scorecardresearch
 
एजुकेशन

...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं

...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 1/10
दुनिया में सबसे प्रताड़ित अल्पसंख्यक समुदाय में से एक म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों को माना जाता है. इनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह जिस भी देश में शरण ले रहे हैं, वहां उन्हें हमदर्दी की बजाय आंतरिक सुरक्षा के खतरे के तौर पर देखा जा रहा है.
...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 2/10
बेहद गरीब, वंचित रोहिंग्या समुदाय पर आतंकवादियों से कनेक्शन का आरोप लगता रहा है. इसी वजह से अन्य देश भी इन्हें शरण देने को राजी नहीं.

...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 3/10
भारत सरकार भी अपने यहां रह रहे करीब 40,000 रोहिंग्या मुसलमानों को आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा मानती है. ऐसा माना जाता है कि ये लोग भारत में समुद्र, बांग्लादेश और म्यायांर की सीमा से घुसपैठ कर भारत में घुसे थे.
...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 4/10
इसकी शुरुआत 1982 में हुई, जब म्यांमार सरकार ने राष्ट्रीयता कानून बनाया. इस कानून में रोहिंग्या मुसलमानों का नागरिक दर्जा खत्म कर दिया गया. जिसके बाद से ही म्यांमार सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को देश छोड़ने के लिए मजबूर करती आ रही है.
...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 5/10
इस पूरे विवाद की जड़ करीब 100 साल पुरानी है, लेकिन 2012 में म्यांमार के राखिन राज्य में हुए सांप्रदायिक दंगो ने इसमें हवा देने का काम किया. रोहिंग्या मुसलमान और म्यांमार के बहुसंख्यक बौद्ध समुदाय के बीच विवाद 1948 में म्यांमार के आजाद होने के बाद से ही चला आ रहा है.
...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 6/10
रोहिंग्या सुन्नी मुस्लिम हैं, जो बांग्लादेश के चटगांव में प्रचलित बांग्ला बोलते हैं. म्यांमार में रोहिंग्या की आबादी 10 लाख के करीब है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक करीब इतनी ही संख्या में रोहिंग्या बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान सहित पूर्वी एशिया के कई देशों में शरण लिए हैं.

...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 7/10
रोहिंग्या समुदाय 15वीं सदी के शुरुआती दशक में म्यांमार के राखाइन में, जिसे अराकान के नाम से भी जाता है, रह रहे थे. ये वो दौर था जब म्यांमार में ब्रिटिश शासन था. पर बाद में इन्‍हें दर-बदर होने को मजबूर होना पड़ा.

...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 8/10
म्यांमार में सैन्य शासन आने के बाद रोहिंग्या समुदाय के सामाजिक बहिष्कार को बाकायदा राजनीतिक फैसले का रूप दे दिया गया और उनसे नागरिकता छीन ली गई.

...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 9/10
2012 में रखाइन में कुछ सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद रोहिंग्या और बौद्धों के बीच व्यापक दंगे भड़क गए. तब से म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा जारी है.
...कौन हैं रोहिंग्या? जिन्हें कोई भी देश अपनाने को तैयार नहीं
  • 10/10
हालांकि म्यांमार की सरकार इससे इनकार करती रही है. इसी साल आई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं.