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बेटे चलाते हैं घर, पिता बेटियों को पढ़ाने के लिए रोजाना तय करते हैं 12 Km की दूरी

बेटी के लिए पिता हमेशा उसके सुपरहीरो होते हैं. जानें- ऐसे पिता के बारे में जो अपनी बेटियों को 12 किलोमीटर की दूरी तय कर स्कूल लेकर जाते हैं और जब तक कक्षा खत्म नहीं होती स्कूल के बाहर बेटियों का 4 घंटे इंतजार करते हैं.

मियां खान अपनी बेटी के साथ मियां खान अपनी बेटी के साथ

  • बेटियों को पढ़ाने के लिए 12 किमी की दूरी तय करता है ये पिता
  • बेटे चलाते हैं घर का खर्चा और बेटियां करती हैं पढ़ाई

बेटियों के लिए पिता किसी सुपरहीरो होते हैं जो अपनी बेटी की हर इच्छा पूरी करना चाहते हैं.बेटियां पिता के सबसे ज्यादा करीब होती है.  वहीं पिता भी अपनी बेटी से की हर इच्छा पूरे  करने में कोई कसर नहीं छोड़ते. आज हम आपको ऐसे पिता के बारे में बताने जा रहे हैं जो  अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए हर रोज 12  किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और जबतक  बेटी पढ़ती है तब तक 4 घंटे तक स्कूल के  बाहर इंतजार करते हैं.

अफगानिस्तान के 50 साल के मियां खान अपनी 3 बेटियों के साथ मोटरबाइक पर 12 किलोमीटर की दूरी तय कर उन्हें  स्कूल में लेकर जाते हैं.  वह कक्षाओं को खत्म करने के लिए (लगभग 4 घंटे) उनका इंतजार करते हैं और उन्हें घर वापस लाते हैं. 

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार मियां खान बेटियों को पढ़ाने के लिए दूर तक रोजाना यात्रा करनी पड़ती है क्योंकि स्कूल में उनके गांव में कोई शिक्षक नहीं है. उनकी 7 बेटियां और 2 बेटे हैं. इसी के साथ उन्हें हृदय रोग है जिस वजह से वह काम करने में सक्षम नहीं है. परिवार के आर्थिक खर्चे को चलाने के लिए उनके बेटे कमाते हैं. वहीं उनकी 4 छोटी बेटियां अफगानिस्तान की स्वीडिश कमेटी जो स्कूल चलता है उसमें पढ़ने जाती है.

उन्होंने बताया "मैं अनपढ़ हूं, और मैं दिहाड़ी पर रहता हूं, लेकिन मेरी बेटियों की शिक्षा मेरे लिए बहुत मूल्यवान है क्योंकि हमारे क्षेत्र में कोई महिला डॉक्टर नहीं है. ऐसे में मेरी सबसे बड़ी इच्छा बेटियों को पढ़ाना है." उनकी बेटी रोज़ी ने कहा कि "मैं बहुत खुश हूं कि मैंने पढ़ाई की, मैं इस साल ग्रेड छह में हूं. मेरे पिता या भाई हमें हर दिन मोटरबाइक पर स्कूल लेकर जाते हैं और जब तक हमारी कक्षा पूरी नहीं होती बाहर हमारा इंतजार करते हैं. उनके काम को देखते हुए मियां खान सोशल मीडिया पर "सुपर डैड के नाम से छा गए हैं. बेटियों को शिक्षा देने के लिए चारों ओर उनकी प्रशंसा हो रही है.

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