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राजस्थान: MLA को 11.18 लाख घूस दे रहा था SHO, रकम के साथ गिरफ्तार

राजस्थान में एक और घूसकांड ने हंगामा मचा दिया है. जहां कांग्रेस विधायक ने एक थाना अधिकारी को 11.18 लाख रुपये की रिश्वत देते हुए ट्रैप करवाया है.

घूसकांड में एसएचओ और हवाला एजेंंट गिरफ्तार (फोटो- Aajtak) घूसकांड में एसएचओ और हवाला एजेंंट गिरफ्तार (फोटो- Aajtak)

  • घूसकांड में बेगू थानाधिकारी वीरेंद्र सिंह गिरफ्तार
  • विधायक को दे रहा था 11.18 लाख, करवाया ट्रैप

राजस्थान में एक और घूसकांड ने हंगामा मचा दिया है. जहां कांग्रेस विधायक ने एक थाना अधिकारी को 11.18 लाख रुपये की रिश्वत देते हुए ट्रैप करवाया है. थानेदार, विधायक को अफीम की गाड़ियां छोड़ने की बात छुपाने के लिए 35 लाख की रिश्वत का ऑफर दिया था, जिसकी पहली किस्त हवाला के जरिए जयपुर में उसने विधायक को भिजवाई थी. थाना अधिकारी ने फोन पर बातचीत में यह खुलासा किया कि मैं अकेले नहीं कमाता हूं, जिले के कलेक्टर और एसपी को भी पैसे पहुंचाने पड़ते हैं.

चित्तौड़गढ़ जिले के बेगू थाने का थानाधिकारी वीरेंद्र सिंह ने कुछ दिन पहले अफीम के डोडा पोस्ट की गाड़ियां पकड़ने के बाद रिश्वत लेकर छोड़ दी थी, जिसकी शिकायत वहां के कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी ने की थी. बुधवार को जयपुर में विधायक राजेंद्र बिधूड़ी के फोन पर आरोपी थाना अधिकारी विरेंद्र सिंह ने फोन किया कि आप 10 के नोट और उसका नंबर वॉट्सऐप करो, वह हवाला के जरिए आपको जयपुर में पैसे पहुंचाना चाहता है.

विधायक ने यह पूरी जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी. बुधवार को वीरेंद्र सिंह के पास हवाला कारोबारी हिमांशु अग्रवाल का फोन आया. उसने कहा कि मैं विद्याधर नगर केसनंद मून में पैसे भेज रहा हूं. आप वहां 10 का नोट दे दी दीजिएगा तो उसमें 12 लाख की नगदी आपको मिल जाएगी.

एंटी करप्शन ब्यूरो ने जाल बिछाया. एक टीम बेगू थाने में थानेदार के पास तो वहीं दूसरी टीम हवाला कारोबारी के पास पहुंची. जैसे ही उसने पैसा दिया एंटी करप्शन ब्यूरो ने पकड़ लिया. बेगू इलाके में 3 महीने में तीसरी बार कोई थानाधिकारी पैसे लेते पकड़ा गया है. विजेंद्र सिंह खुद एंटी करप्शन ब्यूरो में रह चुका है. हालांकि, उसने कहा कि वह विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी का स्टिंग ऑपरेशन कर रहा था, लेकिन रिवर्स ट्रैप में फंस गया.

एंटी करप्शन ब्यूरो ने थानाधिकारी की फोन पर बातचीत जो रिकॉर्ड की है उसे लेकर हंगामा मचा है. आरोपी थानाधिकारी ने कहा कि अफीम के डोडा पोस्ट की गाड़ियां पकड़ी जाती है, तो उसे नष्ट करने के लिए एसपी और कलेक्टर की टीम भी शामिल होते हैं. ऐसे में गाड़ियां छोड़ने पर पैसा वहां भी देना पड़ता है.

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