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581 किलो गांजा खा गए चूहे, मथुरा पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट भी हैरान, कहा साक्ष्य दें 

मथुरा पुलिस ने एडीजे सप्तम के न्यायालय में पेश की गई रिपोर्ट में बताया कि थाना शेरगढ़ और हाईवे में पकड़ी गई 581 किलो गांजे की खेप चूहे खा गए हैं. यह सुनकर न्यायाधीश भी हैरान रह गए. उन्होंने इसके सबूत 26 नवंबर तक कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं. साथ ही एसएसपी को चूहों से बचाव करने के निर्देश दिए.

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एडीजे सप्तम के न्यायालय ने जब गांजे के पैकेट पेश करने को कहा, तो खुला मामला.
एडीजे सप्तम के न्यायालय ने जब गांजे के पैकेट पेश करने को कहा, तो खुला मामला.

रस्सी का सांप बनाने में माहिर मथुरा पुलिस माहिर है. अब यहां कि पुलिस ने एक ऐसा कारनामा किया है, जिसे सुनकर और देखकर कोर्ट भी हैरान रह गया है. मथुरा पुलिस ने बताया कि थाना शेरगढ़ और हाईवे में पकड़ी गई 581 किलो गांजे की खेप को थाने के मालखाने में चूहे खा गए हैं. इसकी रिपोर्ट एडीजे सप्तम के न्यायालय में पेश की गई है. 

इस रिपोर्ट को देखकर न्यायाधीश भी दंग रह गए. एडीजे सप्तम के न्यायालय ने दोनों ही थाना प्रभारियों को इस मामले के साक्ष्य कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं. वहीं एसएसपी को भी चूहों से बचाव करने के निर्देश दिए हैं.

कोर्ट ने दिए थे गांजे के पैकेट पेश करने के आदेश 

मथुरा के थाना शेरगढ़ में पकड़ी गई 386 किलो गांजे की खेप माल खाने में रखी थी. वहीं, सन 2018 में थाना हाइवे में पुलिस ने 195 किलो गांजे की खेप बरामद की थी. एडीजे सप्तम के न्यायालय मुकदमे के ट्रायल के दौरान गांजे की सील बंद मुहर लगे पैकेट न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश थाना हाइवे और शेरगढ़ प्रभारियों को दिए थे. 

26 नवंबर तक कोर्ट में पेश करें सबूत 

शेरगढ़ और हाइवे थाना प्रभारियों ने अदालत में पेश की गई रिपोर्ट में कहा है कि मालखाने में रखे गांजे को चूहे खा गए. कुछ बचे हुए गांजे को नष्ट कर दिया गया है. दोनों थानों के प्रभारियों ने न्यायालय में जब यह रिपोर्ट दी, तो कोर्ट ने 26 नवंबर तक इस मामले के साक्ष्य पेश करने के आदेश दे दिए हैं. 

अब देखना यह है कि थाना शेरगढ़ पुलिस और थाना हाईवे पुलिस इस मामले के साक्ष्य कोर्ट में पेश कर पाती है या नहीं. बहरहाल, चूहों के 581 किलो गांजे को खा जाने का यह मामला जरूर सुर्खियां बटोरने लगा है. 

अब सफाई में थाना प्रभारियों के बदले सुर 

मामले के तूल पकड़ने के बाद थाना प्रभारियों के सुर बदल गए हैं. हाईवे के इंस्पेक्टर छोटेलाल का कहना है कि 7 अक्टूबर 2022 को हुई बारिश के बाद थाने में पानी भर गया था. उस कारण गांजा खराब हो गया, जो अभी तक हमारे पास थाने में मौजूद है. 

वहीं, इंस्पेक्टर शेरगढ़ सोनू कुमार ने कहा कि हमारे पास पूरा गांजा मौजूद है. हमने कोर्ट के सामने पेश कर दिया है. मगर, बारिश में मालखाने में उसमें पानी गिर गया था. बहरहाल, दोनों इस्पेक्टर अपनी-अपनी सफाई लगभग एक सी दलील दे रहे हैं.

अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं 

वहीं, इस मामले में पुलिस की फजीहत होने के बाद पुलिस का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. अधिकारी मामला कोर्ट में होने की बात कहकर बात से पल्ला झाड़ रहे हैं. 

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