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वसंत वैली स्कूल-आजतक हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता 11 अगस्त से, पढ़ें डिटेल

मौजूदा हालातों को देखते हुए इस साल ये प्रतियोगिता ऑनलाइन प्रारूप के साथ आयोजित की जा रही है. प्रतियोगिता में देश-विदेश के 48 स्कूल हिस्सा ले रहे हैं. पढ़ें- पूरी डिटेल.

11 से 14 अगस्त के बीच होगी प्रति‍योगिता 11 से 14 अगस्त के बीच होगी प्रति‍योगिता

दसवीं वसंत वैली स्कूल-आजतक हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता 11, 13 और 14 अगस्त 2020 को वसंत वैली स्कूल, सेक्टर सी, वसंत कुंज, नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी. हिन्दी वाद-विवाद के क्षेत्र में इस प्रतियोगिता का अब एक विशिष्ट स्थान है जिसमें देश और विदेश के विद्यालय उत्साह से भाग लेते हैं. कोविड-19 के कारण, सुरक्षा के साथ छात्रों को इस अवसर का लाभ देने के लिए इस वर्ष इस प्रतियोगिता को ऑनलाइन प्रारूप के साथ आयोजित किया जा रहा है.

'आजतक' हिंदी वाद -विवाद प्रतियोगिता भाषा के प्रति छात्रों में रुचि जागृत करने के साथ अपने विचार रखने के लिए उन्हें एक मंच प्रदान करती है. यह प्रतियोगिता वर्ष 2011 में वसंत वैली स्कूल में शुरू की गई थी और अब अपने दसवें वर्ष तक पहुंचते-पहुंचते सभी के लिए बहुप्रतीक्षित आयोजन बन गया है.

10 बरस पहले स्कूल के एक हिस्से में, आसपास के दो चार स्कूलों को लेकर एक कल्पना का बीज बोया गया था जिसने आज एक विशाल पेड़ का आकार ले लिया है. वसंत वैली स्कूल में वर्ष 2011 में ‘आज तक’ हिन्दी वाद-विवाद प्रतियोगिता की शुरुआत हुई थी. तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि विद्यालय की हौसला आफजाई का नतीजा, आज इस भव्य आयोजन के रूप में हम सबको रोमांचित करके रख देगा. अगस्त का महीना शुरू होने से पहले विद्यालयों में इस प्रतियोगिता की सुगबुगाहट सुनाई देने लगती है.

हिन्दी वाद-विवाद की इस अनूठी प्रतियोगिता का इतिहास जितना रोचक है, उतना ही इस प्रतियोगिता का प्रारूप भी. मुख्य चरण की प्रतियोगिता से पहले तीन हिस्सों में विवाद-विवाद की अलग-अलग शैली की कसौटी पर खरा उतरने पर ही मुख्य प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाई जा सकती है.

सवाल-जवाब, आक्षेप, कविताएं, उक्तियां तो जैसे वक्ताओं के मुंह से बहने लगती हैं और श्रोताओं को मुग्ध कर देती हैं. प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को एक मंच प्रदान करना है. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि अगर कुछ विद्यालय शुरू के दौर में प्रतियोगिता से बाहर भी हो जाते हैं तो भी वे इसे सुनने-देखने के लिए डटे रहते हैं.

प्रतियोगिता प्रति वर्ष अगस्त माह में आयोजित की जाती है और इसमें हर साल देश-विदेश के विद्यालयों की सहभागिता बढ़ती जा रही है. इस वर्ष भी देश के अन्य राज्यों के अलावा विदेश से भी हिन्दी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं.

तीन दिनों तक धर्म, राजनीति, संस्कृति, समाज, खेल और कई सम-सामयिक ज्वलंत मुद्दों पर युवा वक्ताओं को सुनने का अवसर मिलेगा. इस प्रतियोगिता के निर्णायक विश्वविद्यालयों के अनुभवी छात्र होते हैं जिन्होंने अपनी वाक कुशलता का परिचय अनेक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिया है.

वाद-विवाद के जुझारू परिवेश की तरह ही, इस बार कोरोना ‘आज तक’ हिन्दी वाद-विवाद प्रतियोगिता कुछ बदले हुए स्वरूप में नजर आएगी. यह वक्त की जरूरत है कि कैसे भी, किसी भी तरह आगे बढ़ते रहने के लिए तैयार रहें. इस साल ‘आज तक’ हिन्दी वाद-विवाद प्रतियोगिता अपने ऑनलाइन रूप में विद्यालय के आदर्श वाक्य “श्रेष्ठतमाय कर्मणे” का पूरी तरह पालन करते हुए लगभग 40 विद्यालयों के 120 युवा प्रतिभाओं के स्वागत के लिए तैयार है.

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इस साल देश-विदेश के 48 प्रतिष्ठित स्कूल इसमें भाग ले रहे हैं. इसमें भाग लेने वाले कुछ विद्यालयों में अबूधाबी इण्डियन स्कूल, अबूधाबी, बिरला पब्लिक स्कूल, दोहा (कतार), डेली कॉलेज (इंदौर) , संस्कार वैली स्कूल (भोपाल), सिंधिया स्कूल ग्वालियर, दून स्कूल, वेल्हम गर्ल्स स्कूल देहरादून ,द श्री राम स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल , मदर्स स्कूल आदि का नाम शामिल है.

प्रतिभागियों के लिए यह एक सीखने का अनुभव रहे इस को सुनिश्चित करने के लिए, देश भर के विश्वविद्यालयों से 300 से अधिक वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का अनुभव रखने वाले वक्ताओं का समूह निर्णायक की भूमिका निर्वाह करेगा. इस वाद-विवाद की अनूठी विशेषता वाद-विवाद से पहले आयोजित मॉडल डिबेट है, जिसमें प्रत्येक प्रतिभागी को सुझाव दिए जाते हैं. वाद-विवाद का प्रारंभिक दौर ऑक्सफोर्ड प्रारूप में 11 अगस्त को होगा. फिर क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल के बाद संसदीय प्रारूप में अंतिम दौर की प्रतियोगिता 14 अगस्त को होगी.

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