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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में बम बनाती थी विवेक बागी गैंग, दबोचे गए 5 आरोपी, कार और असलहे बरामद

Prayagraj: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के हॉलैंड हॉल छात्रावास में रहकर बम बनाने का कारखाना चलाने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सिविल लाइंस थाना इलाके में एक ढाबे पर इन्होंने ही बमबाजी की थी. आरोपी बम बेचने का भी काम करते थे.

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गैंग के सदस्य बम बेचने का भी काम करते थे. गैंग के सदस्य बम बेचने का भी काम करते थे.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 20 जून को ढाबे पर की थी बमबाजी
  • विवेक बागी गैंग के 5 सदस्य अरेस्ट

प्रयागराज पुलिस ने बमबाजी कर दहशत फैलाने समेत लूट और डकैती करने वाली इंटर स्टेट गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पांचों आरोपी लंबे समय से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉलैंड हॉल छात्रावास में रहकर बम बनाने का कारखाना चला रहे थे. आरोपियों के पास से एक स्विफ्ट कार पांच बम और एक तमंचा बरामद हुआ है. 

पुलिस के मुताबिक, गैंग का सरगना विवेक यादव उर्फ बागी बलिया का रहने वाला है. इस गिरोह में 8 सदस्य हैं, जो लूट और छिनैती के साथ ही हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने से भी पीछे नहीं रहते थे. इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ प्रयागराज समेत यूपी के कई जिलों में अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. खास बात यह है कि ये गैंग अपना सेंटर पॉइंट प्रयागराज को बनाए हुए थी. 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉलैंड हॉल छात्रावास के 3 अलग-अलग कमरों में अवैध तरीके से पांचों लोग रहते थे. यहीं पर बम बनाने के साथ ही अन्य अपराधिक घटनाओं के लिए प्लानिंग करते थे.  यह लोग बम हॉस्टल के अंदर बनाया करते थे] साथ ही बम के मटेरियल अलग-अलग जगह से खरीदा करते थे. बीते 20 जून को सिविल लाइंस के एजी ऑफिस मार्ग पर एक रेस्टोरेंट के बाहर भी इसी ने गिरोह ने बमबाजी कर दहशत फैलाई थी. पुलिस बमबाजी की घटना के बाद से तलाश में जुटी हुई थी. 

प्रयागराज एसएसपी अजय कुमार के मुताबिक, गैंग में दो सदस्य ऐसे भी हैं जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई करते थे. लेकिन विवेक यादव उर्फ बागी गिरोह से जुड़कर वह अपराधिक वारदातों में शामिल रहते थे. 

पुलिस के मुताबिक, गैंग में शामिल 8 सदस्यों में से पांच को अरेस्ट कर लिया गया है. तीन सदस्य फरार चल रहे हैं. उनकी तलाश में पुलिस की तेज तर्रार टीमों का गठन किया गया है. जल्द ही सभी को अरेस्ट कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा. पुलिस ने बताया कि अरेस्ट आरोपियों के खिलाफ केस रजिस्टर्ड किया जाएगा. सभी की हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी ताकि अभियुक्तों को जल्द जमानत न मिल सके.

 

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