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लखीमपुर हिंसा: आशीष मिश्रा को लेकर क्राइम सीन रीक्रिएट करने पहुंची SIT

लखीमपुर के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को किसानों को रौंदते वक्त गृह राज्य मंत्री का बेटा आशीष मिश्रा गाड़ियों में मौजूद था या फिर बलबीर पुर गांव में कुश्ती के कार्यक्रम स्थल पर, यही पहेली लखीमपुर पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • लखीमपुर हिंसा में पुलिस की 'आधुनिक जांच'
  • एडवांस सर्विलांस सिस्टम की मदद लेगी पुलिस

लखीमपुर कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा और अंकित दास अगले 24 घंटे तक एक साथ पुलिस की कस्टडी रिमांड में मौजूद रहेंगे. आशीष मिश्रा की घटनास्थल पर मौजूदगी पर भले ही अंकित दास और खुद आशीष मिश्रा ने इनकार किया हो लेकिन जांच कर रही लखीमपुर पुलिस अब एडवांस सर्विलांस सिस्टम की मदद लेगी. मोबाइल टावर के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी की मदद लेकर आशीष मिश्रा की मौजूदगी पर छानबीन करेगी. पुलिस ने इसके लिए आशीष मिश्रा के दोनों ही मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल के साथ-साथ उसके इंटरनेट कनेक्टिविटी का बिल डिटेल मंगाया है.

इसके अलावा अब SIT ने मौके पर जाकर घटना वाले दिन को रीक्रिएट करने का प्रयास भी शुरू कर दिया है. फॉरेंसिक की टीम भी साथ ही मौजूद है और हर सबूत को बारीकी से परखा जा रहा है. इस समय आरोपी आशीष मिश्रा भी मौके पर मौजूद है.

लखीमपुर हिंसा में पुलिस की 'आधुनिक जांच'

लखीमपुर के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को किसानों को रौंदते वक्त गृह राज्य मंत्री का बेटा आशीष मिश्रा गाड़ियों में मौजूद था या फिर बलबीर पुर गांव में कुश्ती के कार्यक्रम स्थल पर, यही पहेली लखीमपुर पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. अब तक की जांच में मिले सबूत व गिरफ्तार किए गए आरोपियों में खुद अंकित दास और उसके गनर लतीफ ने आशीष मिश्रा की मौजूदगी से इनकार किया है. लेकिन घटनास्थल पर मौजूद किसानों ने आशीष मिश्रा की मौजूदगी का दावा किया है.

क्या दावे-क्या सबूत, पुलिस के सामने चुनौती

लेकिन उन सबूतों के बावजूद भी आशीष अपनी बात पर अडिग है. उसकी तरफ से कुश्ती के कार्यक्रम स्थल पर अपनी मौजूदगी के तौर पर 150 से अधिक फोटो, दर्जनों वीडियो और 10 से अधिक लोगों के एफिडेविट पुलिस को दिए गए हैं. ऐसे में पुलिस के सामने ठोस सबूत और गवाह हासिल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस ही आखिरी सहारा बचा है. आशीष मिश्रा की घटनास्थल पर मौजूद थी या नहीं, इसको खंगालने के लिए ही पुलिस ने आशीष के दोनों मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल तो हासिल कर ली है लेकिन अब वह अंकित दास और आशीष मिश्रा के मोबाइल नंबर की टावर लोकेशन और इंटरनेट कनेक्टिविटी डिटेल खंगाल रही है.

इंटरनेट कनेक्टिविटी डिटेल एक ऐसा सहारा होगा जिससे पुलिस आशीष मिश्रा की मौजूदगी पर अहम सबूत जुटा सकेगी. हालांकि लखीमपुर के बलबीर पुर इलाके में खराब कनेक्टिविटी की वजह से भी पुलिस को कम मुश्किलें नहीं आ रही हैं जिसकी वजह से ही पुलिस ने अब एडवांस सर्विलांस की मदद लेना शुरू किया है.

किस तकनीक का होगा इस्तेमाल?

इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के साथ साथ पुलिस का ध्यान उन पुलिसकर्मियों पर भी अटका है जो आशीष मिश्रा के मंत्री पिता अजय मिश्रा की सुरक्षा में तैनात थे. माना जा रहा है कि बलबीरपुर गांव में कार्यक्रम के दौरान अजय मिश्रा के सुरक्षाकर्मी आशीष के पास मौजूद थे. इसके साथ ही वीवीआईपी कार्यक्रम के मद्देनजर जिला पुलिस के द्वारा भी जो सुरक्षाकर्मी वहां तैनात किए गए उनका भी पुलिस बयान लेगी. फिलहाल पुलिस को आशीष मिश्रा के मोबाइल से जुड़ी जानकारी का इंतजार है.

लखीमपुर जेल भेजा जा रहा आशीष मिश्रा
लखीमपुर मामले में रिमांड की अवधि खत्म होने के 17 घंटे पहले ही आशीष मिश्रा को लखीमपुर जेल में दाखिल किया जाएगा. आज ही रात में आशीष मिश्रा को जेल भेजा जाएगा. कल सुबह 10:00 बजे तक आशीष मिश्रा की पुलिस कस्टडी रिमांड मिली है. इसके लिए पुलिस उसे घटनास्थल पर ले गई और मुआयना करवाया, जिसके बाद उससे पूछताछ पूरी हो गई.

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