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4 हार, 18 इयररिंग्स, चेन पर लिखा था अंग्रेजी का ये अक्षर, अर्पिता के घर मिले 8 KG सोने की डिटेल

अर्पिता मुखर्जी और पार्थ चटर्जी पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है. 27 जुलाई को हुई रेड में अर्पिता की एक प्रॉपर्टी से करोड़ों का सोना और काफी कैश बरामद हुआ है.

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अर्पिता के घर मिले 8 KG सोने की डिटेल अर्पिता के घर मिले 8 KG सोने की डिटेल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ईडी का दावा- जांच में सहयोग नहीं कर रहे पार्थ
  • अर्पिता ने जब्त हुआ कैश पार्थ चटर्जी का बताया

शिक्षा घोटाले में बुरी तरह फंस चुकीं अर्पिता मुखर्जी के खिलाफ ईडी जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. पिछले महीने 27 जुलाई को भी ईडी ने कोलकाता में अर्पिता की एक और प्रॉपर्टी पर रेड मारी थी. उस रेड में 27 करोड़ से ज्यादा कैश और 6580 ग्राम सोना जब्त किया गया. ईडी ने जांच के दौरान करीब 4.31 करोड़ का सोना अपने कब्जे में लिया.

अर्पिता के घर सोना ही सोना!

जानकारी मिली है कि ईडी ने 27 जुलाई अर्पिता मुखर्जी की Belghoria वाली प्रॉपर्टी पर रेड मारी थी. उस रेड में अर्पिता के दो फ्लैट सील किए गए, इसके अलावा भारी मात्रा में कैश भी बरामद हुआ. पिछली तमाम रेड की तुलना में इस बार ईडी को अर्पिता के घर से बड़ी मात्रा में सोना भी बरामद हुआ. खबर है कि जांच एजेंसी ने 6580 ग्राम 24 कैरेट वाला सोना अपने कब्जे में लिया, वहीं 22 कैरेट का 1572 सोना भी ईडी ने जब्त किया. इसके अलावा रेड के दौरान एजेंसी को 7 24 कैरेट सोने वाले कड़े मिले, 22 कैरेट सोने के दो ब्रेसलेट भी जब्त किए गए.

अब ईडी की रेड सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही. जब जांच का दायरा आगे बढ़ा तो एजेंसी के हाथ चार बड़े हार लगे, 18 इयरिंग्स मिलीं, सोने का पेन मिला, 5 अंगूठिया भी जब्त की गईं. सोने की चेन भी जब्त की गई जिस पर अंग्रेजी अक्षर 'A' लिखा हुआ था. अभी के लिए अर्पिता मुखर्जी पांच अगस्त तक ईडी कस्टडी में ही रहने वाली हैं. पार्थ चटर्जी से भी ईडी के सवाल-जवाब का सिलसिला जारी है. ये अलग बात है कि उनकी तरफ से जांच में ज्यादा सहयोग नहीं किया जा रहा. अभी तक एक बार भी उन्होंने ये स्वीकार नहीं किया है कि ये सारा पैसा उनका है, लेकिन अर्पिता जरूर ये कबूलनामा कर चुकी हैं. इसके अलावा जांच से ये भी साफ हो चुका है कि अर्पिता और पार्थ एक दूसरे को कई सालों से जानते थे. 

सालों से एक दूसरे को जानते पार्थ-अर्पिता

इंडिया टुडे/आजतक के पास जो दस्तावेज मौजूद हैं, उनसे साफ तौर पर पता चलता है कि पार्थ और कैश क्वीन अर्पिता एक-दूसरे को करीब 10 साल से जानते थे. तब दोनों ने साथ मिलकर एक प्रॉपर्टी भी खरीदी थी जिसका नाम रखा गया था अ-पा. ये नाम फार्म हाउस की नेम प्लेट पर भी लिखा हुआ था. 

वैसे अभी के लिए पार्थ चटर्जी को तो टीएमसी ने भी अलग-थलग कर दिया है. मंत्रिमंडल से तो उनका पत्ता कई दिन पहले ही साफ कर दिया गया. अब तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी नई टीम का गठन भी कर लिया है जिसमें तमाम समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दिया गया है. 
 

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