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आतंक के खिलाफ कार्रवाई पर पाई तरक्की, आतंकियों के साथ पकड़ा गया DSP देवेंद्र सिंह

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह को एक के बाद एक तरक्की मिलती चली गई और वह डीएसपी पद तक पहुंच गए. लेकिन शनिवार को डीएसपी देवेंद्र की हिज्बुल मुजाहिद्दीन के दो खूंखार आतंकियों के साथ गिरफ्तारी ने उस पर सवालिया निशान लगा दिया है.

जम्मू-कश्मीर पुलिस के गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह (फाइल-PTI) जम्मू-कश्मीर पुलिस के गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह (फाइल-PTI)

  • 1994 में बतौर सब इंस्पेक्टर जेके पुलिस से जुड़ा देवेंद्र सिंह
  • स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से जुड़ा, DSP पद तक पहुंच गया
  • 2006 में आरोप लगने के बाद एक्शन, ग्रुप से हटाया गया

जम्मू-कश्मीर के डीएसपी देवेंद्र सिंह को हिज्बुल मुजाहिद्दीन के दो खूंखार आतंकियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. इस गिरफ्तारी से जहां देश की खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं तो गिरफ्तार डीएसपी से पूछताछ भी शुरू हो गई है. वहीं डीएसपी देवेंद्र सिंह 26 साल पहल जेके पुलिस के साथ बतौर सब इंस्पेक्टर जुड़ा था, लेकिन अपनी काबिलियत के दम पर वह डीएसपी रैंक तक पहुंच गया.

कश्मीर घाटी में पुलवामा जिले के त्राल इलाके के रहने वाले डीएसपी देवेंद्र सिंह 1994 में जम्मू-कश्मीर पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती हुए. उसी साल जम्मू-कश्मीर में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का गठन हुआ और वह उसके सदस्य बन गए.

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में देवेंद्र सिंह को एक के बाद एक तरक्की मिलती चली गई और वह डीएसपी पद तक पहुंच गए. लेकिन शनिवार को डीएसपी देवेंद्र सिंह की हिज्बुल मुजाहिद्दीन के दो खूंखार आतंकियों के साथ गिरफ्तारी ने उस पर सवालिया निशान लगा दिया है.

अफजल गुरु की बीवी ने किया उजागर

देश की संसद पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पहली बार देवेंद्र सिंह का नाम तब उछला जब अफजल गुरु की बीवी ने आजतक के साथ बातचीत में इस बात का खुलासा किया कि अफजल गुरु की रिहाई उन्होंने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के लोगों को पैसा देकर मुमकिन कराई थी. अफजल गुरु की रिहाई में देवेंद्र सिंह ने ही बड़ी भूमिका निभाई थी.

संसद पर हमले का आरोपी अफजल गुरु गिरफ्तारी के वक्त जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के साथ जुड़ा हुआ था. 90 के दशक में वह सीमापार कर सैकड़ों कश्मीरी युवाओं के साथ प्रशिक्षण के लिए भी गया था लेकिन वहां से लौटते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.

अफजल गुरु की बीवी ने यह आरोप भी लगाया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी टास्क फोर्स ने रिहाई के बाद भी अफजल गुरु को ना सिर्फ इस्तेमाल किया बल्कि उससे कई गलत काम भी करवाए.

संसद पर हमले में फांसी से पहले अफजल गुरु ने एक खत भी लिखा जिसमें उन्होंने इस बात का खुलासा किया था कि किस तरह उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के डीएसपी देवेंद्र सिंह के कहने पर संसद पर हमले में शामिल एक पाकिस्तानी आतंकवादी अहमद को दिल्ली ले जाने और उसके लिए वहां पर रहने का बंदोबस्त करने के साथ-साथ गाड़ी दिलाने के लिए कहा था.

जम्मू-कश्मीर पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार ने रविवार को श्रीनगर में इस बात को स्वीकार किया और कहा कि तब इस आरोप पर सबूत कोई नहीं मिले थे लेकिन अब देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद वह इस मामले में सभी पक्षों की जांच करेंगे.

भ्रष्टाचार के आरोप पर कार्रवाई

2006 में ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी देवेंद्र सिंह पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में रहते हुए कई संगीन आरोप लगे जिसमें नाजायज उगाही और लोगों से पैसे ऐंठने के आरोप भी शामिल थे तब उन्हें स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से हटा दिया गया.

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से हटाकर करीब 2 साल तक उसे श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम के साथ अटैच रखा गया और फिर जम्मू-कश्मीर पुलिस में ट्रैफिक पुलिस के साथ तैनात किया गया.

पिछले साल राष्ट्रपति मेडल मिलने के बाद देवेंद्र सिंह की श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एंटी हाईजैकिंग टीम के प्रमुख के तौर पर तैनाती हुई और शनिवार दोपहर में उन्हें एक मारुति कार में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के 2 आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ शुरू

गिरफ्तारी से 2 दिन पहले डीएसपी देवेंद्र सिंह से पूछताछ के बाद उनके घर से भी हथियार बरामद किए गए और इस बात का भी खुलासा हुआ कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी देवेंद्र सिंह आतंकियों को अपने घर में भी पनाह देते थे और यह सब गांव में पैसे के बदले कर रहे थे.

देश की प्रमुख जांच एजेंसियां आईबी और रॉ के साथ-साथ मिलिट्री इंटेलिजेंस भी देवेंद्र सिंह से पूछताछ में जुट गई हैं. पूछताछ में पिछले कई सालों से आतंकवादियों के साथ उसकी सांठगांठ की परतें खुल सकती हैं.

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