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Jodhpur: किडनैप हुईं दोनों बहनों को पुलिस ने भोपाल से ढूंढ निकाला, पकड़ा गया शातिर अपराधी हितेंद्रपाल

7 दिन से गायब दो सगी बहनों को जोधपुर पुलिस ने ढूंढ निकाला है. दोनों बहनों को शातिर अपराधी हितेंद्रपाल गड़रिया किडनैप कर भोपाल ले गया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी दोनों बहनों के साथ कई बार रेप कर चुका है. डीसीपी ईस्ट डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि आरोपी की पहचान उत्तराखंड के निवासी हितेंद्रपाल गड़रिया के रूप में हुई है, जो कुख्यात अपराधी है.

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किडनैप और रेप का आरोपी पकड़ा गया
किडनैप और रेप का आरोपी पकड़ा गया

जोधपुर से 7 दिन पहले गायब हुई दो सगी बहनों को पुलिस ने ढूंढ निकाला है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी  हितेंद्रपाल गड़रिया नाम के शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है. हितेंद्रपाल गड़रिया के खिलाफ हत्या के 4 समेत कुल 17 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. वो 2017 में जमानत पर छूट कर बाहर आया था और अलग-अलग नाम से अपने ठिकाने बदल रहे रहा था. पुलिस ने उसे भोपाल से गिरफ्तार किया उसके साथ दोनों सगी बहनों को बरामद किया. जिसकी तलाश की जा रही थी. आरोपी दोनों के साथ वो कई बार रेप भी कर चुका है.  

डीसीपी ईस्ट डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि आरोपी की पहचान उत्तराखंड के काशीपुरा निवासी हितेंद्रपाल गड़रिया के रूप में हुई है, जो कुख्यात अपराधी है उसके खिलाफ हत्या समते कई मामले दर्ज हैं. अभी भी आरोपी कई मामलों में वांछित चल रहा है, डीसीपी दुहन ने बताया कि माता का थान,  थाना क्षेत्र में आरोपी ने एक युवक से ओला पार्टी ऐप के जरिए दोस्ती की थी, इसके बाद उसके घर आकर 25 दिन तक रुका. फिर उसकी एक नाबालिग दूसरी 21 वर्षीय बहन को लेकर 16 नवंबर को जोधपुर से लेकर भाग गया. 

दोनों सगी बहनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट परिवार ने थाने में दर्ज करवाई थी. थानाधिकारी राजूराम बामणिया अपहरण की धारा में दर्ज किया था और दोनों बहनों को ढूंढने के लिए कई टीमें लगाई थीं. पुलिस ने बताया कि आरोपी दोनों बहनों को जोधपुर से अजमेर के किशनगढ़ लेकर गया था. रास्ते में उसने टैक्सी ड्राइवर से कहा कि वह किशनगढ़ से फ्लाइट लेगा. लेकिन किशनगढ़ उतरने के बाद वापस बस से अजमेर आया और 2 दिन रुकने के बाद वो ट्रेन से भोपाल गया. पुलिस को उसका सुराग मिला और जोधपुर पुलिस टीमें भोपाल पहुंचीं. जहां से आरोपी को गिरफ्तार किया और दोनों अपहृत  सगी बहनों को लेकर जोधपुर लेकर आई. 

थानाधिकारी राजूराम बामणिया ने बताया कि आरोपी हितेंद्रपाल आला दर्जे का शातिर बदमाश है.  2017 में जेल से छूटा और उसके बाद से वह लगातार नाम और पहचान बदलकर अलग अलग शहरों में घूमता रहा. ओला पार्टी एप्लीकेशन पर खुद को अंश बताकर जोधपुर के युवक से दोस्ती की थी. उसके बाद में उनके घर आ गया उसने अपने दोस्त को इस बात का झांसा दिया कि उसके पास बहुत ज्यादा काम है और वह उसे रोजगार दे देगा. कुछ दिन बाद  उसकी दोनों बहनों को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर यहां से ले गया. वह दिल्ली, आसाम, बिहार, पुणे, महाराष्ट्र के अलावा कई राज्यों की लड़कियों से दोस्ती करता है और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाकर छोड़ देता था. 

हितेंद्रपाल गरीब लड़कियों और महिलाओं से संबंध बनाता था. जिससे उसे किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो. वो जिनसे भी दोस्ती करता उन्हीं  के नाम मोबाइल सिम लेकर फोन चला था और उन्हीं के खर्चों पर रहता था. जोधपुर से दोनों युवतियों को भोपाल ले जाने से पहले ही उनके नाम और पहचान भी उसने बदल दी थी और उनके नए पहचान पत्र बना दिए जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है. 

पुलिस की पूछताछ में हितेंद्रपाल ने पुलिस को बताया है कि उसके खिलाफ हत्या के 4 मामले दर्ज हैं. उत्तर प्रदेश के चर्चित संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड जो 2005 में हुआ था उसमें भी उसने ही एके-47 से फायरिंग की थी. लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त में आने से बच गया था.  इसके बाद उसने उत्तराखंड में अपनी गैंग बना ली और अपने प्रतिद्वंदी गैंग के लीडर के भाई की हत्या कर दी.  

इसके बाद अन्य शहरों में भी उसने कई हत्या की जिनमें रफ्तार हुआ हाल ही में वह फरीदाबाद में भी एक हत्याकांड में अभी भी फरार है.  पुलिस कस्टडी में उसे दूसरे गैंग के लोगों ने गोली मारी थी लेकिन वह बच गया था. उत्तराखंड के अलग-अलग थानों में ही 10 मामले उसके खिलाफ दर्ज है इसके अलावा उत्तर प्रदेश,  हरियाणा,  राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है. 

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