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IAF का बर्खास्त अफसर गिरफ्तार, वायुसेना-रेलवे में नौकरी देने के नाम पर ठगने का आरोप

भारतीय वायुसेना और रेलवे में नौकरी देने के नाम पर ठगी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. लंबे समय से फरार वायुसेना के निलंबित अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस अफसर पर लोगों को फर्जी कॉल लेटर और नियुक्ति पत्र देने का भी आरोप है.

फर्जी नौकरी के नाम पर ठगने के आरोप में गिरफ्तारी (सांकेतिक-रॉयटर्स) फर्जी नौकरी के नाम पर ठगने के आरोप में गिरफ्तारी (सांकेतिक-रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 18 लोगों को नौकरी के नाम पर ठगने का आरोप
  • दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी को आगरा से पकड़ा
  • नौकरी के नाम पर लोगों से 2.7 करोड़ रुपये ठगे

भारतीय वायुसेना (IAF) के एक बर्खास्त अफसर को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध विंग ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अफसर पर युवाओं को भारतीय वायुसेना और रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने का आरोप है और वह लंबे समय से फरार था.

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पिछले दिनों फरार आरोपी चक्रवीर चौधरी को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है, जिस पर 18 निर्दोष लोगों को धोखा देने का आरोप है. चौधरी आगरा का रहने वाला है. वर्तमान मामला विंग कमांडर तेजवीर सिंह समेत कई लोगों की ओर से नकली भर्ती रैकेट के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी.

जांच करने पर पता चला कि त्रिलोकपुरी निवासी थान सिंह और पालम के वायुसेना पिंटो पार्क स्थित 16 बीआरडी में कॉर्पोरल (नायक) चक्रवीर चौधरी भारतीय वायुसेना और भारतीय रेलवे में भर्ती के लिए फर्जी भर्ती रैकेट चला रहे हैं. जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने वायुसेना और रेलवे में नौकरी का वादा करके बड़ी संख्या में लोगों को ठगा है और उनसे करीब 2.7 करोड़ रुपये ठग लिए हैं.

जांच के दौरान, पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए थे जिन्होंने आरोप लगाया कि थान सिंह और चक्रवीर चौधरी नाम के दो व्यक्तियों ने ऐसा दावा किया वे उन्हें वायुसेना और रेलवे में नौकरी दिलवा देंगे. उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों व्यक्तियों ने उनसे शैक्षिक प्रमाणपत्रों की मूल पत्र और फोटोकॉपी एकत्र की और इस आधार पर उन्होंने उनसे करीब 2.7 करोड़ की बड़ी राशि ले ली. दोनों आरोपियों ने उन्हें फर्जी कॉल लेटर और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी सौंप दिए.

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वर्तमान केस में 28 नवंबर 2019 को आरोपियों में से एक थान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया और वह कोविड-19 के कारण अंतरिम संरक्षण में है. जबकि दूसरा आरोपी चक्रवीर चौधरी लंबे समय से फरार था, उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया गया था. 7 दिसंबर 2020 को चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने आरोपी चक्रवीर चौधरी के खिलाफ घोषित अपराध की घोषणा के लिए कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया.

आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें लगाई गई. पुलिस टीम आरोपी चक्रवीर चौधरी को 5 जनवरी की देर रात आगरा के उसके पैतृक गांव रिठौरा से गिरफ्तार करने में सफल रही. आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया जहां उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया. मामले की जांच जारी है.

आरोपी चक्रवीर चौधरी ग्रेजुएट है जिसने इंटरमीडिएट के बाद भारतीय वायुसेना में एयरक्रॉफ्ट मैन के रूप में शामिल हुआ. उसकी पोस्टिंग आगरा में थी, जहां वह थान सिंह के संपर्क में आया जिसने उसे मोटी कमाई के लिए नकली भर्ती रैकेट चलाने की सलाह दी थी. 35 साल के चक्रवीर चौधरी को वायुसेना की ओर से नौकरी से निलंबित किया जा चुका है.


 

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