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Corona: दिल्ली के टीचर्स ने की मांग, परीक्षाएं कुछ दिनों के लिए टाली जाएं

दिल्ली में सरकारी स्कूलों के शिक्षक एसोसिएशन का मानना है कि एग्जाम के दौरान स्कूल खुले होना एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है. ऐसे में अगले कुछ दिन पूरी तरह से स्कूल को बंद कर देना चाहिए.

भारत में भी कोरोना की एंट्री (Image: AP) भारत में भी कोरोना की एंट्री (Image: AP)

  • सरकारी स्कूलों के शिक्षक एसोसिएशन ने की स्कूल बंद करने की मांग
  • दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद करने का निर्देश दिया
  • स्कूल एसोसिएशन ने कहा कि स्कूलों के बच्चों के सामने डर का माहौल

दिल्ली में कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है और ऐसे में दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद करने का निर्देश दे दिया है, लेकिन जिन स्कूलों में किसी भी तरह के एग्जाम हो रहे हैं या जो स्कूल एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं वह खुले रहेंगे.

ऐसे में अब सरकार के इस फैसले पर सवाल उठने लगे है, दिल्ली में सरकारी स्कूलों के शिक्षक एसोसिएशन का मानना है की एग्जाम के दौरान स्कूल खुले होना एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है. ऐसे में अगले कुछ दिन पूरी तरह से स्कूल को बंद कर देना चाहिए.

दरअसल दिल्ली के तमाम स्कूलों में इस वक्त बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परीक्षा हो रही है. इसके अतिरिक्त तमाम स्कूलों में 9वीं और 11वीं क्लासेस की प्री बोर्ड परीक्षाएं हो रही है. इन सबके अलावा भी कई स्कूलों में इंटरनल क्लासरूम परीक्षाएं हो रही हैं जिसके कारण अधिकतर स्कूल खुले हुए हैं.

इसी मसले पर गवर्नमेंट स्कूल टीचर एसोसिएशन के महासचिव अजयवीर यादव ने दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को चिट्ठी लिखकर सभी स्कूल बंद करने की मांग की. अजयवीर ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि एक तरफ सरकार ने सिनेमा हॉल को बंद कर दिया है ताकि पब्लिक गैदरिंग ना हो तो दूसरी ओर एक्जाम कैंसिल नहीं किए गए हैं. ऐसे में एग्जाम सेंटर में बच्चे बेहद करीब बैठते हैं. ऐसे में इंफेक्शन का खतरा रहता है.

तो दूसरी ओर कई बच्चे जो हल्के बीमार भी है वह भी एग्जाम देने आ रहे हैं, जिस कारण दूसरे बच्चों को इंफेक्शन का खतरा हो रहा है. लिहाजा अगले कुछ दिनों तक सभी तरीके के स्कूल को पूरी तरीके से बंद कर दिया जाए और सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया जाए.

आजतक की टीम ने भी दिल्ली के कुछ इलाकों में स्कूलों का जायजा लिया. हम आम आदमी पार्टी के मुख्यालय राउस एवेन्यू के ठीक सामने बने गवर्नमेंट सर्वोदय बाल विद्यालय में पहुंचे. यह स्कूल तो बंद था लेकिन 12वीं के बोर्ड की परीक्षाएं यहां हो रही थी, लिहाजा 200 बच्चे स्कूल में पहुंचे थे. हैरानी की बात है कि किसी भी तरह का मेडिकल जांच नहीं हुई.

परीक्षा देने आए एक छात्र ने नाम ना छापने की शर्त में बताया कि एग्जाम सेंटर में जब कोई भी स्टूडेंट खांसता या छींकता है तो बाकी सभी स्टूडेंट घबरा जाते हैं. ऐसे में हमारा ध्यान एग्जाम से हट जाता है. वहीं कुछ पैरेंट्स ने भी इन परीक्षाओं को अगले कुछ दिनों के लिए पोस्टपोन करने की मांग की.

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