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दोस्त की पत्नी की इस इच्छा की खातिर बना हत्यारा

यूपी के सहारनपुर एक मासूम बच्चे का अपहरण कर हत्या करने वाले तीन आरोपियों हिमांशु, संजय सैनी और ममता सैनी को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है. हिमांशु का अपहरण करके अपने दोस्त संजय की पत्नी को देना चाहता था. लेकिन पकड़े जाने के डर से उसने बच्चे की हत्या कर नहर में शव में फेंक दिया था. बच्चे के कपड़े और सफेद रंग की स्कूटी बरामद कर ली गई है.

लाल घेरे में आरोपी हिमांशु (काली जैकेट) और संजय सैनी लाल घेरे में आरोपी हिमांशु (काली जैकेट) और संजय सैनी

यूपी के सहारनपुर एक मासूम बच्चे का अपहरण कर हत्या करने वाले तीन आरोपियों हिमांशु, संजय सैनी और ममता सैनी को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है. हिमांशु का अपहरण करके अपने दोस्त संजय की पत्नी को देना चाहता था. लेकिन पकड़े जाने के डर से उसने बच्चे की हत्या कर नहर में शव में फेंक दिया था. बच्चे के कपड़े और सफेद रंग की स्कूटी बरामद कर ली गई है.

जानकारी के मुताबिक, बीते दो मार्च को थाना जनकपुरी क्षेत्र के खान आलमपुरा से तीन माह के एक बच्चे का अपहरण कर लिया गया था. उसका शव अगले दिन तीन मार्च को गांव के पास ही एक नहर से मिला था. रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक शख्स की तस्वीर बच्चे को ले जाते हुए कैद हो गई थी. इसके बाद से पुलिस ने इस अपहरण और हत्या की गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई थी.

आरोपियों ने यूं किया सनसनीखेज खुलासा
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में आई फुटेज की मदद से दो युवकों सहित एक महिला को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सनसनीखेज खुलासा किया. आरोपी हिमांशु ने बताया कि संजय सैनी उसका दोस्त है. उसको एक बेटी है, लेकिन वह एक बेटा चाहता था. संजय ने हिमांशु से एक बच्चे का प्रबंध करने के लिए कहा. अपने दोस्त की खातिर उसने एक बच्चे की तलाश शुरू कर दी.

नवजात की तलाश में भटक रहा था आरोपी
बच्चे की तलाश में हिमांशु कुछ भी कर गुजरने को तैयार था. लिहाजा वो रोज शहर में बच्चे की तलाश करने लगा. दो मार्च की शाम करीब 5 बजे वह अस्पताल से रेकी कर लौट रहा था. अचानक उसकी निगाह सड़क किनारे 3 महीने के एक बच्चे को गोद में लिए खड़े एक किशोर पर टिक गई. उसने इधर-उधर देखने के बाद बड़ी फुर्ती से किशोर की गोद से मासूम असद को छीना और स्कूटी पर लेकर फरार हो गया.

सीसीटीवी में कैद हुई आरोपी की करतूत
पुलिस के मुताबिक, हिमांशु को पता नही था कि तीसरी आंख कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमरों की नजर उस पर बनी हुई थी. अपहरण के बाद उसकी दो फुटेज मेन घंटाघर चौराहे पर पुलिस द्वारा लगाए कैमरों में कैद हो गई. इन्ही फुटेज के आधार पर जब पुलिस जिला अस्पताल पहुंची, तो वहां भी हिमांशु के फुटेज मिल गए. इसके आधार पर इस मामले का खुलासा कर दिया गया.

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