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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केसः बृजेश ठाकुर की अपील पर सीबीआई से HC ने मांगा जवाब

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के एक शेल्टर होम में 40 से अधिक लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले में बृजेश ठाकुर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उम्रकैद की सजा काट रहा है बृजेश ठाकुर
  • निचली अदालत के फैसले को दी है चुनौती
  • कोर्ट ने सीबीआई से 2 हफ्ते में मांगा है जवाब

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में उम्रकैद की सजा काट रहे बृजेश ठाकुर की दिल्ली हाईकोर्ट में लगाई गई अपील पर सीबीआई को जवाब दाखिल करने के लिए और 2 हफ्ते का समय दिया गया है. इस मामले में हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 1 अक्टूबर तय की है.

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के एक शेल्टर होम में 40 से अधिक लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले में बृजेश ठाकुर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

दिल्ली हाई कोर्ट में बृजेश ठाकुर ने निचली अदालत के 20 जनवरी और 11 फरवरी के फैसले को रद्द करने की अपील दाखिल की थी. इस पर हाई कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था. इस पर मंगलवार को फिर हुई सुनवाई में एजेंसी ने अपने जवाब को दाखिल करने के लिए 2 हफ्ते का समय और मांगा. इससे पहले, 20 जनवरी के फैसले में निचली अदालत ने बृजेश ठाकुर को मामले में दोषी ठहराया गया था और 11 फरवरी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी.

बहरहाल, हाईकोर्ट ने सीबीआई को अगली तारीख पर स्टेटस रिपोर्ट या जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. हाई कोर्ट ने सीबीआई से ब्रजेश ठाकुर की उस अर्जी पर भी जवाब मांगा है जिसमें उसने निचली अदालत द्वारा उस पर लगाए गए 32.20 लाख रुपये के जुर्माने पर रोक लगाने की दरख्वास्त की है. बृजेश ठाकुर ने कहा है कि फिलहाल वह यह रकम भरने में असमर्थ है क्योंकि जांच एजेंसियों ने उसके सभी अकाउंट फ्रीज किए हुए हैं.


 

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