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अरुण शौरी के खिलाफ FIR का आदेश, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का लगा आरोप

मामला राजस्थान में उदयपुर के लक्ष्मी विलास पैलेस होटल से जुड़ा है. अरुण शौरी पर 252 करोड़ रुपये के होटल का साढ़े सात करोड़ रुपये में विनिवेश करने का आरोप है.

अरुण शौरी (फाइल फोटो) अरुण शौरी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अरुण शौरी के खिलाफ एक्शन
  • एफआईआर दर्ज करने का आदेश
  • सीबीआई कोर्ट ने दिया आदेश

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं. स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज पीके शर्मा के जरिए भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में अरुण शौरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है.

राजस्थान के जोधपुर में स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज पीके शर्मा ने अरुण शौरी के खिलाफ एक्शन लिया है. अरुण शौरी के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है. दरअसल, शौरी पर सरकार द्वारा संचालित होटल की बिक्री में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है.

मामला राजस्थान में उदयपुर के लक्ष्मी विलास पैलेस होटल से जुड़ा है. अरुण शौरी पर 252 करोड़ रुपये के होटल का साढ़े सात करोड़ रुपये में विनिवेश करने का आरोप है. वहीं उदयपुर जिला कलेक्टर को होटल को तुरंत कब्जे में लेने के लिए आदेश दिए गए हैं.

कौन हैं अरुण शौरी?

बता दें कि बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद अरुण शौरी 1999-2004 के दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार में केंद्रीय संचार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विनिवेश मंत्री थे. रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित शौरी ने 1967- 1978 के दौरान विश्व बैंक के साथ एक अर्थशास्त्री के रूप में भी काम किया है. अरुण शौरी 'द इंडियन एक्सप्रेस' के संपादक भी रहे हैं.

 

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