scorecardresearch
 

इस राज्य में 20 अक्टूबर से खुलेंगे स्कूल, इस शर्त के साथ स्टूडेंट्स-स्टाफ की होगी कैंपस में एंट्री

College Reopen: स्कूलों के लिए सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल लागू है, वहीं कॉलेजों में छात्रों, श‍िक्षकों और स्टाफ के लिए ये एक जरूरी शर्त है जिसे कोरोना संक्रमण फैलने से बचाने के लिए जरूरी माना जा रहा है.

प्रतीकात्मक फोटो (Getty) प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कॉलेजों में वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वाले छात्र ही कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं
  • महाराष्ट्र में चार अक्टूबर से खुल चुके हैं छोटे बच्चों के स्कूल
  • क्लास में कितने छात्र होंगे, छात्रावास खुलेंगे या नहीं, जल्द होगा इस पर फैसला

College Reopen: कोरोना काल के लंबे अंतराल के बाद ज्यादातर राज्य स्कूल-कॉलेज खोल रहे हैं. जहां स्कूलों के लिए सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल लागू है, वहीं कॉलेजों में छात्रों, श‍िक्षकों और स्टाफ के लिए ये एक जरूरी शर्त लागू की गई है जिसे कोरोना संक्रमण फैलने से बचाने के लिए जरूरी माना जा रहा है. बता दें कि इसी शर्त के साथ महाराष्ट्र के सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय 20 अक्टूबर से फिजिकल क्लासेज संचालित कर सकते हैं. यहां भी शर्त यह है कि फिजिकल कक्षाओं में भाग लेने के लिए छात्रों के लिए पूरी तरह से टीकाकरण कराना जरूरी क‍िया गया है. 

राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय 20 अक्टूबर से शारीरिक कक्षाएं संचालित कर सकते हैं, लेकिन कक्षा सत्र में भाग लेने के लिए छात्रों का पूरी तरह से टीकाकरण होना चाहिए. राज्य में महामारी के कारण डेढ़ साल से अधिक समय तक बंद रहने के बाद 4 अक्टूबर को कक्षा 5 से 12 के लिए फिजिकल क्लासेज फिर से शुरू करने वाले राज्य भर के स्कूलों को ध्यान में रखकर यह निर्णय आया है. 

उदय सामंत ने कहा कि सभी गैर-कृषि कॉलेज, राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय, डीम्ड विश्वविद्यालय, स्व-वित्तपोषित विश्वविद्यालय और उनसे संबद्ध कॉलेज 20 अक्टूबर से शारीरिक कक्षाएं शुरू कर सकते हैं. यहां शिक्षण के साथ-साथ गैर-शिक्षण कर्मचारियों को प्राथमिकता पर अपना टीकाकरण पूरा करना चाहिए. 

कॉलेजों में केवल दोनों खुराक लेने वाले छात्र ही कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं, जिन छात्रों ने अभी तक COVID-19 वैक्सीनेशन पूरा नहीं किया है, उन्हें अपने संबंधित कॉलेजों के साथ समन्वय करके इसे प्राथमिकता से लेना चाहिए, बिना वैक्सीन की दोनों डोज लिए कैंपस के अंदर किसी की भी एंट्री नहीं कराने का सरकार का फैसला है. 

आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत अधिकार प्राप्त स्थानीय अधिकारियों के साथ इस मामले पर चर्चा करने के बाद एक कक्षा में कितने छात्रों को उपस्थित होना चाहिए, इससे संबंधित निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय को इससे संबद्ध कॉलेजों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करनी चाहिए.  वहीं, कॉलेज जाने वाले छात्रों को मुंबई और आसपास के इलाकों में लोकल ट्रेनों में चढ़ने की अनुमति देने का प्रस्ताव जल्द ही राज्य के मुख्य सचिव के समक्ष पेश किया जाएगा.

जिन छात्रों को छात्रावास में रहने की जरूरत है, उन्हें उनके कॉलेज प्रशासन द्वारा सूचित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कॉलेजों को छात्रों के लिए छात्रावास खोलने के संबंध में उच्च और तकनीकी शिक्षा अधिकारियों और संबंध‍ित विभाग के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए. बता दें कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों और मौतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें