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जानें- आतंक का कराची कनेक्शन और खौफनाक साजिश, ऐसे हुआ बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस बात की जांच कर रही है कि पकड़े गए आरोपियों से बरामद हथियार पिछले माह पंजाब में बरामद किए गए हथियारों के ज़ख़ीरे का हिस्सा तो नहीं. क्योंकि स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से जो हथियार और बारूद बरामद किया है, वो बिल्कुल पंजाब में पकड़े गए हथियारों के ज़ख़ीरे से मिलता जुलता है.

पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गिरफ्तारी में यूपी एटीएस की अहम भूमिका
  • यूपी से पकड़े गए हैं तीन संदिग्ध आरोपी
  • 2 आरोपी 14 दिन की रिमांड पर

देश में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश होने के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं. सबसे अहम बात ये है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से जो हथियार और बारूद बरामद किया है, वो बिल्कुल पंजाब में पकड़े गए हथियारों के ज़ख़ीरे से मेल खाता है. पिछले महीने पंजाब में ड्रोन के ज़रिए हथियार गिराए गए थे. जो भारतीय एजेंसियों के हत्थे चढ़ गए थे. उनमें कारतूस, टिफ़िन बम और ग्रेनेड आदि शामिल थे. अब इस मामले में स्पेशल सेल को एक फरार संदिग्ध की तलाश है.

अलग-अलग राज्यों से पकड़े गए 6 आरोपियों में से आरोपी जीशान कमर और मो. आमिर जावेद को कोर्ट ने 14 दिन का पीसी रिमांड पर भेज दिया है. अदालत में दिल्ली पुलिस की तरफ से बताया गया कि जीशान और आमिर को इलाहाबाद लेकर जाना है, क्योंकि हुमैद नाम के एक शख्स को तलाश किया जाना है. सूत्रों की मानें तो हुमैद इन 6 आरोपियों का काफी क्लोज एसोसिएट है और इस पूरी साजिश में उसका भी हाथ है.

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस बात की जांच कर रही है कि पकड़े गए आरोपियों से बरामद हथियार पिछले माह पंजाब में बरामद किए गए हथियारों के ज़ख़ीरे का हिस्सा तो नहीं. क्योंकि स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से जो हथियार और बारूद बरामद किया है, वो बिल्कुल पंजाब में पकड़े गए हथियारों के ज़ख़ीरे से मिलता जुलता है. अगस्त में पंजाब में ड्रोन के ज़रिए गिराए गए हथियार बरामद गुए थे. जिसमें 100 कारतूस, टिफ़िन बम और ग्रेनेड शामिल थे. 

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यूपी एटीएस का मुश्किल टास्क

यूपी एटीएस के प्रमुख जी.के. गोस्वामी ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों, दिल्ली पुलिस और यूपी एटीएस के एक संयुक्त अभियान में तीन संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा गया, जो पाकिस्तान से संचालित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे. इन तीनों की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ और प्रयागराज में छापेमारी के दौरान की गई.

आजतक/इंडिया टुडे से खास बातचीत में यूपी एटीएस के चीफ जी.के. गोस्वामी ने बताया कि यह एक मुश्किल काम था. क्योंकि उत्तर प्रदेश एक विशाल राज्य है और निरंतर वीआईपी मूवमेंट भी हो रहा है. राज्य में अयोध्या जैसे कई हॉटस्पॉट भी हैं. उन्होंने बताया कि एटीएस को प्रयागराज में एक आईईडी के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन चूंकि यह स्थान एक स्थानीय बस्ती का था, इसलिए यह समुद्र में एक बूंद खोजने जैसा काम था.

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि शुरुआती दौर में सिलसिलेवार धमाकों को अंजाम देने की साजिश रची गई थी. आरोपियों को सही समय पर पकड़ लिया गया. क्योंकि वे अपने ऑपरेशन के पहले चरण में थे. जांच एजेंसियों के सूत्रों ने यह भी पुष्टि की है कि ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान गए आरोपियों को विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करने के लिए तैयार किया गया था.

उत्तर प्रदेश में चुनाव के मद्देनजर यूपी एटीएस के प्रमुख ने कहा कि एटीएस के प्रमुख के रूप में उनके लिए ये बेहद मुश्किल टास्क था, क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री और देश के राष्ट्रपति अक्सर यूपी का दौरा कर रहे थे. विधानसभा चुनाव भी सिर पर हैं और यूपी की सीमाएं भी विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा पर झरझरा हैं, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना था कि इन संदिग्धों को पकड़ने में कोई चूक ना हो जाए.

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आईएसआई और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि लगभग 1 सप्ताह से यह ऑपरेशन चल रहा था. कल सुबह विभिन्न शहरों में दबिश दी गई. लगातार 4-5 जगहों पर छापेमारी की गई. जिसमें ऐसे 6 लोगों को पकड़ा गया जो इस पूरे आतंकी मॉड्यूल से संबंधित थे और इनके पास से प्रयागराज में क बहुत ही संवेदनशील आईईडी बरामद की गई. जिससे पता चलता है कि इनके मंसूबे बहुत खतरनाक थे. यूपी में पिछले कई दिनों में बहुत वीवीआइपी विजिट्स हुई हैं, इसको लेकर और भी ज्यादा चुनौती थी. 

एडीजी ने बताया कि इस संबंध में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक केस दर्ज किया हुआ था. यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा था, लिहाजा पकड़े गए सभी आरोपियों को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के हवाले कर दिया गया है. सभी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा तो यूपी एटीएस की टीम भी पूछताछ में शामिल होगी. उसे जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, उस पर आगे की कार्रवाई होगी.

उनके मुताबिक यह पाक एजेंसी आईएसआई द्वारा संचालित मॉड्यूल था, जिसको यूपी एटीएस ने बेनकाबा किया है. भीड़ भाड़ वाली जगहों और संवेदनशील स्थानों पर वीवीआईपी मूवमेंट में अगर विस्फोट होता तो काफी अफरातफरी मच सकती थी. एडीजी ने कहा कि अंडरवर्ल्ड की सक्रियता बढ़ने से जो चुनौतियां होंगी, हम उसको लगातार स्वीकार कर रहे हैं. हमने ऐसे कई मॉड्यूल पकड़े हैं और आगे भी हम ऐसी कार्रवाई करने में सफलता पाएंगे. कोशिश करेंगे कि ऐसी कोई गड़बड़ी ना होने पाए.

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डी कंपनी से आरोपी का कनेक्शन!

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने इस मामले पर कहा कि दिल्ली पुलिस ने कुछ आतंकी संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. जिनमें से एक को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है. इस संबंध में उन्होंने शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की. अधिकारियों ने गृह मंत्री को इसके बारे में जानकारी दी है. महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख इस संबंध में मीडिया को जानकारी देंगे. 

एक सवाल के जवाब में पाटिल ने कहा कि कोई खुफिया विफलता नहीं है. वे इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दे सकते. साथ ही उन्होंने कहा कि किसी को भी इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए. यह बहुत संवेदनशील मामला है. पकड़े गए आरोपियों के परिवार से नियमानुसार पूछताछ हो रही है. कई मौकों पर आईबी जानकारी साझा करता है, लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं होता है. गिरफ्तार संदिग्ध का डी कंपनी से कोई संबंध है या नहीं, इस पर एटीएस प्रमुख जानकारी देंगे. 

 

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