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अंकित भादू के एनकाउंटर से नागौर शूटआउट तक, उत्तर भारत के गैंगस्टर्स की दुश्मनी की इनसाइड स्टोरी

पहले बीच सड़क पर खुलेआम गोलीबारी. फिर सरेआम सबकी आंखों के सामने कत्ल और फिर सोशल मीडिया पर वारदात को अंजाम देने का दावा. उत्तर भारत के गैंगस्टरों का यह पुराना तरीका है. हकीकत में कत्ल-ओ-गारत मचाने के साथ-साथ वे वर्चुअल वर्ल्ड में भी गुंडागर्दी मचाने से बाज नहीं आते हैं.

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मूसेवाला की हत्या के बाद बिश्नोई गैंग और बंबिहा गैग के बीच गैंगवार तेज हो गई है
मूसेवाला की हत्या के बाद बिश्नोई गैंग और बंबिहा गैग के बीच गैंगवार तेज हो गई है

सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद पंजाब के गैंग और गैंगस्टर दो अलग-अलग खेमों में बंट गए हैं. एक खेमा वो है, जो मूसेवाला की मौत का बदला लेना चाहता है और दूसरा खेमा वो, जो मूसेवाला की मौत की जिम्मेदारी ले रहा है. सोमवार को राजस्थान के नागौर में जो लाइव शूटआउट हुआ वो इसी गैंगवार को नतीजा है. जिसका मर्डर हुआ वो शख्स लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा था, और मारने वालों का ताल्लुक बिश्नोई के दुश्मन बंबिहा गैंग से था. 

असल दुनिया से वर्चुअल वर्ल्ड तक गुंडागर्दी
पहले बीच सड़क पर खुलेआम गोलीबारी फिर सरेआम सबकी आंखों के सामने कत्ल और फिर सोशल मीडिया पर वारदात को अंजाम देने का दावा. उत्तर भारत के गैंगस्टरों का यह पुराना तरीका है. हकीकत में कत्लों गारद मचाने के साथ-साथ वे वर्चुअल वर्ल्ड में भी गुंडागर्दी मचाने से बाज नहीं आते हैं.

एनआईए चाहे लाख दबिश डाले या फिर पंजाब पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स बना ले या दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल गैंगस्टरों पर नकेल कसने का दावा करती रहे, लेकिन उत्तर भारत के ये गैंगस्टर रुकने वाले नहीं लगते.

जारी है सड़कों पर खून-खराबा
सोमवार की दोपहर को राजस्थान के नागौर में कोर्ट परिसर के ठीक बाहर जिस तरह संदीप बिश्नोई उर्फ संदीप सेठी नाम के गैंगस्टर का कत्ल हुआ, उससे ये साबित हो गया कि इन बदमाशों को किसी का खौफ नहीं है और ये जब तक बाहर रहेंगे इसी तरह एक-दूसरे का कत्ल करते रहेंगे और बेगुनाहों को सताते रहेंगे.

संदीप सेठी पर हमला उस वक्त हुआ जब वो एक मामले में कोर्ट से गवाही के बाद वापस लौट रहा था. वो कुछ रोज़ पहले ही ज़मानत पर बाहर लौटा था.

ऐसे हुआ संदीप का कत्ल

संदीप के खून के प्यासे बदमाश पहले ही घात लगाए उसका इंतज़ार कर रहे थे और जैसे ही वो बाहर निकला, अपने लोगों से घिरे होने के बावजूद अपने दुश्मनों की गोलियों का शिकार बन गया. एक शूटर ने संदीप के सिर में बिल्कुल सटाकर प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी. संदीप नीचे गिर गया और उसकी मौत हर हाल में तय करने के लिए बाकी के शूटरों ने जमीन पर गिरे संदीप पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी. फिर ये बदमाश अलग-अलग बाइक्स पर सवार होकर मौका-ए-वारदात से भाग निकले.

बंबिहा और कौशल गैंग ने ली जिम्मेदारी
अभी पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंच कर सबूत जुटाती. एफआईआर दर्ज करती. सीसीटीवी में कैद तस्वीरों की मदद से शूटरों तक पहुंचने की कोशिश करती. इससे पहले ही सोशल मीडिया पर देविंदर बंबिहा और कौशल चौधरी गैंग ने इस कत्ल की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली और कहा कि ये तो बस अभी शुरुआत है. आगे-आगे देखिए होता है क्या.

2016 में एक एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर देविंदर बंबिहा के नाम से बनाए गए एक फेसबुक अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में गैंगस्टरों ने लिखा, "सारे भाई लोग ठीक हो? आप कहते थे बंबिहा ग्रुप सिर्फ फेसबुक पर पोस्ट डालता है. करता कुछ नहीं है. देख लो अब इसका हिसाब कर दिया. ऐसे ही सभी का हिसाब होगा. बस वेट एंड वॉच. अभी तो आए हैं. देखो क्या-क्या होता है."

पोस्ट के ज़रिए मैसेज
इसी के साथ इस अकाउंट से लॉरेंस विश्नोई और सोमवार को मारे गए गैंगस्टर संदीप सेठी की कुछ तस्वीरें भी फेसबुक पर पोस्ट की गई. जिन्हें लाल रंग से क्रॉस किया गया था यानी एक टारगेट पूरा हुआ. इस पोस्ट के साथ ही कई बातें साफ हो गई- 

पहली तो ये कि - गैंगस्टर संदीप बिश्नोई उर्फ संदीप सेठी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुडा था.
दूसरी ये कि - संदीप सेठी का कत्ल देविंदर बंबिहा और कौशल चौधरी गैंग ने बदले की कार्रवाई के तहत किया.
तीसरी ये कि - अब आगे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुडे बदमाश भी इस कत्ल का बदला जरूर लेंगे.

बिश्नोई गैंग की तरफ से आया जवाब
संदीप सेठी के कत्ल के बाद दविंदर बंबिहा और कौशल चौधरी की ओर से किए गए बदले के दावों पर उनके दुश्मन गोल्डी बराड़ और लॉरेंस विश्नोई गैंग की ओर से भी पलटवार किया गया. ऑफिशियल गोल्डी बराड़ के नाम से बनाए गए एक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट डाल कर ये बताने की कोशिश की गई ये हमला कोई बंबिहा या कौशल चौधरी गैंग के बदले का नतीजा नहीं है. बल्कि संदीप बिश्नोई उर्फ संदीप सेठी की छोटू बिश्नोई से चली आ रही दस साल पुरानी रंजिश का अंजाम है. 

उस पोस्ट में गैंगस्टरों ने लिखा "छोटू बिश्नोई मंगली और संदीप बिश्नोई मंगली के बीच 10 साल पुरानी दुश्मनी चली आ रही थी. ये दोनों हमारे जानकार थे. इन दोनों के बीच राजीनामे की भी कोशिश की. लेकिन ये दोनों ही नहीं माने और दूसरी बात ये कि जो ये दावा कर रहे हैं कि हमने बदला ले लिया, तो उन्हें ये बता दें कि बदला लेने के लिए जोर लगता है. फेसबुक पोस्ट से बदले पूरे नहीं होते."

दावे और चैलेंज करने का सिलसिला जारी
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ की तस्वीरों के साथ पोस्ट किए गए इस मैसेज से गोल्डी बराड़ गैंग ने जहां संदीप सेठी के कत्ल को एक शिकस्त के तौर पर कबूल करने से इनकार कर दिया, वहीं बातों ही बातों में बंबिहा और कौशल चौधरी गैंग को एक नया चैलेंज दे दिया कि बदला लेने के लिए ग्राउंड पर आना पड़ता है, सिर्फ फेसबुक पोस्ट करने से बदले पूरे नहीं होते. कहने की जरूरत नहीं है कि बंबिहा और कौशल चौधरी गैंग ने भी अगर इसे चैलेंज के तौर पर लिया, तो अभी आनेवाले दिनों में और खून खराबा होगा.

लवी दयौड़ा के कत्ल से शुरू हुआ खूनी खेल
वैसे तो इन दोनों गैंग्स के बीच दुश्मनी का सिलसिला पिछले कई सालों से जारी है, लेकिन हाल के दिनों में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के बाद मानों गैंगवार की इस आंच को और हवा मिल गई.

दोनों गैंग में बदले की ये कहानी लवी दयौड़ा के कत्ल से शुरू हुई थी. दयौड़ा दविंदर बंबिहा गैंग से जुड़ा था. उसका कत्ल लॉरेंस बिश्नोई के शूटर संपत नेहरा और उसके साथियों ने किया था. 

अंकित से लेकर सिद्धू मूसेवाला तक मर्डर
इसके बाद लॉरेंस के गैंग के शार्प शूटर अंकित भादू का एनकाउंटर हो गया. लॉरेंस को शक था कि पुलिस को अंकित की मुखबरी बंबिहा गैंग से जुडे मनप्रीत मन्ना ने की थी. फिर 12 दिसंबर 2019 को मालोट के एक मॉल के बाहर मन्ना का कत्ल हुआ. उसका बदला लेने के लिए बबिहा गैंग के लक्की पटियाल ने 10 अक्टूबर 2020 को गुरलाल बराड़ की जान ले ली.

गुरलाल बराड़, गोल्डी बराड़ का भाई था. इस गैंगवार में रंजीत राणा, गुरलाल पहलवान, विक्की मिद्दूखेड़ा, संदीप नंगल अंबिया जैसे लोग मारे गए और फिर इसी कड़ी में सिद्धू मूसेवाला का क़त्ल हुआ.

खून के बदले खून
मूसेवाला के कत्ल की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ली थी. बाद में पुलिस की तफ्तीश के दौरान भी वही बात निकल सामने आई लेकिन अभी देविंदर बंबिहा और कौशल चौधरी गैंग के लोग संभल पाते, तब तक फिर से कांड हो गया.

इस बार फिलिपींस में बंबिहा गैंग के ही एक और गैंगस्टर मंदीप मनाला का कत्ल हो गया और इस कत्ल का इल्जाम गोल्डी बराड़ पर आया. अब नागौर में हुए संदीप सेठी के कत्ल की जिम्मेदारी बंबिहा और चौधरी गैंग ने लेकर मानों लॉरेंस और गोल्डी के गैंग को नई चुनौती दे दी.

धमकियों का दौर
इन गैंग्स के बीच चली आ रही दुश्मनी सिर्फ फेसबुक पोस्ट पर ही नहीं दिखती. 5 अगस्त को फिलिपींस में बंबिहा गैंग के गैंगस्टर मंदीप की हत्या के बाद गोल्डी बराड़ ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के फरार शूटर दीपक मुंडी का एक ऑडियो जारी किया था, जिसमें मुंडी ना सिर्फ बंबिहा गैंग के बदमाशों को ललकार रहा था. बल्कि आनेवाले दिनों में मूसेवाला की तरह ही और भी लोगों को मारने की बात कही थी. 

जारी किया था धमकी भरा ऑडियो
इस ऑडियो में दीपक मुंडी ने बंबीहा गैंग को टुच्चा गैंग तक कह डाला था. उसने बंबिहा, कौशल चौधरी और दिल्ली के नीरज बवाना गैंग को खुल्ला चैलेंज देते हुए आगे भी उन पर हमले की बात कही थी. दीपक मुंडी ने कहा था कि 'जो हाल मूसेवाला का हुआ, वही सबका होगा.'

ऑडियो में कौशल चौधरी, बंबिहा और बवानियां गैंग को टुच्चा गुंडा कहा था. साथ ही कहा था कि कौशल और बंबिहा गैंग को मारकर इस तरह बदला लिया जाएगा, जो इतिहास में दर्ज होगा.

एनआईए के रडार पर हैं गैंगस्टर
ये गैंगस्टर नशे की तस्करी भी करते हैं. सरहद पार से हथियार भी मंगवाते हैं और तो और अब इनमें से कुछ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर अब हिंदुस्तान को ही चोट पहुंचाने की साज़िश रचने लगे हैं. ऐसे में नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए की निगाहें इन पर टेढ़ी होना लाज़िमी हैं.

उत्तर भारत के गैंग्स और गैंगस्टर अब एनआईए की रडार पर हैं, क्योंकि अब तक तो ये गैंग सिर्फ कायदे-कानून यानी लॉ एंड ऑर्डर के लिए ही चुनौती थे लेकिन कानून तोड़ते-तोड़ते जब इन्होंने देश के खिलाफ ही साज़िश की शुरुआत कर दी, तो सरकार को बीच में आना पड़ा. 

जारी है एनआईए का एक्शन
अपने इसी एक्शन प्लान के मुताबिक एनआईए ने पिछले दिनों अलग-अलग कम से कम दस ठिकानों पर दबिश दी. एनआईए ने ऐसे दस गैंगस्टरों का डोज़ियर तैयार किया है, जिन पर कार्रवाई की शुरुआत की जा चुकी है. साथ ही इन गैंगस्टर पर यूएपीए यानी ऑनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है, ताकि उनसे और सख्ती से निपटा जा सके. इन गैंग्स में दिल्ली एनसीआर के अलावा, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गैंग शामिल हैं.

ISI के हाथों में खेल रहे हैं कई गैंगस्टर
पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई भारत में इन गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर रही है. आईएसआई ने खालिस्तानी आतंकियों के कोऑर्डिनेशन के लिए अलग से के-टू नाम का एक डेस्क बना रखा है, जिसके पास कश्मीर को अशांत करने के साथ-साथ खालिस्तान को हवा देने जिम्मेदारी है. करीब साल भर में छह से ज़्यादा गैंग्स आईएसआईए के संपर्क में आ चुके हैं और खालिस्तानी भावनाओं को उकसाने का काम कर रहे हैं. पंजाब के आठ अलग-अलग शहरों में 8 हिंदू वादी नेताओं की टारगेट किलिंग इसका सबूत है.

इसी तरह मोहाली इंटेलिजेंस ऑफिस में हुए अटैक में भी लोकल गैंगस्टर का नेटवर्क सामने आया है, जिसके पीछे आईएसआई है. इसके अलावा आईएसआई सरहद पार से ड्रोन के ज़रिए नशे की खेप और हथियार भिजवाने के मामले में पहले ही कई बार बेनकाब हो चुका है.

एनआईए के डोज़ियर में 10 गैंगस्टर
अब बात एनआईए के डोज़ियर की. इस डोजियर में देविंदर बंबिहा और लॉरेंस विश्नोई गैंग के अलावा, हरियाणा दिल्ली और राजस्थान के वो गैंग्स भी शामिल हैं, जो कायदे कानून के लिए चुनौती रहे हैं. इनमें जितेंद्र गोगी, काला जठेड़ी, सुब्बे गुर्जर, लेडी डॉन अनुराधा चौधरी, नीरज बवाना, टिल्लू ताजपुरिया और कौशल चौधरी गैंग्स का नाम भी शामिल है, जिन पर एनआईए की निगाहें टेढ़ी हो चुकी हैं.

 

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