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Inside Story: भारत के खिलाफ ऐसे मिलकर काम कर रहे हैं खालिस्तानी आतंकी, गैंगस्टर और पाक एजेंसी ISI

पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई का गैंग सिर्फ भारत में ही कत्ल, जबरन वसूली, अपहरण और उगाही जैसे जुर्म की वारदातों में शामिल नहीं है, बल्कि देश के दुश्मनों से मिल कर लॉरेंस विश्नोई एंड कंपनी भारत को भी चोट पहुंचाने की कोशिश कर रही है.

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गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी पाकिस्तानी एजेंसी ISI के साथ मिलकर काम कर रहे हैं
गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी पाकिस्तानी एजेंसी ISI के साथ मिलकर काम कर रहे हैं

इसी साल 9 मई को पंजाब के मोहाली में पंजाब इंटेलिजेंस के दफ्तर के बाहर रॉकेट लॉन्चर से हमला हुआ था. हमले के बाद मौका-ए-वारदात की सीसीटीवी फुटेज में 2 संदिग्ध नजर आए थे. उन दोनों संदिग्धों की शिनाख्त होने के बाद इस पूरे मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पता चला कि ये दोनों ही मूसेवाला हत्याकांड के मास्टर माइंड गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के ही गुर्गे हैं. उसी ने पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के इशारे पर मोहाली में वो आरपीजी अटैक कराया था.

पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई का गैंग सिर्फ भारत में ही कत्ल, जबरन वसूली, अपहरण और उगाही जैसे जुर्म की वारदातों में शामिल नहीं है, बल्कि देश के दुश्मनों से मिल कर लॉरेंस विश्नोई एंड कंपनी भारत को भी चोट पहुंचाने की कोशिश कर रही है. ये खुलासा हुआ है दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और पंजाब इंटेलिजेंस की एक साझा तफ्तीश में, जिसमें मोहाली में इंटेलिंजेंस विंग के दफ्तर पर हुए आरपीजी अटैक में भी लॉरेंस विश्नोई गैंग का हाथ होने की बात अब खुल कर सामने आ गई है.

खालिस्तानी आतंकी, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लॉरेंस विश्नोई गैंग की इस ख़ौफनाक तिकडी ने भारत विरोधी जिस साजिश को अंजाम दिया है, मोहाली हमला उसके सबसे बडे सबूत के तौर पर देखा जा रहा है. इस मामले की जांच में पाकिस्तानी एजेंसी ISI से लॉरेंस गैंग का कनेक्शन साफ हो गया. मोहाली में इंटेलिजेंस ऑफिस पर RPG अटैक में लॉरेंस गैंग का ही हाथ था. इस हमले को लॉरेंस विश्नोई के दो गुर्गों ने ही 9 मई को RPG के साथ अंजाम दिया था. इस हमले में खालिस्तानी आतंकियों की ने उनकी मदद की थी. CCTV कैमरे में RPG हमले से पहले दोनों गुर्गों की तस्वीर कैद हो गई थी.

दो हमलावरों ने किया था RPG अटैक
पंजाब के मोहाली इलाके में 9 मई को कैद हुई एक सीसीटीवी फुटेज में दो लड़के सडक पर पैदल चलते हुए दिखाई दे रहे हैं. वैसे तो जब तक किसी को इन दोनों लडकों की पहचान आपको ना पता चले, उन तस्वीरों में कोई भी अजीब बात नजर नहीं आती. लेकिन पुलिस और खुफिया सूत्रों का दावा है कि ये दो लडके कोई और नहीं बल्कि लॉरेंस विश्नोई गैंग के वो गुर्गे हैं, जिन्होंने खालिस्तानी आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिल कर मोहाली में इंटेलिजेंस दफ्तर पर हमले की साज़िश रची थी. और इस साजिश को अंजाम देने से ऐन पहले ये दोनों मोहाली में खालिस्तानी आतंकियों के एजेंट से हमले कि लिए आरपीजी कलेक्ट करने जा रहे थे. जिनकी शिनाख्त ये है-

नाम-- दीपक
उम्र-- 30 साल
पहचान -- लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़ा बदमाश

नाम -- नाबालिग
उम्र -- 17 साल 9 महीने
पहचान -- गैंगस्टर दीपक का साथी

दीपक वो गैंगस्टर है, जिस पर रॉकेट लॉन्चर से पंजाब इंटेलिजेंस के दफ्तर पर आरपीजी अटैक करने का सनसनीखेज़ इल्जाम है. दीपक हरियाणा के झज्जर का रहनेवाला बताया जाता है. दीपक पर तीन कत्ल समेत आधे दर्जन से ज़्यादा सनसनीखेज़ आपराधिक मामले दर्ज हैं. जबकि इसके साथ मौजूद दूसरा लडका, उसका वो साथी है, जो पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आरपीजी अटैक की साजिश में शामिल है. लेकिन चूंकि वारदात के वक्त तक उसकी उम्र 18 साल से कम थी, लिहाजा हम ना तो उसका चेहरा दिखा सकते हैं और ना ही खुल कर उसकी पहचान जाहिर कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल क़ानून की नज़र में दोनों ही एक सनसनीखेज़ मामले के मुल्ज़िम हैं और दिल्ली और पंजाब पुलिस के साथ-साथ देश की खुफिया एजेंसियों भी दोनों की तलाश कर रही है.

पाकिस्तानी आका के इशारे पर हुआ था हमला
पुलिस और खुफिया सूत्रों के मुताबिक लॉरेंस विश्नोई के इशारे पर दीपक और उसके साथी ने 9 मई को पहले मोहाली के ही एक पार्क से आरपीजी कलेक्ट किया था और उस आरपीजी से रात को इंटेलिजेंस  विंग के दफ्तर पर हमला कर फरार हो गए थे और ये सबकुछ हुआ पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और कनाडा में छुपे लखबीर सिंह लांडा के इशारे पर, जो इन दिनों आईएसआई के इशारे पर भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और लॉरेंस विश्नोई और उसका गैंग भारत में इन आतंकियों के हाथों का मोहरा बना है.

भारत विरोधी तिकड़ी का अर्थतंत्र
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, खालिस्तानी आतंकी और हिंदुस्तानी गैंगस्टरों की इस तिकडी को समझने के लिए इनके पूरे गठजोड़ और आतंक के अर्थतंत्र को समझना ज़रूरी है. आईएसआई शुरू से ही भारत में गड़बड़ी फैलाने की साजिशें रचता रहा है और अब खालिस्तानी आतंकी उसके हाथों की कठपुतली बने हुए हैं. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के साथ भारतीय गैंगस्टरों की लिंक के दो बैक टू बैक केस स्टडीज के सामने आने के बाद अब इस नए टेंड को लेकर खुफिया एजेंसियों के भी कान खडे हो गए हैं. पंजाब पुलिस की मानें तो पंजाब इंटेलिजेंस के दफ्तर पर हुए आरपीजी अटैक की पूरी साजिश आईएसआई की शह पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकियों ने रची थी, जिन्होंने भारतीय गैंगस्टरों को इस काम के लिए अपने मोहरे की तरह इस्तेमाल किया. 

लॉरेंस विश्नोई और आतंकी हरविंदर का गठजोड़
अब मूसेवाला मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस को मोहाली से आरपीजी अटैक केस में लॉरेंस गैंग के शामिल होने की बात पता चली है और ये भी साफ हुआ है कि लॉरेंस विश्नोई और खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा एक दूसरे से मिले हुए हैं. दोनों जब पंजाब के जेल में एक साथ बंद थे, उन्हीं दिनों से एक दूसरे को जानते और एक दूसरे से बातचीत करते रहे हैं.

खालिस्तानी टाइगर फोर्स का नाम उजागर
खुफिया सूत्रों का कहना है कि दिल्ली और पंजाब में हाल के कुछ महीनों में तमाम बड़ी वारदातों में आईएसआई और कनाडा का कनेक्शन सामने आया है और ये कनेक्शन भारत के खिलाफ चल रही साजिश का सबसे बड़ा सबूत है. नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए ने अपनी एक चार्जशीट में कहा है कि पंजाब में टार्गेट किलिंग के मामले में जो नाम अब सबसे तेजी से उभर कर सामने आया है, वो खालिस्तानी टाइगर फोर्स है, जो भारत के गैंगस्टरों का इस काम के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

आईएसआई का प्लान K2 हुआ बेपर्दा 
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का प्लान K2 का राज पहले ही भारतीय एजेंसियों के सामने फाश हो चुका है. इस के टू में एक के कश्मीर के लिए है और दूसरा खालिस्तान के लिए. इस प्लान के तहत कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के साथ खालिस्तान को भी जिंदा रखने की पूरी तैयारी है. वैसे भी पाकिस्तान से कश्मीर और पंजाब दोनों के बॉर्डर सटे हुए हैं. जहां गडबडी फैलाना इन आतंकियों और पाक खुफिया एजेंसियों को लिए थोडा आसान होता है. आपको याद होगा कि साल 2020 में पाकिस्तान के इशारे पर पंजा साहिब की परिक्रमा के दौरान सिख चरमपंथियों की तरफ से 'सिख रेफरेंडम 2020' के झंडे लहराने की बात सामने आई थी, जिसके बाद इस मामले में नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए ने 9 दिसंबर 2020 को 16 लोगों पर एफआईआर भी दर्ज की थी और अब पंजाब और आस-पास के इलाकों में जारी गडबडी भी उसी की कडी है.

फंड और हथियार के लिए ISI का सहारा
पंजाब में पिछले साल सितंबर से दिसंबर तक यानी चार महीनों में कुल 6 बम धमाके हुए. इसके अलावा टारगेट किलिंग और करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी के मामले भी आए. इसी साल 100 दिनों के भीतर कुल 158 हत्याएं हुई. 14 मार्च को इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नंगल का मर्डर हुआ और 29 मई को पंजाबी  सिंगर सिद्धू मूसेवाला का कत्ल कर दिया गया. खुफिया एजेंसियों के अनुसार पंजाब में इस वक्त 1 दर्जन से ज्यादा गैंग सक्रिय हैं, जिनमें से 6 से ज्यादा गैंग के लीडर विदेश में छुपे बैठे हैं और वहीं से बैठ-बैठे ऑपरेट कर रहे हैं और अब नई जानकारी ये है कि ये अब फंडिंग और हथियार के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसएस के संपर्क में हैं.

आतंकी बना हरविंदर सिंह रिंदा का नेक्सस
इस पूरे नेक्सस का सबसे बड़ा चेहरा और मोहरा गैंगस्टर से खालिस्तानी आतंकी बना हरविंदर सिंह रिंदा है, जो इन दिनों पाकिस्तान में बैठा है और आईएसआई की गोद में खेल रहा है. ये आतंकियों और गैंगस्टरों के संपर्क की सबसे बडी कडी है. इसका काम आतंक को बढाने के लिए नौजवानों का बेनवॉश करना है. पंजाब और उत्तर भारत में ऐसे 70 से ज्यादा गैंग्स एक्टिव हैं और 500 से ज्यादा गैंगस्टर गुर्गे. इस काम के लिए ये वैसे लड़कों टार्गेट करता है, जिनकी सोच बेहद कट्टर हो और जो किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हों. गन कल्चर, ड्रग्स और शोशेबाजी के चलते पंजाब के नौजवान ऐसे आतंकियों के सॉफ्ट टार्गेट बन चुके हैं, जिन्हें ये आतंकी रिझाने में लगे हैं. 

भारत के गैंग्स का इस्तेमाल
हरविंदर सिंह रिंदा के लोग लॉरेंस विश्नोई गैंग, गोल्डी बराड गुप, लकी पटियाल गैंग, देवेंदर बंबीहा गैंग, सुक्खा काहलों गैंग सरीखे क्रिमिनल सिंडिकेट्स को टार्गेट कर रहे हैं और भारत में गडबडी फैलाने के लिए उन्हें मुंह मांगी कीमत देने का वादा कर रहे हैं. इनके जरिए और भी नौजवानों को जोड़कर सेलिब्रिटीज को निशाना बनाया जा रहा है ताकि ज्यादा गडबडी और ज्यादा अशांति फैलाई जा सके.

सामने आए 6 बड़े गैंगस्टर के नाम
पंजाब इंटेलिजेंस ने सुरक्षा एजेंसियों और सतर्कता विभाग को हाल में एक बड़ा इनपुट दिया है. जिसके अनुसार पंजाब के ऐसे 6 गैंगस्टर हैं जो किसी ना किसी तरीके से पाकिस्तानी एजेंसी के संपर्क में हैं. इनमें से 3 अमेरिका, जर्मनी और कनाडा में हैं जबकि 2 पाकिस्तान और एक बेल्जियम में हैं. यहीं से ये साजिश रच रहे हैं. इनके जरिए ही आधुनिक हथियार से लेकर ड्रग्स और गोला-बारूद तक पंजाब में पहुंचाएं जा रहे हैं.

पैसे का लालच देकर फंसा रही है ISI
पाकिस्तानी खुफिया एंजेसी आईएसआई शुरू से ही भारत में गडबडी फैलानी को कोशिश करती रही है लेकिन अब उसने भारत के नौजवान को हथियार और नशे का लालच देकर अपने नापाक इरादों को अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब के नौजवानों को पैसे कमाने के शार्टकट का लालच दिखाकर हेरोइन के साथ हथियार भी भेज रही है. हथियार कहां और किसे पहुंचाना है, ये भी उन्हें कोडवर्ड में बताया जाता है. ताकि कोई खुफिया एजेंसी उनकी बातों को ना पकड़ सके. पंजाब और भारत-पाक के सरहदी इलाकों में इस तरह के कुछ वाकयों के बाद अब खुफिया एजेंसियां चौकस हो गई हैं.

कई वारदातों से है ISI का कनेक्शन
अभी पिछले सोमवार को अमृतसर में पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ ने लुधियाना ब्लास्ट के सिलसिले में सुरमुख सिंह समू और दिलबाग को गिरफ्तार किया लेकिन एजेंसियों को तब हैरानी हुई, जब इनके पास से उन्हें हेरोइन यानी नशे की खेप के साथ-साथ पाकिस्तानी सिम कार्ड भी मिले. समू और दिलबाग पर इस धमाके के लिए विस्फोटक का इंतजाम करने का इल्ज़ाम है. वैसे सिर्फ़ लुधियाना ब्लास्ट ही नहीं, पंजाब और आस-पास की तमाम बड़ी वारदातों का कोई का कोई कनेक्शन पाकिस्तान और आईएसआई से जुड़ता दिखाई दे रहा है. 

सरहद पार से आया मौत का सामान
खुफ़िया एजेंसियों ने दावा किया है कि पिछले एक साल में 90 बार ड्रोन पाकिस्तान की सीमा पार कर भारत आ चुका है और इन ड्रोन के जरिये हेरोइन, टिफिन बम और विस्फोटक सामग्री पंजाब पहुंचाई गई है. कुछ समय पहले ही खेमकरण सेक्टर की मियांवाली पर बीएसएफ जवानों ने एक खेत में पीपल के पेड़ के पास एक लिफाफे में हेरोइन के चार पैकेट, एक पिस्तौल और 37 कारतूस बरामद किए थे. यानी यहां हेरोइन के साथ पिस्तौल भी भेजी गई थी. इसी तरह तरनतारन में भारत-पाक सीमा पर से हथियार और नशे की खेप मिली थी. यहां पुलिस टीम ने 22 पिस्तौल, 44 मैगजीन, 100 कारतूस और करीब एक किलो हेरोइन बरामद की थी. इसके बाद 17 फरवरी 2022 को बीएसएफ ने हेरोइन के साथ-साथ चीन में बनी एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 26 गोलियां बरामद की थीं. बीएसएफ जवानों ने फिरोजपुर सेक्टर से हथियार, गोला-बारूद करीब चार किलो हेरोइन बरामद की थी.

पकड़े जा चुके हैं हथियार और नशे की खेप
खुफिया सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने अब अपने काम करने का तौर तरीका बदल लिया है. वो पंजाब के नौजवानों को हेरोइन के साथ-साथ हथियार भी थमाने लगा है. ताकि उन्हें नशे के दलदल में फंसा कर आतंक के काम लिया जाए. यही वजह है कि हाल के दिनों में जितनी बार भी नशे की खेप पकड़ी गई है, साथ में हथियार भी पकडे गए हैं. पुलिस ने फरीदकोट में चार हथियारबंद बदमाशों को गिरफ्तार किया था. इनके पास से एक किलो हेरोइन के साथ चार पिस्टल और कारतूस भी मिले थे. इससे पहले जनवरी में भी बीएसएफ के सर्च ऑपरेशन में सरहदी इलाकों से 22 किलो हेरोइन के साथ पिस्तौल व कारतूस भी मिले थे. 

चीन में बने हथियार भारत भेज रहा है PAK
फिलहाल हालत ये है कि पंजाब गैंगस्टरों के हाथ में मौजूद ज्यादातर हथियार पाकिस्तान से ही आ रहे हैं. अब सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस को ही लीजिए. मूसेवाला की हत्या में एके-47 के अलावा कई विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हुआ और सूत्रों की मानें तो ये सभी के सभी हथियार कभी ना कभी तस्करी कर सरहद पार यानी पाकिस्तान से ही भारत लाए गए थे. सूत्र बताते हैं पाकिस्तान चीन में बने हथियार गड़बड़ी फैलाने के लिए भारत भेज रहा है और इसके पीछे पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने हरिंदर रिंदा का दिमाग काम कर रहा है.

लगातार मिल रही हैं नशे की खेप
वैसे अकेले पंजाब ही नहीं सरहदी सूबे राजस्थान में आईएसआई इसी तरीके से हथियार और नशे की खेप पहुंचाने में लगा है. इस काम में वो अपराधियों के साथ-साथ किसानों को भी पैसों का लालच देकर उनसे तस्करी में मदद ले रहा है. इसी साल अपैल से जून तक तस्करी के कई मामलों का खुलासा हुआ है. सिर्फ ढाई महीनों के अंदर पाकिस्तान बॉर्डर से लगे श्रीगंगानगर में 70 करोड़ की हेरोइन मिली है. 14 अपैल को राजस्थान के अनूपगढ़ से 20 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी गई थी. इसके बाद 1 जून को श्रीकरणपुर से फिर 25 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद हुई. 7 जून को गजपुर में 17 करोड़ रुपये के नशे की खेप मिली. ये भी हेरोइन थी. इसके बाद फिर 27 जून को श्रीकरणपुर से 10 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद हुई.

नौजवानों की रगों में ज़हर घोलने की साजिश
नशे की लगातार बरामद होती ये खेप बता रही है कि पाकिस्तान भारतीय नौजवानों के रगों में ज़हर घोलने के लिए कितना बेताब है और किस तरह वो लगातार रुपये, पैसे, हथियार और नशे से भारत और भारत के लोगों को टारगेट कर रहा है. आपको याद होगा कि पहले सरहद पार से पाइपों के जरिए तस्करी का खेल खेला जाता था, लेकिन हाल के कुछ सालों में ये सब ड्रोन से होने लगा है.

(आजतक ब्यूरो)

 

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