scorecardresearch
 
एजुकेशन

UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई

UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 1/11
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार मदरसों पर विशेष जोर दे रही है. अब प्रदेश सरकार मदरसों की मजहबी किताबों के साथ साथ एनसीईआरटी की किताबें भी पढ़ाई जाएगी. इसमें खास तौर पर गणित और विज्ञान की किताबें एनसीईआरटी की होगी. आइए जानते हैं मदरसों में किस तरह से पढ़ाई की जाती है और मदरसों की शिक्षा व्यवस्था कैसी होती है...
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 2/11
योगी सरकार मदरसों को ऑनलाइन करने के बाद अब मदरसा बोर्ड एनसीईआरटी कि शिक्षा पद्धति पर ध्यान देगा. बताया जा रहा है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश के दो हजार से ज्यादा सरकारी मदरसों में एनसीईआरटी की किताबें दिखाई देंगी.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 3/11
मदरसा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार प्रदेश में तहतानिया, फौकानिया तक की तालीम के लिए 14677 मदरसे हैं, जबकि आलिया के लिए 4536 मदरसे हैं.

UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 4/11
मदरसा बोर्ड मुंशी/ मौलवी और आलिम के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है. बता दें कि मुंशी/मौलवी हाईस्कूल को कहा जाता है, जबकि आलिम इंटरमीडिएट को कहा जाता है.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 5/11
सामान्य शिक्षा प्रणाली में प्राइमरी, हाईस्कूल और इंटरमीडिए और उसके बाद ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएशन के आधार पर पढ़ाई करवाई जाती है. जबकि मदरसों में तहतानिया, फौकानिया और आलिया के स्तर पर तालीम दी जाती है.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 6/11
मदरसों में प्राइमेरी स्तर तक की पढ़ाई को तहतानिया और जूनियर हाईस्कूल स्तर तक की पढ़ाई को फौकानिया कहा जाता है. उसके बाद आलिया की पढ़ाई करवाई जाती है, जिसमें मुंशी- मौलवी, आलिम, कामिल, फाजिल की पढ़ाई शामिल है.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 7/11
मुंशी/मौलवी (दसवीं)- मुंशी मौलवी हाईस्कूल के समकक्ष पढ़ाई है, जिसके लिए मदरसा बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन भी करता है. इसमें शिया और सुन्नी के लिए थियोलॉजी पढ़ाई जाती है और मौलवी के लिए अरबी, मुंशी के लिए फारसी पढ़ाई जाती है.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 8/11
आलिम (बारहवीं)- मुंशी/मौलवी के बाद आलिम पढ़ाई जाती है, जिसमें हिंदी, गृह विज्ञान, सामान्य हिंदी, विज्ञान आदि वैकल्पिक विषय होते हैं. आलिम में सामान्य हिंदी अनिवार्य नहीं होती है, जबकि मुंशी में हिंदी भी आवश्यक है.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 9/11
कामिल (ग्रेजुएशन)- आलिम के बाद कामिल की पढ़ाई होती है. कामिल में तीन साल की पढ़ाई होती है. इसमें पहले और दूसरे साल में मुताल-ए-हदीस, मुताल-ए-मजाहिब, फुनूदे अदब, बलागत आदि विषय होते हैं, जबकि दूसरे साल में मुताल-ए-फिक्ह इस्लामी, मुताल-ए-उसूले फिक्ह आदि विषय होते हैं.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 10/11
फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन)- आलिम के बाद फाजिल की तालीम दी जाती है, जो कि अलग विषयों के आधार पर की जाती है. इसमें फाजिल दीनियात (थियोलॉजी), फाजिल माकुलात (लॉजिक एंड फिलॉसफी), फाजिल अरबी और फारसी विषय शामिल है. हर विषय के आधार पर अलग पाठ्यक्रम तय होता है.
UP के मदरसों में NCERT का सिलेबस, अबतक ऐसे होती थी पढ़ाई
  • 11/11
वहीं कई विषयों में वैकल्पिक विषय भी नहीं होते हैं. फाजिल में कलाम तसव्वुफ, फलसफ-ए-जदीद, तरकीकी मुताला, इलाहियात, तजुर्मा आदि की पढ़ाई करवाई जाती है.