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दिल्लीः लोन के नाम पर ड्राइवरों से उगाही करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार

टैक्सी ड्राइवर की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली और मामले की जांच शुरू की गई. सबसे पहले पुलिस ने टैक्सी के पिछले मालिक रिंकू पांडे से बातचीत की. रिंकू ने बताया कि टैक्सी पर कोई भी लोन नहीं है. इसके बाद पुलिस ने पीड़ित से उस गाड़ी का नंबर मांगा जिससे बदमाश आए थे तो टैक्सी ड्राइवर उस गाड़ी का नंबर भी नहीं दे पाया.

दिल्ली में लोन के नाम पर उगाही करने वाला बदमाश गिरफ्तार (फोटो-हिमांशु) दिल्ली में लोन के नाम पर उगाही करने वाला बदमाश गिरफ्तार (फोटो-हिमांशु)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच, गिरफ्तार
  • गिरफ्तार आरोपी पहले उगाही का काम करता था
  • दिल्ली पुलिस को दूसरे आरोपी दिनेश की तलाश

दिल्ली की उत्तरी जिला पुलिस ने एक ऐसे शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है जो रास्ते में टैक्सी ड्राइवरों को रोककर उनसे जबरन वसूली करता था. पुलिस के मुताबिक आरोपी ड्राइवरों से कहता कि इस कार की लोन की किस्तें बकाया हैं जिन्हें चुकता नहीं किया गया है और डरा धमकाकर जब तक ड्राइवरों से पैसा नहीं लेता ना तो उन्हें छोड़ता और ना ही उनकी गाड़ी को.

19 नवंबर को एक टैक्सी ड्राइवर कश्मीरी गेट थाने में पहुंचता है, वहां उसने शिकायत दी कि जब वह एक पैसेंजर को लेकर राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल की तरफ जा रहा था तभी आईएसबीटी के पास एक स्विफ्ट कार अचानक से उसकी गाड़ी के सामने आकर रुकी. और स्विफ्ट कार में सवार 2 लोगों में से एक उसकी गाड़ी के पास आता है और उसे उतरने के लिए कहा.

जब पीड़ित ड्राइवर अपनी गाड़ी से उतरा तो उसे बोला गया कि इस कार पर लोन बकाया है. जिसे चुकता नहीं किया गया है. जिस पर ड्राइवर ने कहा कि उसने यह गाड़ी रिंकू पांडे से 1 लाख 30 हजार में खरीदी है और उसे लोन के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

इस पर बदमाशों ने टैक्सी ड्राइवर को अपनी स्विफ्ट गाड़ी में बैठा लिया और उसकी सवारी को वहीं पर उतार दिया और उसकी टैक्सी लेकर यूपी में चले गए. वहां पर ले जाकर कहा गया कि या तो तुम 15 हजार रुपये तुरंत दो नहीं तो हम तुम्हारी टैक्सी को जब्त कर लेंगे और इतना ही नहीं तुम्हारी पिटाई भी करेंगे.

अपनी गाड़ी जब्त होते देख टैक्सी ड्राइवर डर गया और उसने आरोपियों के दिए गए पेटीएम अकाउंट में 15 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, और इसके बाद कहीं जाकर आरोपियों ने उस ड्राइवर को छोड़ा.

टैक्सी ड्राइवर की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली और मामले की जांच शुरू की गई. सबसे पहले पुलिस ने टैक्सी के पिछले मालिक रिंकू पांडे से बातचीत की. रिंकू ने बताया कि टैक्सी पर कोई भी लोन नहीं है. इसके बाद पुलिस ने पीड़ित से उस गाड़ी का नंबर मांगा जिससे बदमाश आए थे तो टैक्सी ड्राइवर उस गाड़ी का नंबर भी नहीं दे पाया. 

पुलिस ने इसके बाद आईएसबीटी इलाके के कई सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और उस पेटीएम अकाउंट की भी डिटेल निकालने की कोशिश की जिसमें उसने पैसे ट्रांसफर किए थे.

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इस बीच एक सीसीटीवी कैमरे में आरोपियों की गाड़ी का पूरा नंबर दिख गया जिसके बाद पुलिस की टीम उस गाड़ी के मालिक के पास पहुंची. गाड़ी के मालिक ने बताया कि वारदात वाले दिन यह गाड़ी उसका रिश्तेदार विजेंद्र लेकर गया था जिसके बाद पुलिस ने विजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से लूटे गए 15 हजार रुपये भी बरामद कर लिए.

पुलिस के मुताबिक वारदात में विजेंद्र का एक साथी दिनेश भी शामिल था जो कि एक टैक्सी ड्राइवर है. दरअसल, विजेंद्र पहले रिकवरी एजेंट का काम करता था और तभी उसे यह आइडिया आया कि इस तरीके से डराकर वो टैक्सी ड्राइवरों से पैसा वसूल सकता है. दिनेश और विजेंद्र टैक्सी ड्राइवरों को टारगेट करने लगे. फिलहाल पुलिस दिनेश की तलाश में जुटी हुई है.

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