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गैंगवॉर: जेल से टिल्लू दे रहा था शूटरों को निर्देश, कोर्ट से 3 किमी दूरी पर फ्लैट में हुई थी प्लानिंग

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. अब सामने आया है कि सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया मंडोली जेल के हाई रिस्क सेल में शूटआउट से पहले तक पल-पल निर्देश दे रहा था.

टिल्लू ताजपुरिया टिल्लू ताजपुरिया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रोहिणी कोर्ट शूटआउट मामले में हुए नए खुलासे
  • पूरी घटना की पल-पल जानकारी ले रहा था टिल्लू ताजपुरिया
  • पार्किंग में खड़े शूटरों को तुरंत निकलने का दिया था निर्देश

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. अब सामने आया है कि सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया मंडोली जेल के हाई रिस्क सेल में शूटआउट से पहले तक पल-पल निर्देश दे रहा था. जितेंद्र को मारने के लिए तीन शूटर वकील की ड्रेस में कोर्ट में दाखिल हुए थे. इसमें से दो को पुलिस ने फायरिंग कर मार गिराया था, जबकि तीसरा कार सवार शूटर कोर्ट की पार्किंग में ही इंतजार कर रहा था. तीनों जिस कार से कोर्ट आए थे, उसमें वकील और कोर्ट की पार्किंग का स्टीकर भी लगा हुआ था. माना जा रहा है कि टिल्लू को शूटआउट का पहले ही अंदाजा लग चुका था और इस वजह से उसने अन्य शूटरों को कोर्ट की पार्किंग से तुरंत निकल जाने के लिए कह दिया था.

सूत्रों के अनुसार, जेल में बंद टिल्लू ताजपुरिया शूट आउट होने से पहले तक शूटर को लगातार फोन पर बातचीत कर रहा था. वह उसे निर्देश दे रहा था कि किस प्रकार से जितेंद्र को खत्म करना है और बैक-अप प्लान तैयार करना है. हालांकि, हैरानी की बात यह है कि टिल्लू मंडोली के हाई रिस्क वॉर्ड में बंद है, जहां पर काफी सख्ती होती है, लेकिन इसके बावजूद भी वह जेल से लाइव ऑपरेशन चला रहा था. इसके बाद मंडोली जेल के अधिकारियों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं. 

इस मामले में गिरफ्तार किए गए उमंग ने खुलासा किया है कि वह दोनों शूटरों को लेकर रोहिणी कोर्ट पहुंचा था. यहां कोर्ट के बाहर पहले से ही टिल्लू ने नेपाली मूल के शूटर को खड़ा किया हुआ था. उमंग ने दोनों शूटर को गेट पर छोड़ा, जहां पहले से मौजूद नेपाली मूल के शूटर ने दोनों से मुलाकात की और फिर तीनों शूटर कोर्ट परिसर में दाखिल हो गए. 

इसी फ्लैट में रुके थे शूटर
इसी फ्लैट में रुके थे शूटर

उमंग आई-10 कार लेकर आराम से कोर्ट की पार्किंग में चला गया. कुछ देर के बाद पार्किंग में नेपाली मूल का शूटर लौट आया और उसने बताया कि चूंकि उसने काली जींस पहन रखी है और इस वजह से पूरी तरह से वकील की तरह गेटअप नहीं हो पा रहा है. राहुल और जयदीप नामक दोनों शूटरों ने उसे वापस भेज दिया है.

वहीं, जब दोनों शूटर कोर्ट रूम में जाकर बैठ चुके थे, तभी अचानक कोर्ट की पार्किंग में उमंग के साथ बैठे नेपाली मूल के शूटर को जेल से टिल्लू ने कॉल किया और कहा तुम दोनों अब कोर्ट से निकल जाओ, क्योंकि आगे का प्लान फेल हो सकता है. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि टिल्लू ताजपुरिया को अंदाजा था कि कोर्टरूम में जितेंद्र को मारने गए शूटर या तो काम को अंदाज देने के बाद जज के सामने सरेंडर कर देंगे या फिर एनकाउंटर में मार दिए जाएंगे.

कोर्ट से तीन किलोमीटर दूर रुके थे शूटर
वहीं, दिल्ली शूटआउट मामले में नया खुलासा हुआ है. पता चला है कि जो शूटर जितेंद्र को मारने के लिए गए थे, वे रोहिणी कोर्ट से सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित फ्लैट में रुके थे. उसी फ्लैट में इस पूरी वारदात की प्लानिंग बनाई गई थी. 

 

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