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NEET UG: कम नीट स्‍कोर पर भी मिलेगा सरकारी कॉलेज, काउंसलिंग में इस बात का रखें ध्‍यान

NEET UG Admission 2022: उम्‍मीदवार अपने नीट स्‍कोर के आधार पर MBBS, BDS, AYUSH कोर्सेज़ में एडमिशन पा सकेंगे. टॉप कॉलेजों में दाखिले के लिए अच्‍छा नीट स्‍कोर होना बेहद जरूरी है. ऐसे में छात्र इस बात को लेकर संशय में हैं कि उन्‍हें सरकारी कॉलेज में सीट मिल पाएगी या नहीं. एक्‍सपर्ट से समझें पूरा गणित...

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NEET UG Admission 2022:
NEET UG Admission 2022:

नीट अंडरग्रेजुएट एडमिशन की दौड़ शुरू हो चुकी है. स्‍टेट कोटा की काउंसलिंग स्‍टेटवाइस शुरू हो रही हैं जबकि ऑल इंडिया कोटा की काउंसलिंग कुछ ही समय में शुरू होने वाली है. कैंडिडेट्स अपने नीट स्‍कोर के आधार पर काउंसलिंग के माध्‍यम से अपने पसंद के कॉलेज/यूनिवर्सिटी और कोर्स में दाखिला लेंगे. उम्‍मीदवार अपने नीट स्‍कोर के आधार पर MBBS, BDS, AYUSH कोर्सेज़ में एडमिशन पा सकेंगे. बता दें कि टॉप कॉलेजों में दाखिले के लिए अच्‍छा नीट स्‍कोर होना बेहद जरूरी है. ऐसे में छात्र इस बात को लेकर संशय में हैं कि उन्‍हें सरकारी कॉलेज में सीट मिल पाएगी या नहीं.

क्‍या है सरकारी सीटों पर दाखिले का गणित?
कम फीस वाले सरकारी कॉलेज में दाखिला लेने के लिए अच्‍छा नीट स्‍कोर और रैंक होनी जरूरी है. अगर आप MBBS कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं तो नीट परीक्षा में टॉप रैंकर्स में शामिल होना जरूरी है. सरकारी कोटे की सीटें काउंसलिंग में सबसे पहले भर जाती हैं. ऐसे में हमने मेडिकल एडमिशन एग्जिक्‍यूटिव आयुषि पटेल से जाना कि सरकारी कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए कैंडिडेट्स को किन बातों का ध्‍यान रखना चाहिए.

आयुषि ने बताया, 'जनरल कैटैगरी के लिए AIQ के तहत सरकारी सीट पर एडमिशन पाने के लिए स्‍कोर 620 से कम नहीं होना चाहिए. इसके अलावा स्‍टेट कोटा की सीटों पर 590 तक के स्‍कोर वाले सरकारी सीट पा सकेंगे. OBC कैटेगरी के लिए क्‍वालिफाइंग मार्क्‍स कम होते हैं मगर सरकारी सीट के लिए कट-ऑफ लगभग उतना ही रहता है. ऐसे में 620 नंबर तक पाने वाले उम्‍मीदवार सरकारी कॉलेज में एडमिशन पा सकेंगे. SC/ST कैटेगरी के उम्‍मीदवारों को 450 से अधिक स्‍कोर पर सरकारी कॉलेज में सीट मिल सकती है.'

क्‍या कम स्‍कोर पर मिल सकता है सरकारी कॉलेज?
इस सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा, 'अगर कैंडिडेट का बजट कम है और वह सरकारी कॉलेज से ही मेडिकल कोर्स करना चाहता है तो उसे अपने कोर्स के चयन में सावधानी बरतनी होगी. सरकारी कॉलेजों में कोर्स के अनुसार सीटें सुरक्षित रहती हैं. अगर MBBS की सीटें भर गई हैं और सरकारी कॉलेज नहीं मिला है, तो उम्‍मीदवार BDS कोर्स में दाखिला ले सकते हैं. हालांकि, ये एक बड़ा फैसला है क्‍योंकि BDS डेंटल कोर्स है जिससे उम्‍मीदवार की भविष्‍य की संभावनाएं भी बदल जाएंगी, लेकिन अगर छात्र साल रिपीट नहीं करना चाहते और कम फीस में ही पढ़ाई करनी है तो ऐसा कर सकते हैं.'

'BDS कोर्स में दाखिले के लिए  AIQ काउंसलिंग में जनरल कैटेगरी के 590 से अधिक स्‍कोर वाले उम्‍मीदवार सरकारी कॉलेज पा सकते हैं. OBC कैंडिडेट्स के लिए यह स्‍कोर 575 होना चाहिए और SC/ST कैंडिडेट्स के लिए 525 से अधिक स्‍कोर जरूरी है. इस लिहाज से कम स्‍कोर पर भी कैंडिडेट्स कोर्स के चुनाव में सावधानी बरतकर सरकारी कॉलेज की सीट पा सकते हैं.'

कब शुरू होंगी काउंसलिंग
ऑल इंडिया कोटा की काउंसलिंग MCC द्वारा अगले सप्‍ताह से ही शुरू हो सकती है. MCC ने नोटिस जारी कर जानकारी दी थी कि AIQ काउंसलिंग का प्रोसेस सितंबर अंत या अक्‍टूबर के शुरुआत में शुरू हो सकता है. उम्‍मीदवार किसी भी अपडेट के लिए ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर नज़र बनाकर रखें.

 

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