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पत्नी बिहार में नेता और पति को गुजरात में 'रॉबिनहुड' बनने का शौक, चोरी कर गरीबों में बांटता था पैसा

सूरत पुलिस ने इस चोरी की वारदात को सुलझाने के लिए सीसीटीवी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया था. सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरों में चोरी करने वाला शख्स लग्जरी कार में सवार होकर आया था और उसके बाद वह कार सूरत शहर के लिंबायत इलाके में ट्रेस की गई थी. 

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सूरत पुलिस ने दो वीआईपी चोरों को किया गिरफ्तार सूरत पुलिस ने दो वीआईपी चोरों को किया गिरफ्तार

गुजरात के सूरत में क्राइम ब्रांच ने दो ऐसे चोरों को गिरफ्तार किया है जो चोरी की रकम से गरीबों की सहायता करते थे. 'रॉबिनहुड' नाम से मशहूर इन वीआईपी चोरों की कहानी बेहद दिलचस्प है.

गुजरात समेत देश के कई शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक आरोपी की पत्नी बिहार में नेता है और यह खुद भी अपनी पत्नी के साथ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाता था. राजनीति और अपराध की दुनिया से संबंध रखने वाला यह कथित रॉबिनहुड बड़ी मशक्कत के बाद सूरत पुलिस के हत्थे चढ़ा है.

गिरफ्तार किए दोनों चोरों में एक का नाम मोहम्मद इरफान उर्फ उजाले अख्तर शेख है जबकि दूसरे का नाम मुजम्मिल गुलाम रसूल शेख है. मोहम्मद इरफान उर्फ उजाले अख्तर शेख बिहार के सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है. जबकि उसका साथी भी सीतामढ़ी जिले के पोखरेरा गांव का निवासी है. हालांकि फिलहाल हैदराबाद में रहता है. 

मोहम्मद इरफान उर्फ उजाले मोहम्मद अख्तर शेख सालों से चोरी के धंधे में माहिर है. वह बिहार, दिल्ली, पंजाब और गुजरात के सूरत शहर में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है. सूरत शहर के उमरा थाना क्षेत्र में रघुवीर सोसायटी में 27 जुलाई की रात को एक बंगले में घुसकर वह 6 लाख 61 हजार रुपये की चोरी करके फरार हो गया था. 

कार का नंबर सूरत का नहीं था लिहाजा उसे पकड़ने में पुलिस को दिक्कत आ रही थी, लेकिन आखिरकार सूरत पुलिस ने उसे लिंबायत थाना क्षेत्र के मीठीखाड़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया. इन दोनों आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी किया हुआ माल और एक लोडेड इंडियन पिस्टल, दो कारतूस भी बरामद किए हैं. इसके साथ ही सूरत के उमरा इलाके में हुई चोरी की वारदात को सूरत क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है.

करीब 5 साल पहले दिल्ली पुलिस ने भी उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था, तब भी उसने रॉबिनहुड के नाम से सुर्खियां बटोरी थीं.

सूरत क्राइम ब्रांच के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर ललित बाघडिया ने बताया कि मोहम्मद इरफान ने कबूल किया है कि वह चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए लग्जरी कार में सवार होकर जाता था और चोरी के पैसों को गरीबों पर खर्च करता था.

हालांकि, पुलिस उसकी कहानी पर फ़िलहाल भरोसा नहीं कर रही है. पकड़े गए दोनों आरोपी दिन में रेकी करते थे और फिर रात को गूगल मैप के सहारे लोकेशन पर चोरी करने जाते थे.

पुलिस या किसी और को उनकी हरकत पर शक न हो, इसलिए कार पर जिला परिषद सदस्य की प्लेट लगा रखी थी. वह पत्नी की जीत के बाद सूरत में रह रहे समर्थकों का आभार व्यक्त करने भी आया था.

 

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