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गोरखपुर में 50 फीसदी से ज्यादा निर्विरोध प्रत्याशी, पत्नी समेत जिला बदर माफिया का नाम भी चर्चा में

जिला बदर माफिया सुधीर सिंह और उसकी पत्नी अंजू देवी का निर्विरोध बीडीसी सदस्य निर्वाचित होना तय हुआ तो ये खबर आग की तरह पूरे जिले में फैल गई. अधिकारियों के कान खड़े हो गए.

गोरखपुर का माफिया सुधीर सिंह और बीजेपी विधायक की पत्नी भी चुनाव मैदान में हैं गोरखपुर का माफिया सुधीर सिंह और बीजेपी विधायक की पत्नी भी चुनाव मैदान में हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंचायत चुनाव में अजब कहानी
  • बड़ी संख्या में निर्विरोध प्रत्याशी
  • माफिया सुधीर सिंह का नाम चर्चाओं में

यूपी के गोरखपुर जिले में इस बार पंचायत चुनाव के दौरान एक नई लहर दिख रही है, जहां 50 फीसदी से ज्यादा सदस्यों का निर्विरोध चुने जाना तय माना जा रहा है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वो है जिला बदर माफिया सुधीर सिंह और उसकी पत्नी अंजू. इन दोनों का बिना चुनाव निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुने जाना तय है. इसी तरह से सत्तारुढ़ दल बीजेपी के विधायक विपिन सिंह की पत्नी नीता सिंह का कौड़ीराम ब्लॉक से चुने जाना भी तय हो गया है. इतने बड़े स्तर पर निर्विरोध सदस्यों का नाम सामने आने से शासन-प्रशासन के कान भी खड़े हो गए हैं.

जिला बदर माफिया सुधीर सिंह और उसकी पत्नी अंजू देवी का निर्विरोध बीडीसी सदस्य निर्वाचित होना तय हुआ तो ये खबर आग की तरह पूरे जिले में फैल गई. अधिकारियों के कान खड़े हो गए. पिपरौली ब्लॉक के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख एवं जिला बदर माफिया सुधीर सिंह को क्षेत्र पंचायत के वार्ड संख्या 52 से निर्वाचित होना था. बुधवार को माफिया सुधीर सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ नामांकन दाखिल करने वाले सभी प्रत्याशियों ने अपने नामांकन भी वापस ले लिए थे.

पिपरौली ब्लॉक के वार्ड नंबर 45 से सुधीर सिंह की पत्नी अंजू देवी, वार्ड नंबर 38 से संजू सिंह, वार्ड नंबर 44 से दिलीप यादव और वार्ड नंबर 87 से उर्मिला का निर्विरोध चुने जाना तय है. क्योंकि इन सभी के खिलाफ नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों ने नामांकन वापस ले लिए हैं. 

जानकारी के मुताबिक माफिया सुधीर सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन दाखिल करने के लिए अनुमति मांगी थी. लेकिन जिलाधिकारी कार्यालय से उसे अनुमति नहीं मिली. इसके बाद माफिया सुधीर सिंह के प्रस्तावक ने उसके हस्ताक्षर कराकर नामांकन पत्र निर्वाचन कार्यालय में दाखिल किया था. निर्वाचन नियमावली में ऐसा किए जाने का प्रावधान है. पिपरौली के आरओ एसबी सिंह ने माफिया सुधीर सिंह के निर्वाचन की जानकारी दी. जिला बदर माफिया सुधीर के निर्विरोध चुने जाने की सूचना मिलते ही ब्लॉक प्रमुख पद के दूसरे दावेदारों में हलचल मच गई. 

इसी तरह गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के बीजेपी विधायक विपिन सिंह की पत्नी नीता सिंह का निर्विरोध निर्वाचित होना भी तय हो गया है. विधायक विपिन सिंह की पत्नी नीता कौड़ीराम ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत वार्ड संख्या 76 से निर्विरोध सदस्य निर्वाचित होंगी. नीता 2005 और 2010 में कौड़ीराम की ब्लॉक प्रमुख भी रही हैं. इसी प्रकार कैंपियरगंज के विधायक की पत्नी साधना सिंह भी जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ रही हैं. 

जंगल कौड़िया ब्लॉक में निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव वार्ड नंबर 1 से, उनकी पत्नी मंजू यादव वार्ड नंबर 23 से निर्विरोध निर्वाचित हो रही हैं. गगहा ब्लॉक में 13 बीडीसी निर्विरोध चुने गए,भरोहिया ब्लॉक में वार्ड नंबर नौ से डा. सुनीता सिंह पत्नी संजय कुमार सिंह निर्विरोध निर्वाचित हुयी हैं, बड़हलगंज ब्लॉक में पांच बीडीसी सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो रहे हैं.

सरदारनगर ब्लॉक की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख शशिकला यादव वार्ड संख्या 2 रसूलपुर से निर्विरोध निर्वाचित हो रही हैं. चरगांवा ब्लॉक के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख सुनील पासवान वार्ड संख्या 5 से और उनकी पत्नी संगीता पासवान वार्ड संख्या 49 से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने जा रहे हैं. भटहट ब्लॉक में 3, उरुवा ब्लॉक के 2 और खजनी ब्लॉक में 6 प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा रहे हैं. निर्विरोध निर्वाचित होने वालों में कई ब्लॉक के निवर्तमान प्रमुख और उनके समर्थक शामिल हैं.

प्रमुख पद के दावेदार प्रत्याशी अधिकतर निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं. ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 50 फीसदी से अधिक प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं. लेकिन इन सभी 50 फीसदी प्रत्याशियों में जिला बदर माफिया प्रत्याशी सुधीर सिंह का नाम सर्वाधिक चर्चा में है. वहीं ग्रामीण विधायक विपिन सिंह की पत्नी नीता सिंह का नाम भी निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद सर्वाधिक चर्चा में है.

 

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