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2 करोड़ लोगों पर स्टडी, Job दिलाने में सबसे ज्यादा कौन मदद कर सकता है?

आप नौकरी खोज रहे हैं? तब आप क्या करते हैं? आप लिंक्डइन प्रोफाइल अपडेट करते हैं. फिर अपने सोशल नेटवर्क में देखते हैं. लेकिन आपको किसके पास जाना चाहिए ताकि आपको सही रोजगार देने वाला मिले. या फिर कंपनी मिले. एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि नौकरी के लिए लिंक्डइन आपका सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म नहीं है.

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कौन दिलाता है आपको सबसे अच्छी नौकरी. नई स्टडी में किया गया है खुलासा. (फोटोः गेटी)
कौन दिलाता है आपको सबसे अच्छी नौकरी. नई स्टडी में किया गया है खुलासा. (फोटोः गेटी)

आजकल आप नौकरी कैसे हासिल करते हैं? कम से कम निजी कंपनी में. इसके लिए आप लिंक्डइन (LinkedIn) पर या कहीं और सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाते हैं. अपने करियर या एक्सपीरियंस के बारे में लिखते हैं. उसे अपडेट करते रहते हैं. लेकिन हाल ही में हुई एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि ये प्लेटफॉर्म्स आपको नौकरी दिलाने के सर्वेश्रेष्ठ विकल्प नहीं हैं.  

Science जर्नल में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक यह स्टडी 2 करोड़ लोगों पर की गई है. इसमें कहा गया है कि आपको ऐसे परिचितों को खोजना चाहिए जो आपकी सही मदद कर सकें. 1973 में अमेरिकी सोशियोलॉजिस्ट मार्क ग्रैनोवेटर ने कहा था the strength of weak ties. इसे उन्होंने सामाजिक नेटवर्क के संबंध में कहा था. उन्होंने दलील दी थी कि दो लोगों के बीच मजबूत संबंधों से उनके नेटवर्क आपस में मिलते-जुलते रहते हैं. इससे दोनों को फायदा होता है. 

नौकरी हमेशा कोई ऐसा दिलाता है जो आपके दोस्त का दोस्त हो या प्रोफेशनल सेटिंग्स. (फोटोः गेटी)
नौकरी हमेशा कोई ऐसा दिलाता है जो आपके दोस्त का दोस्त हो या प्रोफेशनल सेटिंग्स. (फोटोः गेटी)

जैसे आप अपने सबसे करीबी दोस्त के सभी दोस्तों को जानते हैं. लेकिन उनमें से कुछ दोस्त ही परिचित होते हैं. इसलिए जब आप नौकरी खोज रहे होते हैं, तब आपको यह पता होता है कि आपके लिए आसपास क्या है? लेकिन यह एक कमजोर संबंध है. इससे बेहतर है कि आप अपने परिचितों से बात करें. उनके पास नए विकल्पों के साथ ज्यादा मौके हो सकते हैं. इस स्टडी में लिंक्डइन, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एमआईटी के रिसर्चर ने काम किया है. ताकि वह यह पता कर सकें कि आपको नौकरी दिलाने में कौन ज्यादा मददगार साबित हो सकता है. 

इस रिसर्च के बाद लिंक्डइन के इंजीनियर्स ने अपने प्लेटफॉर्म पर People You May Know का एल्गोरिदम लगा दिया. लिंक्डइन लगातार अपने एल्गोरिदम को अपडेट करती रहती है. ताकि वह यह बता सके कि आप किसे अपने नेटवर्क में शामिल कर सकते हैं. मकसद यह जानने का था कि इससे मजबूत नेटवर्किंग वाले संबंध बनते हैं या कमजोर नेटवर्किंग वाले संबंध. फिर एक टेस्टिंग की गई ताकि यह पता चले कि कितने लोगों को इस एल्गोरिदम से नौकरी हासिल करने में मदद मिली. 

दुनिया भर में लिंक्डइन के 2 करोड़ लोगों को इस टेस्टिंग में रैंडमली सेलेक्ट किया. उन्हें अलग-अलग समूहों में बांट दिया गया. हर समूह के लोगों को थोड़े-थोड़े नए कॉन्टैक्ट के रिकमेंडेशन भेजे गए. इससे कुछ समूहों के लोगों के नेटवर्किंग संबंध मजबूत हुए. कुछ समूहों के लोगों के नेटवर्किंग संबंध कमजोर हुए. फिर यह देखा गया कि हर समूह में कितने लोगों ने नौकरी के लिए अप्लाई किया. कितनी नौकरियां उन जगहों पर मिली जहां पर आपका नया कॉन्टैक्ट काम करता है. इससे पता चला कि नया कॉन्टैक्ट आपको नौकरी दिलाने में मदद कर रहा है. स्टडी में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों के कनेक्शन मजबूत हैं, उन्हें ज्यादातर नौकरी के ऑफर उनके परिचितों के जरिए ही मिले हैं. या फिर उनसे जो आपके प्रोफेशनल सेटिंग्स में हैं. या दोस्त के दोस्त. 

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