scorecardresearch
 

पंजाबः रसूखदार शराब माफियाओं पर हाथ डालने से कतरा रही कैप्टन सरकार!

प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलो ने प्रत्यक्ष रूप से किसी कांग्रेसी नेता का नाम नहीं लिया है, लेकिन आरोप लगाया कि जहरीली शराब कांड में शामिल लोगों को राज्य सरकार का संरक्षण हासिल है.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फोटो-आजतक) पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फोटो-आजतक)

  • विपक्ष और कांग्रेस नेताओं के निशाने पर कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार
  • सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने अपनी ही सरकार को किया कटघरे में खड़ा
  • अकाली दल का आरोप-जहरीली शराब बेचने वालों को सरकार का संरक्षण

पंजाब में जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा 112 तक पहुंच गया है. रसूखदार शराब माफियाओं पर एक्शन को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार न केवल विपक्ष बल्कि अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर भी आ गई है. कैप्टन अमरिंदर सिंह के धुर राजनीतिक विरोधी और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलो ने जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच को लेकर पंजाब के राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंप कर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया.

हालांकि प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलो ने प्रत्यक्ष रूप से किसी कांग्रेसी नेता का नाम नहीं लिया है, लेकिन आरोप लगाया कि जहरीली शराब कांड में शामिल लोगों को राज्य सरकार का संरक्षण हासिल है. बाजवा ने कहा कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच चाहते हैं और अगर राज्य सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई करने में विफल रही तो वह पार्टी हाईकमान और यहां तक कि केंद्र सरकार के सामने भी इस मामले को उठाएंगे.

'कार्रवाई से गुरेज'

असल में, जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है. विपक्षी पार्टी अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य में अवैध शराब बनाने और बेचने का धंधा भ्रष्ट पुलिस, आबकारी और कांग्रेसी नेताओं की मिलीभगत से चल रहा है. अकाली दल के महासचिव और प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले में गठित एसआईटी दिखावा है.

पंजाब में जहरीली शराब पीने से अब तक 86 लोगों की मौत, 18 गिरफ्तार

चीमा ने कहा कि सरकार शराब माफियाओं, उनसे जुड़े मंत्रियों, विधायकों और दूसरे लोगों पर हाथ डालने से कतरा रही है. इसलिए अभी तक सिर्फ छुटभैये नेताओं और गली मोहल्लों में अवैध शराब बेचने वालों को ही गिरफ्तार किया गया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनीत जोशी ने आरोप लगाया कि अमृतसर पुलिस ने जहरीली शराब पीकर मरने वाले लोगों के मामले को दबाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि शुरुआती मामले सामने आने के एक हफ्ते तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

मुख्यमंत्री का रुख सख्त

वहीं पंजाब में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सख्त रुख अपनाया है. इस मामले में सोमवार को और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें दो व्यापारी भी शामिल हैं. इनमें एक व्यापारी लुधियाना का रहने वाला है जो पेंट के कारोबार से जुड़ा हुआ है. मुख्यमंत्री ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को निर्देश दिया कि वे मामले में शामिल हर एक व्यक्ति पर नज़र रखने और उसे पकड़ने के लिए पुलिस बल की पूरी ताकत लगा दें. प्रत्येक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तेज़ी से कदम बढ़ाएं. सीएम ने कहा कि किसी को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए.

पंजाब जहरीली शराबः 100 ठिकानों पर छापे, 25 गिरफ्तार, केजरीवाल बोले- CBI जांच हो

कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि यहां तक कि पंजाब पुलिस ने लापरवाही के लिए निलंबित किए गए 2 डीएसपी और चार एसएचओ के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है. मुख्यमंत्री द्वारा दी गई मजिस्ट्रियल जांच के आदेश में सभी संदिग्धों की संलिप्तता की जांच की जा रही है. साथ ही 6 पुलिस और 7 आबकारी एवं कराधान अधिकारियों के निलंबन का आदेश दिया गया है.

पुलिस का एक्शन

-पुलिस कार्रवाई के दौरान लुधियाना में एक अवैध शराब की डिस्टलरी नष्ट की गई. वहां से दो लाख लीटर कच्ची शराब, 1612 लीटर अवैध देसी शराब और 4606 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई है.

-बीते रविवार को लुधियाना के लाडोवाल थाने के अंतर्गत सतलुज दरिया के किनारे पर चल रही शराब की भट्टी को नष्ट किया गया. वहां से 50,000 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई.

-तरनतारन में ब्लॉक कांग्रेस नेता मेजर सिंह को गिरफ्तार किया गया है और उनके घर से 2,36000 मिलीलीटर शराब, 3150 लीटर कच्ची शराब, चालू भट्टी और एक वाहन जब्त किया गया है.

-फरीदकोट के जैतो में अवैध शराब बनाने और बेचने के आरोप में एक पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह को गिरफ्तार किया गया है. इसके कब्जे से एक क्विंटल लाहन, 20 बोतल अवैध शराब और शराब बनाने की एक अवैध भट्टी बरामद की गई है.

-अमृतसर जिला में अवैध शराब का कारोबार चला रहे 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से 10 हज़ार लीटर लाहन बरामद की गई है. बठिंडा में भी छापेमारी के दौरान 250 लीटर शराब और 500 लीटर लाहन बरामद की गई है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें