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भारी विरोध के बाद राजस्‍थान सरकार ने लिया प्रदर्शनकारी संविदा कर्मियों को रेगुलर करने का फैसला

राजस्थान सरकार के रुख में बदलाव तब आया जब कई कंप्यूटर ग्रेजुएट्स कांग्रेस नेता प्र‍ियंका गांधी से मिलने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच गए. इन उम्‍मीदवारों के साथ वहां कांग्रेस कार्यालय में कथित तौर पर बुरी तरह से मारपीट की गई थी.

Rajasthan CM Ashok Gehlot Rajasthan CM Ashok Gehlot
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कंप्यूटर ग्रेजुएट्स ने प्रियंका गांधी से मिलने की इच्छा जताई थी
  • सभी को अब रेगुलर करने का फैसला लिया गया है

महीनों चले लंबे के विरोध के बाद, अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने अब राज्य में कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर कार्यरत कंप्यूटर ग्रेजुएट्स की भर्ती को रेगुलर करने का फैसला किया है. गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद इस संबंध में निर्णय की घोषणा की गई.

राजस्थान सरकार के रुख में बदलाव तब आया जब कई कंप्यूटर ग्रेजुएट्स कांग्रेस नेता प्र‍ियंका गांधी से मिलने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच गए. इन उम्‍मीदवारों के साथ वहां कांग्रेस कार्यालय में कथित तौर पर बुरी तरह से मारपीट की गई थी.

कंप्यूटर ग्रेजुएट्स ने प्रियंका गांधी से मिलने की इच्छा जताई थी. उन्‍होंने दावा किया था कि प्रियंका ने यूपी के मामले में वहां की योगी सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि अनुबंध के आधार पर स्नातकों की भर्ती उनका अपमान है, लेकिन राजस्थान में कांग्रेस सरकार ऐसा करना चाहती है. इसलिए उम्‍मीदवार उनसे मिलकर अपनी मांग उनके सामने रखना चाहते थे.

सैकड़ों कंप्यूटर ग्रेजुट्स राजस्थान में संविदा पर नहीं बल्कि नियमित नौकरी की मांग को लेकर महीनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे. राजस्थान से विरोध कर रहे उम्‍मीदवारों ने भी नई दिल्ली में अकबर रोड पर AICC कार्यालय के बाहर भी अशोक गहलोत सरकार की आलोचना की थी. राज्‍य सरकार ने अब इन उम्‍मीदवारों की मांगों को मानते हुए इन्‍हें रेगुलर करने का फैसला किया है.

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