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विजयवाड़ा हादसा: होटल में चिल्लाते रहे लोग, नहीं बजी खतरे की घंटी, फिर डर से नीचे कूदे

विजयवाड़ा के इस कोविड केयर सेंटर में आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल में लगी था. धुएं के कारण कोविड -19 केयर सेंटर में भर्ती रोगियों में चीख-पुकार मच गई. वहीं डर के कारण कुछ लोग इमारत की पहली मंजिल से कूद गए.

होटल में आग लगने के बाद कई लोग कूद गए (फोटो-AP) होटल में आग लगने के बाद कई लोग कूद गए (फोटो-AP)

  • अस्पताल ने नहीं ली थी NOC
  • फायर डिपार्टमेंट ने पाई खामियां
  • अस्पताल और होटल प्रबंधन पर केस
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक होटल में आग लगने से रविवार को 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि इस होटल को कोविड केयर सेंटर के रूप में तब्दील किया गया गया था. इस कोविड अस्पताल में 40 लोगों का इलाज किया जा रहा था.

इस मामले में अस्पताल और होटल प्रबंधन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. बता दें कि होटल स्वर्ण पैलेस को एक स्थानीय निजी अस्पताल रमेश हॉस्पिटल ने कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए कोविड केयर सेंटर के रूप में तब्दील कर दिया था.

होटल प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया

फायर सेफ्टी डायरेक्टर जयराम नायक ने कहा कि होटल प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है. वक्त पर कार्रवाई न करने के लिए सरकारी अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं.

पढ़ें- आंध्र: कोविड केयर सेंटर में आग से मरने वालों की संख्या 9 हुई, पीएम मोदी ने जताया दुख

बजा नहीं अलार्म बेल, चीखते रहे लोग

फायर डायरेक्टर जयराम नायक ने कहा, "आग के वक्त अलार्म बेल बजी ही नहीं और लोग चिल्लाते रह गए. जांच शुरू कर दी गई है और नतीजों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई होगी. इसके अलावा होटल का पिछला दरवाजा खोलने में भी देरी हुई.

अग्निशमन विभाग का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने इस होटल को कोविड केयर में तब्दील करने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया था.

डर के मारे कूदे कई लोग

आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल में लगी था. धुएं के कारण कोविड -19 केयर सेंटर में भर्ती रोगियों में चीख-पुकार मच गई. वहीं डर के कारण कुछ लोग इमारत की पहली मंजिल से कूद गए.

सीएम ने दिए घटना के जांच के आदेश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं. सीएम ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 50 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है.

राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस हादसे में झुलसे लोगों को अच्छा इलाज दिया जाए और भविष्य में किसी भी अस्पताल में ऐसा हादसा न हो, इसके इंतजाम किए जाएं.

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