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Surat: गंजा होकर सबकी आंखों में धूल झोंक रहा था गैंगरेप का आरोपी, ऐसे धरा गया

सूरत में गैंगरेप के आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए कई कोशिशें की. इसके लिए वह गंजा भी हो गया. उसे लगता था कि पीड़िता उसको पहचानती नहीं है और वह सिर मुंडवाकर बच जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. क्राइम ब्रांच और एसओजी ने उसे धर दबोचा. काफी देर तक वह पुलिस को घुमाता रहा, लेकिन पुलिस ने सच उगलवा लिया.

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सूरत में गैंगरेप मामले का आरोपी गिरफ्तार
सूरत में गैंगरेप मामले का आरोपी गिरफ्तार

'सिर मुंडवाते ही ओले पड़ना' इस मुहावरे का जीता-जागता उदाहरण गुजरात के सूरत शहर में देखने को मिला है. गैंगरेप मामले में सूरत पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी. लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं मिल रहा था. इसकी एक वजह ये भी थी कि चार आरोपियों में से एक ने पुलिस से बचने के लिए अपना सिर मुंडवाकर हुलिया बदल लिया था. लेकिन इसकी सूचना पुलिस को मिल गई. जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले को सुलझा लिया.

सूरत शहर के पूनागाम पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत देवध गांव में रघुवीर टेक्स्टाइल मार्केट के सामने केले के खेत में 11 सितंबर को एक युवती प्रेमी के साथ बैठी थी. इसी दौरान चार युवक उनके पास पहुंचे और उनके साथ मारपीट की. आरोपियों ने युवती के प्रेमी के हाथ-पैर बांध दिए और उसके सामने ही एक-एक कर सभी ने युवती को हवस का शिकार बनाया. युवती गिड़गिड़ाती रही और छोड़ देने की मिन्नतें मांगती रही लेकिन हैवानों ने उसकी एक ना सुनी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए.

घर पहुंचकर पीड़िता और उसके प्रेमी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. युवती की शिकायत के आधार पर पूनागाम थाना पुलिस ने गैंगरेप का मामला दर्ज किया. घटना की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और एसओजी को लगाया गया था. वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों से जुड़े पुलिस के पास कोई सुराग नहीं थे. पीड़िता ने एक-दो आरोपियों का जो हुलिया बताया था, उसी के आधार पर पुलिस ने स्केच तैयार किए. 

इसके बाद पुलिस मौका-ए-वारदात से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर दूर राजीवनगर झोपड़पट्टी में पहुंची. जहां स्केच के आधार पर पुलिस ने 22 वर्षीय विदेश उर्फ विकास उर्फ टकला उमेश यादव को पकड़ा था, लेकिन उसके सिर पर बाल नहीं थे. विकास यादव से जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने गुनाह कबूल किया. उसने बताया कि पुलिस से बचने के लिए अपना सिर मुंडवाया था. उसके कबूलनामे पर 25 वर्षीय गोपाल सुखदेव बन्ना और 21 वर्षीय जितेंद्र कुमार उर्फ फूलचंद मनोहर यादव को पकड़ लिया था, चौथा आरोपी दीपक यादव अभी फरार है.

सूरत पुलिस कमिश्नर अजय कुमार तोमर ने बताया कि गैंगरेप का ये मामला ब्लाइंड था. आरोपियों से जुड़ा कोई भी सुराग नहीं था. पीड़िता द्वारा बताए गए आरोपियों के हुलिया के आधार पर स्केच तैयार किया गया था. क्राइम ब्रांच की टीम स्केच के आधार पर पहले एक आरोपी तक पहुंची. इसके बाद अन्य आरोपी भी पकड़े गए. केस को सुलझाने वाली टीम को इनाम दिया जाएगा.

 

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