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केंद्र सरकार ने 8 YouTube चैनल किए ब्लॉक, देश विरोधी कंटेंट दिखाने पर लिया एक्शन

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले महीने मॉनसून सत्र में कहा था कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ और भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाया जाता है. आईटी एक्ट 2000 के सेक्शन 69 A के अनुसार, भारत की अखंडता और प्रभुता को ध्यान में रखते हुए और सुरक्षा को देखते हुए देश विरोधी एजेंडा चलाने वाले सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर कार्रवाई की जा रही है.

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केंद्र सरकार ने देश विरोधी यूट्यूब चैनल बैन किए (सांकेतिक फोटो) केंद्र सरकार ने देश विरोधी यूट्यूब चैनल बैन किए (सांकेतिक फोटो)

केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश विरोधी कंटेंट बनाने, विदेशी संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर दुष्प्रचार फैलाने वाले 8 YouTube चैनलों को ब्लॉक कर दिया है. सूचना प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक IT नियम 2021 के तहत 7 भारतीय और 1 पाकिस्तान के YouTube समाचार चैनल को प्रतिबंधित किया गया है. ब्लॉक किए गए चैनलों को 114 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका था  और इन चैनलों के 85 लाख 73 हजार सब्सक्राइबर थे. इन चैनलों में देश विरोधी और झूठी जानकारी दी जा रही थी.

पिछले साल 747 वेबसाइट, 94 चैनल बंद हुए

21 जुलाई को राज्यसभा में सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया था कि देश विरोधी कंटेंट परोसने पर 2021-22 में करीब 94 YouTube चैनल और 19 सोशल मीडिया एकाउंट्स को बंद किया गया था. इसके साथ ही 747 URLs यानी वेबसाइटों को भी बंद किया गया है. 

17 जुलाई को 78 YouTube चैनल बैन किए

सूचना प्रसारण मंत्री ने 78 यूट्यूब न्यूज चैनल और उनके सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक कर दिया था. आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के उल्लंघन के आरोप में यह कार्रवाई की गई थी.

25 अप्रैल को 16 YouTube चैनल किए थे बैन

अप्रैल में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार फैलाने को लेकर 16 YouTube news channels को ब्लॉक कर दिया गया था. इनमें 10 चैनल भारतीय और 6 पाकिस्तान बेस्ड YouTube चैनल थे.

IT नियम, 2021 के तहत इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन्हें ब्लॉक किया गया था. सरकार का कहना थ कि ब्लॉक किए गए YouTube समाचार चैनलों की दर्शकों की संख्या 68 करोड़ से अधिक थी. 

5 अप्रैल को 22 यूट्यूब चैनल कर दिए थे बंद

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने IT Rules 2021 के तहत इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए 22 YouTube चैनल्स, तीन Twitter अकाउंट, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया था.

इन अकाउंट्स और चैनल्स का इस्तेमाल संवेदनशील और भारत की सुरक्षा, विदेश नीति और पब्लिक ऑर्डर से जुड़े मामलों में फेक न्यूज और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलान के लिए किया जा रहा था. ब्लॉक किए गए YouTube चैनल्स के पास कुल 260 करोड़ व्यूअरशिप थी.

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