले चुनाव में भी कांग्रेस विजयी रही. लेकिन ये उसकी यहां पर आखिरी जीत थी.

आरजेडी को बेलहर में 2000 में पहली बार जीत मिली. रामदेव यादव के दम पर आरजेडी का यहां पर खाता खुला. इसके अगले चुनाव में भी उन्हें जीत मिली. लेकिन 2005 के उपचुनाव में रामदेव यादव को पराजय का सामना करना पड़ता है. जेडीयू के जनार्दन मांझी उन्हें मात देते हैं. 2005 के बाद 2010 और 2015 के चुनाव में भी जेडीयू को जीत मिली. गिरिधारी यादव यहां से दोनों बार जीतने में सफल रहे. इस तरह से बीते कुछ चुनावों को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि ये सीट जेडीयू के दबदबे वाली होती जा रही है और पार्टी अपनी पकड़ यहां पर मजबूत करती जा रही है. 

सामाजिक ताना-बाना

2011 की जनगणना के अनुसार बेलहर की जनसंख्या 458604 है. अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या में से क्रमशः 13.43 और 7.79 है. 2019 की मतदाता सूची के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में 302867 मतदाता और 329 मतदान केंद्र हैं. 

2015 का जनादेश

बेलहर में 2015 में हुए विधानसभा के चुनाव में 289906 वोटर्स थे. इसमें से 53.3 फीसदी पुरुष और 46.7 फीसदी महिला वोटर्स थीं. बेलहर में 158065 लोगों ने वोटिंग की थी. यहां पर 54 फीसदी मतदान हुआ था. इस चुनाव में जेडीयू के गिरिधारी यादव ने बीजेपी के मनोज यादव को मात दी थी. गिरिधारी को 70348 (44.59 फीसदी) और मनोज यादव को 54157 (34.32 फीसदी) वोट मिले थे. गिरिधारी ने मनोज यादव को 15 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी. 

उपचुनाव में आरजेडी को मिली जीत

2015 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले गिरिधारी यादव ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा और उन्होंने जीत भी हासिल की. इसके बाद ये सीट रिक्त हो गई. पिछले साल यहां पर उपचुनाव में आरजेडी ने बाजी मारी. आरजेडी के रामदेव यादव विजयी रहे. उन्होंने गिरिधारी यादव के भाई जेडीयू उम्मीदवार लालधारी यादव को हराया. 

ये प्रत्याशी हैं मैदान में

बेलहर विधानसभा सीट पर 15 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां से जेडीयू के मनोज यादव और आरजेडी के रामदेव यादव हेम्ब्रम प्रत्याशी हैं. बेलहर में मुकाबला जेडीयू और आरजेडी के बीच ही माना जा रहा है. रामदेव यादव यहां के मौजूदा विधायक हैं. 

कब होगी वोटिंग

बेलहर में पहले चरण के तहत मतदान होगा. यहां पर 28 अक्टूबर को वोटिंग होगी. वहीं, मतगणना 10 नवंबर को की जाएगी.


 

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