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21 जुलाई- आज ही मिली थी दुनिया को पहली महिला PM और भारत को पहली प्रेसिडेंट

आज का दिन यानी 21 जुलाई सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए महिला सशक्तिकरण के लिए याद किया जाएगा. आज के ही दिन 60 साल पहले श्रीलंका को पहली महिला प्रधानमंत्री मिली थी. वहीं भारत में 2007 में आज ही के दिन पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं.

श्रीलंका की राष्ट्रपति सिरिमा बंदरानाइक, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल श्रीलंका की राष्ट्रपति सिरिमा बंदरानाइक, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल

दुनिया की राजनीति में आज का दिन 21 जुलाई महिलाओं के लिए मील के पत्थर की तरह है. साठ साल पहले आज ही के दिन 21 जुलाई, 1960 को श्रीलंका में सिरिमा बंदरानाइक दुनिया की पहली लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई महिला प्रमुख की सरकार बनी थीं. वो सरकार की पहली महिला मुख‍िया बनी थीं.

इसी तरह देश की महिलाओं के लिए 21 जुलाई का दिन खुश होने की एक खास वजह लेकर आया था. 12 साल पहले साल 2007 में इसी दिन देश को प्रतिभा पाटिल के रूप में पहली महिला राष्ट्रपति मिलीं. 19 दिसंबर 1934 को जन्मीं प्रतिभा देवीसिंह पाटिल 2007-2012 तक देश की 12वीं राष्ट्रपति के तौर पर रहीं. वह देश का यह सर्वोच्च संवैधानिक पद ग्रहण करने वाली पहली महिला थीं. वह 21 जुलाई को राष्ट्रपति निर्वाचित हुईं और 25 जुलाई 2007 को उन्हें राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई.

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जानें श्रीलंका की प्रधानमंत्री के बारे में

सिरिमा बन्दरानाइक ने अपने पति के नक्शेकदम पर चलते हुए 21 जुलाई, 1960 को श्रीलंका के प्रधानमंत्री का पद संभालाय तब उन्हें सीलोन के नाम से जाना जाता था. बता दें कि उनके पति 1956 में देश के नेता बन गए थे, लेकिन तीन साल बाद एक चरमपंथी बौद्ध पादरी ने उनकी हत्या कर दी थी.

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वह 1965 तक वो खतरे में रहीं. लेकिन साल 1970 से 1977 तक, दो बार उन्हें फिर जनादेश मिले. फिर उनकी बेटी चंद्रिका कुमारतुंगा 1994 से 2000 तक राष्ट्रपति बनीं. सिर्फ श्रीलंका में ही नहीं 1966 में भारत में भी इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रहरी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहलाल नेहरू की बेटी 1977 तक सत्ता में रही और फिर 1980 में फिर से चुनी गईं.

चार साल बाद पंजाब राज्य के स्वर्ण मंदिर में भारतीय सुरक्षा बलों और सिख अलगाववादी आतंकवादियों के बीच एक घातक टकराव के बाद उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी.

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