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जहांगीरपुरी हिंसा केस में जमानत पर बाहर आए अंसार और जाकिर फिर गिरफ्तार, इलाके में की माहौल खराब करने की कोशिश

जमानत पर बाहर आते ही अंसार और जाकिर इलाके में जुलूस निकालकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे. इसकी सूचना पर दो अन्य साथियों के साथ पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. साथ ही क्राइम ब्रांच को भी इनकी गिरफ्तारी की जानकारी साझा की. गौरतलब है कि रामनवमी में जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के मास्टरमाइंड में से एक अंसार को अदालत ने जमानत दी थी.

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जमानत पर बाहर आए अंसार और जाकिर फिर गिरफ्तार
जमानत पर बाहर आए अंसार और जाकिर फिर गिरफ्तार

जहांगीरपुरी हिंसा मामले में आरोपी अंसार और जाकिर जमानत पर बाहर हैं. दोनों पर इलाके का माहौल खराब करने का आरोप लगा है. इसकी भनक लगते ही पुलिस ने अंसार, जाकिर के साथ ही दो अन्य को गिरफ्तार किया है. जिनकी पहचान अरबाज और जुनैल के रूप में हुई है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जमानत पर बाहर आते ही अंसार और जाकिर इलाके में जुलूस निकालकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे. इसकी सूचना पर दो अन्य साथियों के साथ इन्हें गिरफ्तार कर लिया. साथ ही क्राइम ब्रांच को भी इनकी गिरफ्तारी की जानकारी साझा की है.

दरअसल, क्राइम ब्रांच ही जहांगीरपुरी हिंसा की जांच कर रही है. गौरतलब है कि रामनवमी में जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के मास्टरमाइंड में से एक अंसार को शुक्रवार(4 नवंबर) को अदालत ने जमानत दी थी.

कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करता है अंसार

हिंसा में आरोपी अंसार करीब 10-12 साल पहले बंगाल के हल्दिया से दिल्ली आया था. अंसार कबाड़ (स्क्रैप) खरीदने-बेचने का काम करता है और BMW से चलता है. आरोप है कि जिस वक्त छतों से पत्थर, बोतलें फेंकी गई तब अंसार 60-70 लोगों के साथ सी-ब्लॉक की मस्जिद के सामने मौजूद था.

मोहम्मद अंसार के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं. पहले मामले में इसको चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया था. तब आर्म्स एक्ट के तहत धारा लगाई गई थी. दूसरा मामला जुलाई 2018 का है. इसमें IPC की धारा 186/353 के तहत केस दर्ज किया गया था.

हनुमान जयंती पर भड़की थी हिंसा 
इसी साल अप्रैल में हनुमान जयंती पर जहांगीरपुरी इलाके में हिंसा भड़की थी. इसमें कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आर्म्स एक्ट, दंगा और हत्या की कोशिश में केस दर्ज किया था. 

K-ब्लॉक तक जानी थी शोभा यात्रा

हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभा यात्रा K-ब्लॉक तक जानी थी. जब ये शोभा यात्रा सवा C-ब्लॉक पहुंची तभी मामूली झड़प हुई. देखते ही देखते झड़प हिंसा में बदल गई. दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर मेदालाल जो इस झगड़े की कॉल को अटेंड करने आए थे, उनके हाथ में गोली भी लगी थी. 

 

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