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दिल्लीः बिना मास्क घूम रहे थे 2 शातिर बदमाश, आए पुलिस की पकड़ में

दिल्ली में मास्क न लगाना दो बदमाशों को भारी पड़ गया क्योंकि दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल मुकेश ने बिना हेलमेट और बिना मास्क के बाइक सवार घूम रहे इन दोनों की तस्वीर खींच ली, बाद में उनके बारे में पता किया गया तो वे बदमाश निकले और फिर एक को घर, दूसरे को उसके ससुराल से पकड़ लिया गया.

दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश (फोटो-हिमांशु) दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश (फोटो-हिमांशु)

  • मास्क लगाए बगैर घूम रहे बाइक सवार की फोटो खींची
  • फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से पकड़ में आए 2 अपराधी
  • पहचान के बाद एक अपने घर, दूसरा ससुराल में पकड़ाया

दिल्ली पुलिस ने फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (चेहरा पहचान प्रणाली) का इस्तेमाल करते हुए 2 शातिर झपटमारों और उनके एक और साथी को गिरफ्तार किया है. चेहरे पर मास्क ना लगाना पड़ा बदमाशों को भारी पड़ गया. जानकारी के मुताबिक फेस रिकॉग्निशन सिस्टम के जरिये पहली बार दिल्ली पुलिस को सफलता मिली है.

रविवार की दोपहर कॉन्स्टेबल मुकेश पीतमपुरा इलाके में पैट्रोलिंग ड्यूटी पर थे. तभी उन्हें बाइक पर दो लोग आते नजर आए. इन दोनों ने न तो हेलमेट पहना था और न ही किसी ने मास्क लगाया था. कॉन्स्टेबल मुकेश ने मास्क नहीं पहने होने की वजह से तुरंत अपने मोबाइल में बाइक सवार की सामने से फोटो खींच ली, और बाइक सवार को रोक लिया.

बाइक रुकते ही पीछे बैठे शख्स ने पुलिस वाले से कहा कि उसे पैर में चोट लगी है और वो जल्दी में है, लेकिन पुलिस वाले को उन पर शक हो गया, जिसके बाद उसने दोनों से पहचान पत्र मांगा, तभी पीछे बैठे शख्स ने पिस्टल निकाल ली और पुलिस वाले की ओर साधते हुए धमकाने लगा.

भागते वक्त बदमाशों ने पुलिस पैट्रिलिंग की बाइक के साइड मिरर को पिस्टल के बट से मारकर तोड़ दिया और फरार हो गए.

इसके तुरंत बाद पुलिस ने मौर्या इन्क्लेव थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

इस बीच कॉन्स्टेबल मुकेश ने मास्क ना पहने होने की वजह से चालान के लिए जो फोटो ली थी वो फेस रिकॉग्निशन सिस्टम को बढ़ा दी और वहां से जो जानकारी पुलिस को मिली वो बेहद चौंकाने वाली थी.

फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की तरफ से पुलिस टीम को जानकारी दी गई कि ये फोटो काफी हद तक नरेला के रहने वाले शातिर बदमाश अमित और सुनील से मिलती है. इसके बाद पुलिस टीम ने जिस रास्ते से दोनों बदमाश भागे थे उस रास्ते के करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की.

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पहचान साफ हो जाने के बाद पुलिस की टीम ने अमित को नरेला के उसके घर से और सुनील को शाहाबाद इलाके से उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर लिया. सुनील पुलिस से बचने के लिए अलमारी के अंदर छिप गया था.

पुलिस ने बदमाशों के पास से एक पिस्टल और कुछ कारतूस भी बरामद किया. पूछताछ में दोनो में बताया कि पिस्टल उन्हें एक शातिर हथियारों के तस्कर तरुण ने दी थी. इसके बाद पुलिस ने खेड़ा कलां से तरुण को गिरफ्तार कर लिया.

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पकड़ में आये सुनील के खिलाफ सिर्फ दिल्ली में लूट और झपटमारी के 47 मामले दर्ज हैं जबकि दिल्ली से बाहर 12 केसों की जानकारी पुलिस को मिली है. वहीं, अमित के खिलाफ लूट और झपटमारी के 15 मामले दर्ज हैं.

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